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ओडीएफ घोषित, लेकिन नहीं मिली लोगों को राशि

Updated at : 09 Sep 2017 6:08 AM (IST)
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ओडीएफ घोषित, लेकिन नहीं मिली लोगों को राशि

शिवहर : ओडीएफ वैरिया पंचायत में शौचालय निर्माण में अनियमितता की जांच व रिपोर्ट के अनुसार कार्रवाई को लेकर स्थानीय मुखिया रूब्बी देवी का अामरण अनशन शुक्रवार को दूसरे दिन भी जारी रहा. इस दौरान मेडिकल टीम ने उनकी जांच की. वही डीएम राजकुमार के प्रतिनिधि के रूप में एसडीओ आफाक अहमद ने उनसे मुलाकात […]

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शिवहर : ओडीएफ वैरिया पंचायत में शौचालय निर्माण में अनियमितता की जांच व रिपोर्ट के अनुसार कार्रवाई को लेकर स्थानीय मुखिया रूब्बी देवी का अामरण अनशन शुक्रवार को दूसरे दिन भी जारी रहा. इस दौरान मेडिकल टीम ने उनकी जांच की.

वही डीएम राजकुमार के प्रतिनिधि के रूप में एसडीओ आफाक अहमद ने उनसे मुलाकात कर डीएम का एक पत्र सौंपा व अनशन समाप्त करने की अपील की. पत्र में कहा गया है कि डीएम बीमार हैं. जिसके कारण स्वयं अनशन तुड़वाने उपस्थित नहीं हो सके हैं. उन्होंने पत्र में कहा है कि जांच टीम को 48 घंटे के अंदर प्रतिवेदन देने का निर्देश दिया गया था. किंतु अनशन के मद्देनजर जांच टीम को शुक्रवार की शाम तक रिपोर्ट सुपूर्द करने का निर्देश दिया गया है.
पत्र में 11 सितंबर तक दोषी के विरुद्ध विधि सम्मत कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है.
इधर डीएम के पत्र व एसडीओ के कार्रवाई के आश्वासन के बाद भी अामरण अनशन पर बैठी मुखिया अनशन तोड़ने को राजी नहीं हुई. मुखिया ने कहा कि जब तक दोषी के विरुद्ध कार्रवाई नहीं की जाती है. तब तक अनशन जारी रहेगा. बताते चलें कि बैरिया पंचायत में लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण प्रमंडल व पूर्व मुखिया द्वारा शौचालय निर्माण किये जाने में गड़बड़ी की जांच को वर्तमान मुखिया रूब्बी देवी के मांग पर डीएम ने 18 सदस्यीय कमेटी वरीय समाहर्ता नोडल पदाधिकारी अनिल कुमार दास को जांच पदाधिकारी नियुक्त किया था.
इसी बीच जांच अधिकारी को बाढ़ राहत कार्य की जिम्मेवारी सौंपी गयी. किंतु जांच में विलंब को लेकर मुखिया के अामरण अनशन पर बैठने बाद डीएम ने जांच पदाधिकारी श्री दास को बाढ़ राहत कार्य से मुक्त करते हुए सात सितंबर को एक पत्र देकर उन्हें शौचालय मामले से संबंधित जांच प्रतिवेदन 48 घंटे के अंदर देने का निर्देश दिया. मुखिया ने कहा कि प्रशासन जांच के आड़ में उन्हें गुमराह करना चाहती हैं. एक ओर जांच में विलंब किया जा रहा है. तो दूसरी ओर कुछ लोग नये शौचालय का निर्माण कर प्रशासनिक मिली भगत से मामले के लीपा पोती में लगे हैं.
कैसे तूल पकड़ा मामला: बैरिया पंचायत की वर्तमान मुखिया बताती हैं कि पंचायत के बहुत से घरों में शौचालय का अभाव है. जिसके कारण आज भी लोग खुले में शौच करते हैं. कहा जब वे वंचित लोगों के शौचालय निर्माण के लिए संबंधित पदाधिकारी के यहां पहुंची. तो पत्ता चला कि उन्हें शौचालय निर्माण के लिए न तो फूटी कौड़ी दी जा सकती है. वही किसी को शौचालय निर्माण के लिए अब प्रोत्साहन राशि भी नहीं दी जा सकती है. कारण कि उनके पंचायत को खुले में शौचमुक्त पंचायत घोषित किया जा चुका है.
इसके बाद वर्तमान मुखिया हतप्रभ रह गयी. कारण कि करीब 12 सौ घरों में आज भी शौचालय नहीं हैं. उन्होंने मामले के तह तक जाने का फैसला किया.तो चौंकाने वाले बात सामने आयी कि पंचायत में कुल 2771 घर है. जबकि सरकारी पैसा से 3538 घरों में शौचालय निर्माण की बात सामने आयी. ऐसे में करीब दो हजार शौचालय निर्माण की राशि के गबन का बात उन्हें नजर पड़ने लगी. वही करीब तीन करोड़ 67 लाख 80 हजार के अवैध राशि निकासी की बात का खुलासा होने लगा.
इस संबंध में पंचायत में कोई वाउचर उपलब्ध नहीं पाया गया. इसकी सूचना उन्होंने डीएम को करीब छह माह पहले दिया. किंतु अग्रतर कोई कार्रवाई नहीं होने पर आमरण अनशन पर बैठ गयी. अनशन कार्यक्रम के दौरान पूर्व विधायक अजीत कुमार झा, जदयू कला संस्कृति प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष उपेंद्र नारायण सिंह,अरूण सिंह, समशद आलम, सुभाष नंद सिंह,सुरेश कुमार सिंह,शिवशंकर सिंह, राजद के प्रखंड अध्यक्ष अनिल यादव, जिला बार एसोसिएशन के सचिव शिशिर कुमार,अध्यक्ष सतीश नंदन सिंह, जिला परिषद अध्यक्ष नीलम देवी ने अनशन पर बैठी मुखिया से मुलाकात कर उनका हाल जाना.
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