सदर अस्पताल प्रसव के लिए जाएं, तो कंबल साथ रखें

Updated at : 04 Jan 2016 3:30 AM (IST)
विज्ञापन
सदर अस्पताल प्रसव के लिए जाएं, तो कंबल साथ रखें

स्वास्थ्य कर्मियों की मनमानी से मरीजों का ठंड मेें हाल बेहाल सरकारी फरमान के बावजूद अधिकारी बेपरवाह शेखपुरा : सदर अस्पताल में प्रसव के लिए आने वाले कंबल रजाई साथ लावें. कंबल या रजाई नहीं रहने पर प्रसूता के साथ-साथ उसके साथ आने वाले परिजनों को ठिठुर कर रात गुजारनी पड़ेगी. सदर अस्पताल के प्रसूता […]

विज्ञापन

स्वास्थ्य कर्मियों की मनमानी से मरीजों का ठंड मेें हाल बेहाल

सरकारी फरमान के बावजूद अधिकारी बेपरवाह
शेखपुरा : सदर अस्पताल में प्रसव के लिए आने वाले कंबल रजाई साथ लावें. कंबल या रजाई नहीं रहने पर प्रसूता के साथ-साथ उसके साथ आने वाले परिजनों को ठिठुर कर रात गुजारनी पड़ेगी. सदर अस्पताल के प्रसूता वार्ड में ड्यूटी पर तैनात स्वास्थ्य कर्मियों के काहिली के कारण रात ठंड में गुजारनी पड़ रही है. सदर अस्पताल में हालांकि कंबल की कोई कमी नहीं है.
सदर अस्पताल के पहले तल्ले पर संचालित प्रसूता वार्ड में तीन कमरे हैं. एक प्रसव कक्ष है. यहां चिकित्सक के स्वास्थ्य कर्मी चौबीसों घंटे शिफ्ट में तैनात रहते हैं. ड्यूटी पर तैनात स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा दबंग किस्म के प्रसूता को पर्याप्त मात्रा में कंबल दिया जाता है, परंतु अधिकांश को यह मयस्सर नहीं हो पाता है. प्रसव पीड़ा से कराह रही एक प्रसूता के परिजन ने जब कंबल की मांग की तो उसे बताया गया कि कंबल आपूर्ति का काम एक एनजीओ के जिम्मे हैं, जो अभी कंबल नहीं दे रहा है.
बाद में परिजनों ने बाजार से कंबल की खरीदारी का प्रसूता को ठंड से बचाया, परंतु इस मामले पर जानकारी प्राप्त करने पर सदर अस्पताल प्रबंधक ने बताया कि जाड़े के दिनों में अस्पताल में भरती होने वाले इंडोर मरीजों को कंबल अस्पताल की तरफ से ही दिया जाता है. किसी भी इंडोर मरीज के अलावा प्रसूता कक्ष के लिए कंबल की पर्याप्त व्यवस्था है.
कंबल नहीं मिलने की शिकायत उन्हें प्राप्त नहीं हुई है. उन्होंने इस मामले में ध्यान दिये जाने की बात बतायी. उल्लेखनीय है कि संस्थागत प्रसव के तहत सुरक्षित प्रसव के लिए जिले के विभिन्न भागों से महिलाएं प्रसव के लिए सदर अस्पताल में आती है. क्षेत्र में कार्यरत आशा महिलाओं को सुरक्षित प्रसव के लिए सदर अस्पताल लेकर आती है.
संस्थागत प्रसव के लिए महिलाओं को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि के साथ-साथ आशा को भी प्रोत्साहन राशि दी जाती है तथा सुरक्षित प्रसव के बाद प्रसूती को 48 घंटे तक सदर अस्पताल में रखा जाता है तथा प्रसूता एवं उसके नवजात को सभी तरह से देखभाल की जाती है, परंतु एक अदद कंबल के लिए प्रसूताओं को ठंड में रात गुजारनी पड़ती है.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन