आज नहाय-खाय के साथ शुरू होगा पर्व

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 24 Oct 2017 1:17 AM

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महापर्व छठ. परदेस से लौटने लगे लोग, कद्दू 40 से 70 रुपये तक बिका शिवहर : सूर्य उपासना के महान पर्व छठ नहाय-खाय के साथ 24 अक्तूबर से शुरू हो रहा है. जिसको लेकर व्रतियों द्वारा तैयारी युद्ध स्तर पर की जा रही है. परदेस में रह रहे लोगों का घर लौटने के सिलसिला सोमवार […]

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महापर्व छठ. परदेस से लौटने लगे लोग, कद्दू 40 से 70 रुपये तक बिका

शिवहर : सूर्य उपासना के महान पर्व छठ नहाय-खाय के साथ 24 अक्तूबर से शुरू हो रहा है. जिसको लेकर व्रतियों द्वारा तैयारी युद्ध स्तर पर की जा रही है.
परदेस में रह रहे लोगों का घर लौटने के सिलसिला सोमवार तक जारी रहा. इधर नहाय-खाय को लेकर सब्जी बाजार में रौनक रही. नहाय-खाय के दिन व्रती कद्दू का प्रयोग भोजन में करते हैं. जिसके कारण कद्दू के दाम में बढ़ोतरी देखी गयी. स्थानीय गुदरी बाजार में कद्दू 40 से 70 रुपये प्रति पिस बिका. जबकि गोभी 60 से 80 रुपये प्रति किलो.
परवल 60 रुपये प्रति किलो, मूली 20 रुपये प्रति किलो, वैगन 40 रुपये प्रति किलो तक बिका.प्याज के दाम में भी उछाल देखा गया.प्याज 40 से 45 रुपये प्रति किलो बिका. जबकि गुड़ के दाम पूर्व की तरह 40 से 45 रुपये किलो पर सिमटा रहा. सोमवार को एक ओर सब्जी बाजार में भीड़ रही. वही गांधी चौक से गुदरी बाजार तक सड़क जाम की स्थिति भी उत्पन्न होती रही.
बैरगनिया में नदी घाटों की सफाई तेज: बैरगनिया: आस्था के महापर्व छठ की तैयारी नगर व ग्रामीण क्षेत्र में जोरों से चल रहा है. सोमवार को लालबकेया नदी के आफिस घाट, नगर के पटेल टोला स्थित तालाब, थाना रोड स्थित तालाब, बनवारी लाल धर्मशाला घाट व ब्लॉक के पास बने तालाब के किनारे छठ घाट की सफाई व निर्माण किया गया. कई घाटों को सजाने के लिये नगर पंचायत की ओर से कर्मियों को तैनात किया गया है. नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी मीरा कुमारी ने खुद छठ घाटों का निरीक्षण किया. वहीं निर्माण व सफाई कार्यों का जायजा लिया. मौके पर उपमुख्य पार्षद पति रामाशीष राय समेत अन्य मौजूद थे.
पोखर बदहाल, व्रतियों की बढ़ी परेशानी: सुरसंड . सुतिहारा चौक स्थित पोखर की साफ-सफाई नहीं होने के चलते इस बार दर्जनों छठ व्रतियों के समक्ष अर्घ्य देने की समस्या उत्पन्न हो गयी है. पूरे पोखर में जलकुंभी फैला हुआ है.
उक्त पोखर का आधा से अधिक भू-भाग सुरसंड प्रखंड में तो कुछ हिस्सा परिहार प्रखंड में पड़ता है. गत वर्ष कुम्मा पंचायत के मुखिया बबिता देवी द्वारा छठ पर्व के लिए अपने निजी कोष से पोखर की साफ सफाई कराये जाने के बाद लोगों का छठ हो सका था. मुखिया ने पोखर की साफ-सफाई इस आशा और उम्मीद से करायी थी कि व्यय की गयी राशि का भुगतान सरकारी स्तर पर किया जाएगा. लेकिन ऐसा कुछ हुआ नहीं. उक्त पोखर दरभंगा महाराज की है. पोखर के पश्चिम भाग में भगवान राम जानकी का सैकड़ों वर्ष पुराना मंदिर है.
मंदिर के पुजारी परिहार प्रखंड के अदखन्नी गांव निवासी दयाकांत झा ने बताया कि किसी जमाने में इस पोखर में पाव धोना भी वर्जित था और लोग उक्त पोखर का पानी चरणामृत स्वरूप पीते थे. मान्यता के अनुसार आज भी लोग पूजा-पाठ के लिए उक्त पोखर से जल लेते हैं. स्थानीय लोगों ने बताया कि पोखर में विशालकाय मछलियां भी है, किन्तु जाल गिराना मनाही है. आज तक किसी मछुआरे द्वारा उक्त पोखर में जाल नहीं गिराया गया. किंतु स्थानीय लोगों की उदासीनता के चलते उक्त पोखर डबरा का रूप ले लिया है.
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