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बिहार शताब्दी नलकूप से नहीं आता पानी

Updated at : 14 Dec 2017 5:09 AM (IST)
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बिहार शताब्दी नलकूप से नहीं आता पानी

कार्यालयों का चक्कर लगा कर थक गये किसान, नहीं मिल रहा अनुदान पुपरी : प्रखंड क्षेत्र में लघु सिंचाई विभाग द्वारा किसानों के हित में चलायी जा रही बिहार शताब्दी नलकूप योजना खानापूर्ति मात्र बन कर रह गयी है. प्रभात खबर पड़ताल में यह बात सामने आयी है कि बिहार शताब्दी नलकूप योजना के तहत […]

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कार्यालयों का चक्कर लगा कर थक गये किसान, नहीं मिल रहा अनुदान

पुपरी : प्रखंड क्षेत्र में लघु सिंचाई विभाग द्वारा किसानों के हित में चलायी जा रही बिहार शताब्दी नलकूप योजना खानापूर्ति मात्र बन कर रह गयी है.
प्रभात खबर पड़ताल में यह बात सामने आयी है कि बिहार शताब्दी नलकूप योजना के तहत प्रखंड क्षेत्र के हरदिया, भीट्ठा धरमपुर, बलहा मकसूदन, बौरा वाजितपुर, आवापुर उत्तर व दक्षिण व झझिहट पंचायत समेत अन्य गांवों के कुल 18 किसानों ने वित्तीय वर्ष 2015-16 में आवेदन दिया था, जिसके आलोक में जांच के बाद बीडीओ ने उक्त किसानों को नल कूप लगाने की परमिट निर्गत किया.
दुखद यह कि अब तक किसानों को अनुदान की राशि का भुगतान नहीं हो सका है. विभागीय लापरवाही के चलते किसानों को अनुदान की राशि के लिए विभागीय कार्यालय का चक्कर लगा रहा है. यहां बता दें कि उक्त योजना के तहत आवेदन कि प्रक्रिया काफी जटिल रहा है. इसका मुख्य कारण यह है कि योजना का संचालन लघु सिंचाई विभाग के द्वारा व आवेदन प्रखंड कृषि विभाग के कार्यालय में जमा लिया जाता है व वहां से अनुशंसा के बाद आवेदन बीडीओ के पास भेज दिया जाता है. बीडीओ के स्तर से जांच के बाद परमिट निर्गत किया जाता है. इस जटिल प्रक्रिया के चलते कोई खास विभाग द्वारा जिम्मेदारी नहीं ली जाती है.
जटिल प्रक्रिया के चलते नहीं करते आवेदन : प्रखंड के डुम्हारपट्टी निवासी व किसान नवीन चौधरी, मनोज कुमार चौधरी, रणधीर चौधरी व बौरा के गुलाब ठाकुर समेत अन्य ने बताया कि एक साल पूर्व से बोरिंग लगाने की इच्छा है, पर आवेदन की जटिल प्रक्रिया के चलते हिम्मत नहीं जुटा पाते हैं.
इसी प्रकार से लाभुक किसान में शामिल व बौड़ा निवासी ललितेश्वर ठाकुर, झझिहट के उमा देवी, आवापुर उत्तर के महेश्वर राय, मो अमजद अली, इंद्रदेव राय, आवापुर दक्षिण के मो अंसार, रामनगर बेदौल के राजाराम महतो, इदल राय, हरदिया के राम प्रयोजन प्रसाद, चुल्हाई यादव, बलहा मकसूदन के नागेंद्र राय, स्नेही राय, कमलेश राय, विनोधी राय, राम सेवक साह, धरमपुर के अशोक चौधरी, हरिहरपुर के मायाशंकर सिंह व कपिल कुमार सिंह ने बताया कि बोरिंग लगाने की प्रक्रिया इतनी जटित है कि कार्यालय का चक्कर लगाते-लगाते चप्पल घिस जाता है.
अधिकतम अनुदान 35 हजार
बताया गया कि बिहार शताब्दी नलकूप योजना के तहत किसानों को 70 मीटर की गहराई तक के बोरिंग के लिए 15000 रुपये, उससे अधिक गहराई के बोरिंग के लए 82.50 रुपये प्रति फीट व अधिकतम 35 हजार अनुदान देय है. स्थानीय गोशाला के सदस्य रणजीत कुमार मुन्ना ने बताया कि लघु सिंचाई विभाग के कार्यालय से ठोस जानकारी नहीं मिल पाती है. सीतामढ़ी व मुजफ्फरपुर दोनों जिले के प्रभार में रहने के चलते कार्यपालक अभियंता अक्सर कार्यालय से अनुपस्थित रहते हैं.
कहा कि खेतीबाड़ी के निमित्त बोरिंग का आवेदन करने के लिए वे विगत कई सप्ताह से जिला कृषि कार्यालय व लघु सिंचाइ विभाग के कार्यालय से संपर्क कर आवेदन देते की कोशिश, पर सफलता नहीं मिली. यहां तक कि न अधिकारी से मुलाकात हुई न आवेदन फार्म मिल पाया.
विभाग को भेजा है पत्र
प्रभारी बीडीओ सह सीओ लवकेश कुमार ने बताया कि लघु सिंचाई प्रमंडल, सीतामढ़ी को पत्र भेज कर किसानों के अनुदान की राशि का भुगतान शीघ्र करने का आग्रह किया गया है.
लवकेश कुमार, प्रभारी बीडीओ सह सीओ
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