कालाजार के 80 प्रतिशत मरीज बिहार में
Updated at : 27 Mar 2015 8:29 AM (IST)
विज्ञापन

पुपरी : स्थानीय पीएचसी में कालाजार उन्मूलन कार्यक्रम के तहत प्रभारी डॉ सुरेंद्र कुमार की अध्यक्षता में आशा का एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें पुपरी एवं चोरौत प्रखंड के आशा कार्यकर्ताओं को कालाजार उन्मूलन के लिए डीडीटी छिड़काव के बारे में जानकारी दी गयी. बताया गया कि कालाजार एक घातक बीमारी है. […]
विज्ञापन
पुपरी : स्थानीय पीएचसी में कालाजार उन्मूलन कार्यक्रम के तहत प्रभारी डॉ सुरेंद्र कुमार की अध्यक्षता में आशा का एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें पुपरी एवं चोरौत प्रखंड के आशा कार्यकर्ताओं को कालाजार उन्मूलन के लिए डीडीटी छिड़काव के बारे में जानकारी दी गयी.
बताया गया कि कालाजार एक घातक बीमारी है. यह बीमारी आम तौर पर ग्रामीण क्षेत्रों के वैसे लोगों को होती है जो झोपड़ियों व कच्चे घरों में रहते हैं. साथ ही घरों के आस-पास मवेशियों को रखते है. कालाजार का 80 प्रतिशत मरीज सिर्फ बिहार के होते है. खास तौर पर दलित व महादलित समुदाय के लोग इस बीमारी से प्रभावित होते है. बताया गया कि कालाजार बालू मक्खी के काटने से होती है.
बालू मक्खी को समाप्त करने का एक मात्र तरीका है डीडीटी का पूरे घर में छिड़काव. मौके पर डा अरुण वर्मा, अस्पताल प्रबंधक मनोज कुमार, केवीएस दीपक कुमार, एनआरजेना व केयर इंडिया के रोहित रैना मौजूद थे.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




