पटना: मसौढ़ी अस्पताल को मिली बड़ी राहत, हड्डी रोग विशेषज्ञ की तैनाती; पोषण पुनर्वास केंद्र हटने पर बढ़ा विरोध

Updated:
विज्ञापन
मसौढ़ी अस्पताल: हड्डी विशेषज्ञ आए, NRC हटने से रोष

मसौढ़ी अनुमंडलीय अस्पताल में हड्डी रोग विशेषज्ञ की तैनाती से मरीजों को बड़ी राहत मिली है, वहीं पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) के पटना सिटी स्थानांतरण से लोगों में भारी रोष है. यह कदम कुपोषित बच्चों के इलाज पर क्या असर डालेगा, जानें.

विज्ञापन

Patna health News: मसौढ़ी अनुमंडलीय अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर एक ओर बड़ी उपलब्धि मिली है तो दूसरी ओर एक महत्वपूर्ण सुविधा हटाए जाने से नाराजगी बढ़ गई है. अस्पताल में हड्डी रोग विशेषज्ञ की तैनाती से मरीजों को राहत मिली है, जबकि पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) को पटना सिटी स्थानांतरित किए जाने के फैसले का विरोध शुरू हो गया है.

हड्डी रोग विशेषज्ञ की तैनाती से मरीजों को राहत

मसौढ़ी अनुमंडलीय अस्पताल में हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. सिजल रिवी की पदस्थापना कर दी गई है. लंबे समय से विशेषज्ञ चिकित्सक के अभाव में फ्रैक्चर और हड्डी संबंधी बीमारियों के मरीजों को इलाज के लिए पीएमसीएच समेत अन्य बड़े अस्पतालों का रुख करना पड़ता था. विशेषज्ञ चिकित्सक की तैनाती के बाद अब मसौढ़ी, धनरूआ, पुनपुन और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को स्थानीय स्तर पर ही बेहतर इलाज उपलब्ध हो सकेगा. इससे मरीजों के समय और आर्थिक खर्च दोनों में कमी आएगी.

सात सूत्री मांग में शामिल थी प्रमुख मांग

गौरतलब है कि 8 जुलाई को क्षेत्र के कई प्रमुख लोगों ने स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार को लेकर स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार और मसौढ़ी विधायक अरुण मांझी से मुलाकात की थी. उस दौरान प्रस्तुत सात सूत्री मांगों में हड्डी रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति प्रमुख मांग थी. मांग पूरी होने पर क्षेत्रवासियों ने स्वास्थ्य मंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इससे अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं और मजबूत होंगी तथा हड्डी रोग से पीड़ित मरीजों को समय पर इलाज मिल सकेगा.

पोषण पुनर्वास केंद्र हटने पर बढ़ी नाराजगी

दूसरी ओर मसौढ़ी अनुमंडलीय अस्पताल से पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) को पटना सिटी स्थानांतरित किए जाने के बाद क्षेत्र में असंतोष बढ़ गया है. जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इसे गरीब एवं कुपोषित बच्चों के हितों के खिलाफ बताते हुए केंद्र को पुनः मसौढ़ी में संचालित करने की मांग की है.

2016 में शुरू हुआ था केंद्र

जानकारी के अनुसार केंद्र और राज्य सरकार की पायलट योजना के तहत वर्ष 2016 में पीएमसीएच और एनएमसीएच के बाद मसौढ़ी अनुमंडलीय अस्पताल में पोषण पुनर्वास केंद्र की स्थापना की गई थी. केंद्र का उद्देश्य गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों को 14 दिनों तक भर्ती कर उनका उपचार, पौष्टिक आहार और समुचित देखभाल उपलब्ध कराना था. पिछले दस वर्षों से यह केंद्र मसौढ़ी, धनरूआ, पुनपुन और आसपास के क्षेत्रों के गरीब परिवारों के लिए महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सुविधा बना हुआ था.

पटना सिटी स्थानांतरण से बढ़ी परेशानी

17 जुलाई 2026 को केंद्र को पटना सिटी स्थानांतरित कर दिया गया. इसके बाद अब कुपोषित बच्चों के इलाज के लिए परिजनों को लंबी दूरी तय करनी पड़ेगी. स्थानीय लोगों का कहना है कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए पटना जाना आसान नहीं है, जिससे कई बच्चों के समय पर इलाज प्रभावित हो सकते हैं.

सभी दलों के नेताओं ने उठाई आवाज

एनआरसी हटाने के विरोध में जदयू, भाजपा, राजद और कांग्रेस के नेताओं ने स्वास्थ्य मंत्री से हस्तक्षेप की मांग की है. जदयू नगर मंडल अध्यक्ष अश्वनी उर्फ गोल्डी, बीस सूत्री अध्यक्ष सुनील कुमार वर्मा, उपाध्यक्ष आशीष देव, जदयू नेता लालमोहन सिंह, राजद नेता पलटन सिंह, पूर्व विधायक गोपाल रविदास, कांग्रेस नेता मोहम्मद अलफराज, साहिल, मृत्युंजय पांडे, मृत्युंजय पेरियार, मुकुल शर्मा तथा भाजपा नेत्री शोभा कुमारी सहित कई जनप्रतिनिधियों ने केंद्र को पुनः शुरू करने की मांग की है. नेताओं का कहना है कि पोषण पुनर्वास केंद्र ने वर्षों तक कुपोषित बच्चों को नया जीवन देने का काम किया है और इसे हटाने से सरकार के कुपोषण उन्मूलन अभियान को भी झटका लगेगा.

केंद्र को पुनः शुरू करने की मांग

जनप्रतिनिधियों ने सरकार से मांग की है कि जनहित और गरीब परिवारों की जरूरतों को देखते हुए पोषण पुनर्वास केंद्र को फिर से मसौढ़ी अनुमंडलीय अस्पताल में संचालित किया जाए, ताकि कुपोषित बच्चों को स्थानीय स्तर पर बेहतर उपचार और पोषण सुविधा मिलती रहे.

इसे भी पढ़ें: बिहार में शिक्षकों के लिए नई एसओपी जारी, ट्रांसफर से पहले ये 5 बातें जानना जरूरी


विज्ञापन
Ajay Kumar Masaurhi

लेखक के बारे में

By Ajay Kumar Masaurhi

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन