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हर घर पोषण व्यवहार नारे के साथ मनेगा पोषण माह सितंबर

Updated at : 01 Sep 2019 5:31 AM (IST)
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हर घर पोषण व्यवहार नारे के साथ मनेगा पोषण माह सितंबर

ऊपरी आहार होगी इस बार की थीम शिवहर : पोषण स्तर में सुधार कर स्वस्थ एवं खुशहाल जीवन की परिकल्पना साकार की जा सकती है. इसको ध्यान में रखते हुए सितंबर माह को पोषण माह के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है. इस दौरान जिला, परियोजना एवं आंगनबाड़ी केंद्र स्तर पर विभिन्न गतिविधियों […]

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ऊपरी आहार होगी इस बार की थीम

शिवहर : पोषण स्तर में सुधार कर स्वस्थ एवं खुशहाल जीवन की परिकल्पना साकार की जा सकती है. इसको ध्यान में रखते हुए सितंबर माह को पोषण माह के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है.

इस दौरान जिला, परियोजना एवं आंगनबाड़ी केंद्र स्तर पर विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा. इसको लेकर आइसीडीएस निदेशक आलोक कुमार ने सभी जिलाधिकारियों को पत्र लिखकर विस्तार से निर्देश दिया है. हर घर पोषण त्योहार एवं हर घर पोषण व्यवहार’ के नारे के साथ सितंबर माह को पोषण माह के रूप में मनाया जाएगा.

इस दौरान होने जिला स्तर से लेकर सामुदायिक स्तर पर आयोजित की जाने वाली गतिविधियों के संबंध में सभी जिलों को निर्देशित किया गया है. साथ ही इसके बेहतर क्रियान्वयन के लिए राज्य स्तर से लेकर प्रखंड स्तर पर अनुश्रवण की भी व्यवस्था की गयी है.

पिछले वर्ष प्रधानमंत्री द्वारा पोषण अभियान की शुरुआत की गयी थी एवं सितंबर माह को पोषण माह के रूप में मनाया गया था. इसी क्र म में इस वर्ष भी सितंबर माह को पोषण माह के रूप में मनाया जाएगा.ऊपरी आहार इस वर्ष की थीम होगी. बताया जाता है कि छह माह से लेकर दो साल तक के बच्चों के संपूर्ण मानिसक एवं शारीरिक विकास के लिए छह माह के बाद स्तनपान के साथ ऊपरी आहार की उपयोगिता बढ़ जाती है.

लेकिन अनुपूरक आहार के आंकड़ें इस पर अधिक बल देने की जरूरत को उजागर करता है. राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-4 के अनुसार बिहार में 54.5 प्रतिशत शिशुओं में छह माह के बाद अनुपूरक आहार की शुरुआत हो पाती है. जबकि सीतामढ़ी में केवल 30.9 प्रतिशत शिशु ही छह माह के बाद अनुपूरक आहार की शुरुआत कर पाते हैं.

जिला कार्यक्रम पदाधिकारी सुचेता कुमारी ने बताया कि पोषण माह के दौरान जिला, परियोजना एवं आंगनबाड़ी केंद्र स्तर पर विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा. इस दौरान गर्भवती, धात्री माताएं, किशोर-किशोरियों एवं छह माह से लेकर दो साल तक के बच्चों के पोषण में सुधार लाने का विशेष प्रयास किया जाएगा.

बताया गया कि इस पोषण माह के दौरान आयोजित होने वाली गतिविधियों में आइसीडीएस के साथ स्वास्थ्य, शिक्षा, पंचायती राज, ग्रामीण विकास(जीविका), लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण, कृषि, नेहरू युवा केंद्र एवं महादलित विभाग भी सहयोग करेंगे.साथ ही जिलों में कार्यरत जिला समन्वयक, जिला परियोजना सहायक, स्वस्थ भारत प्रेरक, पीरामल फाउंडेशन, केयर इंडिया एवं यूनिसेफ के कर्मी भी पोषण माह को सफल बनाने में योगदान देंगे.

सामुदायिक गतिविधियों से पोषण पर जागरूकता : डीपीओ ने बताया कि पोषण माह के दौरान सामुदायिक स्तर पर आयोजित की जाने वाली विभिन्न गतिविधियों का विशेष आयोजन किया जाएगा. जिसमें अन्नप्राशन दिवस, गोदभराई एवं प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा दिवस के आयोजन मुख्य रूप से शामिल होंगे.

सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर निकाली जायेगी प्रभातफेरी: पोषण पर समुदाय को जागरूक करने के लिए प्रभात फेरी एक सशक्त माध्यम होता है. इसे ध्यान में रखते हुए सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर प्रभात फेरी का आयोजन किया जाएगा. जिसमें आंगनबाड़ी सेविका, सहायिका, आशा, स्वयं सहायता समूह की महिलाएं, बच्चे, किशोर एवं पंचायती राज के सदस्य प्रतिभागी करेंगे.

गृह भ्रमण पर होगा बल: आंगनबाड़ी सेविका अपने-अपने पोषक क्षेत्र में पूर्व नियोजित घरों का भ्रमण करेंगी.

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