शराबबंदी के बाद वार्षिक औसत अपराध के ग्राफ में आयी गिरावट
Updated at : 06 Jan 2018 4:48 AM (IST)
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शिवहर : समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में एसपी प्रकाश नाथ मिश्र की अध्यक्षता में आयोजित मासिक अपराध गोष्ठी में विभिन्न कांडों की समीक्षा की गयी. इस दौरान बताया गया कि शराब बंदी के बाद अापराधिक घटनाओं में जहां कमी आयी है. वही शराब बंदी के बाद वार्षिक अपराध के औसत आंकड़ों के अनुसार सांप्रदायिक व […]
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शिवहर : समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में एसपी प्रकाश नाथ मिश्र की अध्यक्षता में आयोजित मासिक अपराध गोष्ठी में विभिन्न कांडों की समीक्षा की गयी.
इस दौरान बताया गया कि शराब बंदी के बाद अापराधिक घटनाओं में जहां कमी आयी है. वही शराब बंदी के बाद वार्षिक अपराध के औसत आंकड़ों के अनुसार सांप्रदायिक व नक्सली घटनाओं की स्थिति शून्य रही है. पुलिस द्वारा दिये गये शराब बंदी के पूर्व के वर्षों का औसत अपराध आंकड़ों में बताया गया कि शराब बंदी के पूर्व औसत हत्या की घटना 17 के विरुद्ध शराब बंदी के बाद औसत अपराध की घटना का आंकड़ा नौ है. जिसके अनुसार हत्या की घटनाओं में 88.8 प्रतिशत की गिरावट हुई है. जबकि डकैती की औसत आठ घटनाओं के विरुद्ध शराब बंदी के बाद औसत आंकड़ा 1.5 पर पहुंच गयी.
इसमें 433.3 प्रतिशत की गिरावट हुई है. जबकि लूट की शराब बंदी के पूर्व औसत छह घटनाओं के विरुद्ध शराब बंदी के बाद औसत आंकड़ा 4.5 पर पहुंच गयी है. इसमें 33.3 प्रतिशत की गिरावट हुई है.
गृहभेदन की शराब बंदी के पूर्व वार्षिक अपराध की औसत स्थिति 14 रही. जिसके विरुद्ध शराब बंदी के बाद वार्षिक औसत अपराध का आंकड़ा सात पर पहुंच गयी है. जिसके अनुसार अपराध में 100 प्रतिशत की औसत गिरावट हुई है. शराब बंदी के पूर्व वार्षिक अपराध की औसत 55 घटनाएं हुई. जिसके विरुद्ध शराब बंदी के बाद औसत वार्षिक अपराध का आंकड़ा 36 पर पहुंच गया. जिसके अनुसार अपराध में 52.7 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गयी. अपहरण की औसत स्थिति शराब बंदी के पूर्व 23 के विरुद्ध शराब बंदी के बाद औसत 21 रही. इसमें 9.5 प्रतिशत की औसत गिरावट की स्थिति रही है. शराब बदी के पूर्व वार्षिक औसत अपराध का आंकड़ा 2 था. जबकि शराब बंदी के बाद स्थिति शून्य रही. इसमें 200 प्रतिशत की गिरावट हुई. जबकि नक्सली कांड शराब बंदी के पूर्व का औसत आंकड़ा 3 था. जबकि शराब बंदी के बाद वार्षिक अपराध का औसत आंकड़ा शून्य है.
इसके अनुसार अपराध के औसत आंकड़ों में 3सै प्रतिशत की गिरावट हुई है. बैठक में शराब बंदी के बाद की गयी कार्रवाई की समीक्षा के क्रम में बताया गया कि वर्ष 2017 में कुल 109 कांड दर्ज किये गये. 179 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया. वहीं 680.703 लीटर शराब बरामद की गयी. वही 150 ग्राम गांजा भी बरामद किया गया.
बताया गया कि माह दिसंबर में कुल 19 कांड दर्ज किये गये. वही 31 व्यक्ति गिरफ्तार किये गये. वही 83.1 लीटर देशी शराब, 33.120 लीटर विदेशी शराब व 250 गांजा की बरामदगी हुई है. वाहन चेकिंग के दौरान कूल आठ लाख 65 हजार नौ सौ चौरानवे रुपये की राशि वसूल की गयी.
पुलिस की 2018 की कार्ययोजना प्रस्तुत
बैठक में वर्ष 2018 के कार्ययोजना की प्रस्तुति की गयी. बताया गया कि वर्ष 2018 में सभी अधूरे थाना भवन का निर्माण संबंधित पदाधिकारी से मिलकर पूरा कराया जायेगा. पुलिस निरीक्षक कार्यालय के लिए भूखंड व भवन निर्माण, हिरम्मा थाना व तरियानी छपड़ा थाना के लिए भूखंड की उपलब्धता के साथ फतहपुर में नक्सल थाना के स्थापना के लिए सकारात्मक कार्य पुलिस करेगी. पुलिस केंद्र में नौ भवनों के निर्माण, डीएम व सीएस के सहयोग से पोस्टमार्टम का कार्य शिवहर में शुरू कराने की भी पुलिस की वर्ष 2018 में योजना है. धनकौल व माली पोखरभिंडा, लालगढ़ में संबंधित थाना का पुलिस नियंत्रण केंद्र स्थापित किया जायेगा. दहेज उन्मूलन, बाल विवाह रोकथाम व शराब बंदी पर समाज के साथ मिलकर कार्य करना, थानों को आम आदमी की बुनियादी जरूरतों के अनुसार संसाधनों से लैस करना, वर्ष 2015 के सभी कांडों का निष्पादन, नगर पंचायत व एसडीओ के सहयोग से नगर को अतिक्रमण मुक्त बनाना, व्यवसायियों की सुरक्षा को व्यावसायिक सुरक्षा गश्ती दल क्रियाशील करना आदि पुलिस के कार्य योजना में शामिल है. गोष्ठी में एसडीपीओ प्रितीश कुमार, मुख्यालय डीएसपी जगदानंद ठाकुर समेत कई मौजूद थे.
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