सात दिनों तक टिकट मिलना नामुमकिन, गया से दिल्ली-मुंबई जाने वाली ट्रेनें फुल
Published by : Paritosh Shahi Updated At : 06 Mar 2026 6:53 PM
गया जंक्शन
Train Ticket: होली खत्म होते ही गया जंक्शन पर यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है. काम पर लौटने के लिए लोग दिल्ली, मुंबई और दूसरे शहरों की ओर जा रहे हैं, लेकिन ट्रेनों में कंफर्म टिकट मिलना मुश्किल हो गया है. कई प्रमुख ट्रेनों में लंबी वेटिंग लिस्ट चल रही है.
Train Ticket: होली का त्योहार समाप्त होते ही गया जंक्शन पर यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है. अपने गांव-घर में परिवार के साथ त्योहार मनाने के बाद अब बड़ी संख्या में लोग काम पर लौटने के लिए दूसरे शहरों की ओर रवाना हो रहे हैं. इस कारण शुक्रवार को गया स्टेशन पर यात्रियों का दबाव अचानक बढ़ गया.
प्लेटफॉर्म, टिकट काउंटर और स्टेशन पर सुबह से देर रात तक यात्रियों की भीड़ है. ऐसी स्थिति को देखते हुए रेलवे ने भी सुरक्षा और व्यवस्था के विशेष इंतजाम किये हैं. स्टेशन पर रेलवे अधिकारियों के साथ आरपीएफ की टीम तैनात की गयी है, ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके.
परदेस लौटने लगे लोग
होली बिहार के प्रमुख त्योहारों में से एक है. इस दौरान देश के विभिन्न राज्यों में काम करने वाले लाखों लोग घर लौटते हैं. त्योहार खत्म होते ही वही लोग फिर से अपने कामकाज के लिए दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, पंजाब, हरियाणा, गुजरात और दक्षिण भारत के शहरों की ओर रवाना हो रहे हैं. गया जंक्शन से बड़ी संख्या में मजदूर, कर्मचारी, छात्र और निजी कंपनियों में काम करने वाले लोग दूसरे राज्यों के लिए यात्रा कर रहे हैं.
टिकट कंफर्म नहीं मिलने से बढ़ी परेशानी
यात्रियों की संख्या अचानक बढ़ने के कारण ट्रेनों में कंफर्म टिकट मिलना मुश्किल हो गया है. गया जंक्शन से गुजरने वाली प्रमुख ट्रेनों में लंबी वेटिंग लिस्ट चल रही है. रेलवे के अनुसार, महाबोधि एक्सप्रेस, कालका एक्सप्रेस, दून एक्सप्रेस, जोधपुर-हावड़ा एक्सप्रेस, मुंबई मेल, पुरुषोत्तम एक्सप्रेस, नंदनकानन एक्सप्रेस, नीलांचल एक्सप्रेस और राजधानी एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनों में भारी भीड़ है. इन ट्रेनों के स्लीपर और एसी कोचों में अगले सात दिनों तक टिकट कंफर्म होने की संभावना बेहद कम है. मजबूरी में यात्रियों को वेटिंग टिकट या तत्काल के भरोसे यात्रा करनी पड़ रही है.
स्टेशन पर बढ़ायी गयी सुरक्षा
आरपीएफ सीनियर कमांडेंट दिनेश सिंह तोमर ने बताया कि भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गयी है. आरपीएफ और जीआरपी के जवान लगातार प्लेटफॉर्म और स्टेशन परिसर में गश्त कर रहे हैं. सीसीटीवी कैमरों से संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है. यात्रियों को कतार में लगाकर ट्रेन में चढ़ाया और उतारा जा रहा है.
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टिकट काउंटरों पर लंबी कतार
स्टेशन के टिकट काउंटरों पर तत्काल टिकट के लिए सुबह से ही लंबी कतारें लग रही हैं. ऑनलाइन टिकट बुकिंग में भी सर्वर पर दबाव के कारण यात्रियों को परेशानी हो रही है. रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुविधा के लिए अतिरिक्त टिकट काउंटर खोले गये हैं. उनका अनुमान है कि होली के बाद अगले एक सप्ताह तक गया जंक्शन पर यात्रियों की भीड़ इसी तरह बनी रह सकती है. रेलवे प्रशासन स्थिति पर नजर बनाये हुए है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त स्पेशल ट्रेनों की व्यवस्था की जायेगी ताकि यात्रियों को राहत मिल सके.
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By Paritosh Shahi
परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
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