डकैती की घटना पुलिस के लिए बनी चुनौती
Updated at : 02 Sep 2016 6:17 AM (IST)
विज्ञापन

शिवहर : यो तो जिले में डकैतों व पुलिस के बीच वर्ष 2010 व 2011 से चल रहा है. किंतु धीरे धीरे इसके ग्राफ में काफी कमी आ गयी थी. करीब 10 माह के बाद डकैतों ने फिर से घटना को अंजाम दिया है. जो पुलिस के लिए चुनौती है. हालांकि इस घटना के बाद […]
विज्ञापन
शिवहर : यो तो जिले में डकैतों व पुलिस के बीच वर्ष 2010 व 2011 से चल रहा है. किंतु धीरे धीरे इसके ग्राफ में काफी कमी आ गयी थी. करीब 10 माह के बाद डकैतों ने फिर से घटना को अंजाम दिया है. जो पुलिस के लिए चुनौती है.
हालांकि इस घटना के बाद लोगों ने सनसनी है. वर्ष 2015 में करीब चार डकैती की घटनाएं मुख्य रूप से घटित हुई थी. जिसमें 14 मार्च 2015 को रेवसिया गांव में राम विलास महतो के घर डकैतों ने घटना को अंजाम दिया था. जबकि 17 मार्च 2015 को सुगिया कटसरी गांव में सेवानिवृत दारोगा दिवेश झा के घर डकैतों ने घटना को अंजाम दिया था. वही 14 मई 2015 को कुशहर में सेवानिवृत्त शिक्षक रूप नारायण मिश्र के घर पर धावा बोलकर डकैतों ने करीब तीन लाख से अधिक की संपत्ति लूट ली थी.
उसके बाद तरियानी थाना क्षेत्र के हिरौता गांव में स्वर्ण व्यवसायी हीरा लाल साह के घर में डकैतों ने डकैती की घटना को अंजाम दिया था. जिसमें करीब चार व्यक्ति को डकैतों ने घायल कर दिया था.
करीब 10 माह के बाद डकैतों ने फिर से सिर उठाना शुरू कर दिया है. गढ़वा की घटना पुलिस के लिए चुनौती है. पुलिस अगर इस कांड के उद्भेदन में शीघ्र कामयाब हो गयी. तो लोगों सुरक्षा को लेकर पुलिस के प्रति विश्वास की डोर दोहरी मजबूत हो सकेगी.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




