जन्मजात यूरेटर संकरेपन से जूझ रहे मासूम को राहत, सत्यदेव सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में सफल लेप्रोस्कोपिक सर्जरी

Published by : Pritish Sahay Updated At : 22 Mar 2026 4:58 PM

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Satyadev Super Speciality Hospital:

Satyadev Super Speciality Hospital: बेगूसराय के दो साल के राकेश रंजन को जन्मजात यूरेटर संकरेपन की गंभीर समस्या थी, जिससे पेशाब में दिक्कत और किडनी पर असर पड़ रहा था. सत्यदेव सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में डॉ. कुमार राजेश रंजन ने सफल लेप्रोस्कोपिक सर्जरी कर समस्या दूर कर दी. ऑपरेशन के बाद बच्चे की हालत स्थिर है.

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Satyadev Super Speciality Hospital: बेगूसराय जिले के बलहपुर निवासी दो वर्षीय राकेश रंजन को जन्म से ही यूरेटर (मूत्र नली) के संकरे होने की गंभीर समस्या थी, जिसके कारण उसे पेशाब करने में लगातार दिक्कत होती थी. इस समस्या की वजह से बच्चे को बार-बार पेट में दर्द रहता था और धीरे-धीरे इसका असर उसकी किडनी पर भी पड़ने लगा था. इसके बाद परिजन उसे सत्यदेव सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल ले गए.

हॉस्पिटल के डायरेक्टर और वरिष्ठ यूरोलॉजिस्ट डॉ. कुमार राजेश रंजन के अनुसार यूरेटर के संकरे होने के कारण किडनी से मूत्र सही तरीके से नीचे नहीं जा पा रहा था. परिणामस्वरूप पेशाब किडनी की ओर ही वापस लौटने लगा, जिसे चिकित्सकीय भाषा में बैक फ्लो कहा जाता है. लंबे समय तक ऐसा होने से किडनी को स्थायी नुकसान होने का खतरा बढ़ जाता है. बच्चे की जांच के बाद उन्होंने लेप्रोस्कोपिक सर्जरी करने का निर्णय लिया. इस आधुनिक तकनीक में छोटे-छोटे चीरे के माध्यम से ऑपरेशन किया जाता है, जिससे दर्द कम होता है और मरीज जल्दी स्वस्थ हो जाता है.

सर्जरी के दौरान डॉक्टरों ने यूरेटर के संकरे हिस्से को सावधानीपूर्वक हटाया और फिर मूत्र नली को दोबारा जोड़कर उसका रास्ता सामान्य कर दिया. ऑपरेशन सफल रहा और सर्जरी के बाद बच्चे की स्थिति स्थिर बताई जा रही है. अब उसकी किडनी से मूत्र सामान्य रूप से नीचे की ओर जा रहा है.

डॉक्टरों ने बताया कि जन्मजात यूरेटर संकरा होना बच्चों में होने वाली एक गंभीर समस्या है. समय पर इलाज नहीं मिलने पर यह किडनी को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकती है. ऐसे में यदि बच्चों में पेशाब करने में दिक्कत, पेट में लगातार दर्द या बार-बार संक्रमण जैसी शिकायतें दिखें तो तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक से जांच करानी चाहिए.

सफल सर्जरी के बाद बच्चे के परिजनों ने डॉक्टरों और अस्पताल की टीम के प्रति आभार व्यक्त किया. डॉक्टरों का कहना है कि आधुनिक लेप्रोस्कोपिक तकनीक की मदद से अब इस तरह की जटिल समस्याओं का इलाज भी सुरक्षित और प्रभावी तरीके से संभव हो रहा है.

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By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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