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बेलवा बांध की सुरक्षा में जुटा विभाग

Updated at : 18 Aug 2017 5:02 AM (IST)
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बेलवा बांध की सुरक्षा में जुटा विभाग

बाढ़ का कहर. बागमती नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी पर प्रशासन ने उठाया जरूरी कदम शिवहर : बागमती नदी में आये उफान के बाद जहां जिले के विभिन्न गांव में बाढ़ का पानी से लोग विस्थापित जिंदगी जीने को विवश हो गये हैं. इधर विभाग नदी के जल स्तर में कमी होने के बाद बोरा […]

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बाढ़ का कहर. बागमती नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी पर प्रशासन ने उठाया जरूरी कदम

शिवहर : बागमती नदी में आये उफान के बाद जहां जिले के विभिन्न गांव में बाढ़ का पानी से लोग विस्थापित जिंदगी जीने को विवश हो गये हैं.
इधर विभाग नदी के जल स्तर में कमी होने के बाद बोरा में मिट्टी भरकर बेलवा बांध पर जमा कर रहा है. ताकि भविष्य की परिस्थितियों से निपटा जा सके. बेलवा घाट पर विशेष संरचना निर्माण की सुरक्षा के लिये बनाये गये बांध के टूटने से बाढ़ का पानी बागमती नदी की पुरानी धारा के माध्यम से गांवों में प्रवेश कर गया. जिससे जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया. नदी के जल स्तर में गिरावट के बाद बागमती नदी के पुरानी धारा में पानी का बहाव कम हो गया है
.बेलवा घाट पर बाढ़ के पानी के कारण नरकटिया से बेलवा तक की सड़क ध्वस्त हो गया है सड़क नदी के अंदर चला गया है आवागमन की समस्या उत्पन्न हो गयी .बेलवा में बाढ़ पीड़ितों को मुहैया कराने के लिए पंचायत भवन में करीब 300 बोरा खाद्यान्न का भंडारण किया गया है. बागमती विशेष प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि वरीय पदाधिकारी के निर्देश के आलोक में बोरा में मिट्टी में बालू रखकर बांध पर जमा किया जा रहा है ताकि किसी भी परिस्थिति से निपटा जा सके. इधर बेलवा घाट की स्थिति है कि बांध कटाव से जर्जर हो चुकी है. जिसके कारण बाढ़ का दूसरा झोंका में सहने में बांध विफल हो सकती है .
इधर जिस बांध के टूटने से जिले में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हुई. उससे होकर फिलहाल पानी का बहाव नहीं हो रहा है .किंतु बताया जाता है कि नदी के जलस्तर में पुन: वृद्धि होने लगा. ऐसे में बाढ़ विकराल रूप धारण भी कर सकता है. इधर जिले के राहत कैंप में पदाधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों का आना जाना लगा रहा. लोग बाढ़ पीड़ितों की समस्याओं को निदान करने में जुटे रहे .
शिवहर : बागमती नदी में आये उफान के बाद जहां जिले के विभिन्न गांव में बाढ़ का पानी से लोग विस्थापित जिंदगी जीने को विवश हो गये हैं.
इधर विभाग नदी के जल स्तर में कमी होने के बाद बोरा में मिट्टी भरकर बेलवा बांध पर जमा कर रहा है. ताकि भविष्य की परिस्थितियों से निपटा जा सके. बेलवा घाट पर विशेष संरचना निर्माण की सुरक्षा के लिये बनाये गये बांध के टूटने से बाढ़ का पानी बागमती नदी की पुरानी धारा के माध्यम से गांवों में प्रवेश कर गया. जिससे जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया. नदी के जल स्तर में गिरावट के बाद बागमती नदी के पुरानी धारा में पानी का बहाव कम हो गया है .बेलवा घाट पर बाढ़ के पानी के कारण नरकटिया से बेलवा तक की सड़क ध्वस्त हो गया है सड़क नदी के अंदर चला गया है आवागमन की समस्या उत्पन्न हो गयी
.बेलवा में बाढ़ पीड़ितों को मुहैया कराने के लिए पंचायत भवन में करीब 300 बोरा खाद्यान्न का भंडारण किया गया है. बागमती विशेष प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि वरीय पदाधिकारी के निर्देश के आलोक में बोरा में मिट्टी में बालू रखकर बांध पर जमा किया जा रहा है ताकि किसी भी परिस्थिति से निपटा जा सके. इधर बेलवा घाट की स्थिति है कि बांध कटाव से जर्जर हो चुकी है. जिसके कारण बाढ़ का दूसरा झोंका में सहने में बांध विफल हो सकती है .
इधर जिस बांध के टूटने से जिले में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हुई. उससे होकर फिलहाल पानी का बहाव नहीं हो रहा है .किंतु बताया जाता है कि नदी के जलस्तर में पुन: वृद्धि होने लगा. ऐसे में बाढ़ विकराल रूप धारण भी कर सकता है. इधर जिले के राहत कैंप में पदाधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों का आना जाना लगा रहा. लोग बाढ़ पीड़ितों की समस्याओं को निदान करने में जुटे रहे .
तरियानी प्रतिनिधि के अनुसार प्रखंड के अधिकतर गांव बाढ़ से प्रभावित हो गये हैं. शिवहर- मुजफ्फरपुर सड़क में सरवरपुर के पास, सुमहुती बाजार ,कुशहर के पास बाढ़ का पानी सड़क से उपट कर बह रहा है . प्रखंड में माधोपुर छाता एवं निमाही गांव में राहत कैंप बनाया गया है .जहां प्रखंड विकास पदाधिकारी संजय कुमार सिंह अंचलाधिकारी विपिन कुमार बाढ़ पीड़ितों को खाना बनाकर खिला रहे हैं. इस दौरान दोनों पदाधिकारी एवं पदाधिकारी आफाक अहमद द्वारा बाढ़ पीड़ितों को खाना परोस कर खिलाया जा रहा है. मेडिकल टीम भी जहां राहत कैंपों पर बाढ़ पीड़ितों की सहायता करने में जुटी है .अंचलाधिकारी विपिन कुमार ने बताया कि पोझिंया,माधोपुर छाता एवं सरवरपुर में नाव उपलब्ध करा दिया गया है . कहा कि बेलिहया, माधोपुर छाता, सुरागही एवं विशंभर पुर गांव बाढ़ से अधिक प्रभावित है. इधर डुमरी कटसरी प्रतिनिधि के अनुसार प्रखंड विकास पदाधिकारी अरुण कुमार ने मकसूदपुर कराडिया पंचायत के विभिन्न इलाकों का दौरा कर बाढ़ पीड़ितों का हाल जाना .मौके पर प्रखंड प्रमुख प्रतिनिधि रूपेश कुमार सिंह समेत कई मौजूद थे.
बाढ़ क्षेत्र का किया दौरा: भारतीय जनता पार्टी शिवहर जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में बाढ़ से क्षतिग्रस्त क्षेत्र का दौरा किया व बाढ़ पीड़ित परिवार से मुलाकात की. जिसमें सरसौला खुर्द, चिमनपुर खैरवा, दर्प बेलबा, सुगीया कटसरी, बिसाही माली, पोखरभिंडा, अंबा उतरी, अंबा दक्षिणी नरकटिया, पिपराही और शिवहर प्रखंड के विभिन्न गांव का दौरा किया. प्रतिनिधि मंडल में संजीव पांडेय अनिल सिंह सांसद प्रतिनिधि राजेश कुमार राजू धर्मेंद्र पांडेय धीरज सिंह चौहान राम बहादुर गुप्ता जय प्रकाश जिलाध्यक्ष संजीव पांडेय ने प्रशासन से मांग किया कि किसान के फसल क्षतिग्रस्त हो गया है. उसका सही आकलन कर सरकार को रिपोर्ट भेज जिससे गरीब मजदूर किसान को उचित मुआवजा मिल सके.
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