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होल्डिंग टैक्स में करोड़ों का बकाया, देनदारों पर कुर्की-जब्ती की तैयारी

सरकारी व गैर सरकारी व्यावसायिक प्रतिष्ठान टैक्स जमा करने में नहीं दिखा रहे रूचि, बड़े बकायेदारों की सूची तैयार, बैंक खाते भी किये जायेंगे सील, 31 मार्च तक टैक्स जमा करें, जुर्माना भी लगेगा

बिक्रमगंज.

27 वार्डों वाले बिक्रमगंज नगर पर्षद की असली तस्वीर होल्डिंग टैक्स के बकाये से सामने आ रही है. नगर क्षेत्र के सरकारी और गैर सरकारी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर करोड़ों रुपये का होल्डिंग टैक्स बकाया है. लेकिन न तो बड़े बकायेदार भुगतान के लिए आगे आ रहे हैं और न ही नगर प्रशासन की सख्ती जमीन पर दिख रही है. नतीजा यह है कि नगर की गलियां अंधेरे में डूबी हैं. नलों से शुद्ध पानी नहीं मिल रहा है. सफाई व्यवस्था कागजों में बेहतर और जमीन पर कमजोर नजर आती है. जबकि, बिहार सरकार ने 31 मार्च तक बिना बयान और जुर्माना टैक्स जमा करने की राहत दी है, इसके बावजूद बड़े बकायेदारों पर इसका असर नहीं दिख रहा.

नगर इओ कोमल कुमारी ने स्पष्ट संकेत दिया है कि अब चेतावनी नहीं, सीधे कार्रवाई होगी. उन्होंने बताया कि नगर में 505 व्यावसायिक प्रतिष्ठान पंजीकृत हैं, लेकिन 01 अप्रैल 2025 से 31 दिसंबर 2025 तक केवल 32,64,757 रुपये ही होल्डिंग टैक्स जमा हुआ. इसके विपरीत आवासीय घरों से 43,94,933 रुपये की वसूली हुई. इस तरह कुल 76,59,690 रुपये की प्राप्ति हुई, जबकि बकाया राशि इससे कई गुना अधिक है.

टैक्स चोरी और लापरवाही नगर विकास में सबसे बड़ी बाधाइओ ने माना कि टैक्स चोरी और लापरवाही नगर विकास में सबसे बड़ी बाधा है. बार-बार पत्राचार के बावजूद भुगतान की गति बेहद धीमी है. उन्होंने साफ कहा कि नियम सभी पर समान रूप से लागू होंगे और सरकारी भवन भी इससे बाहर नहीं हैं. विकास योजनाएं राजस्व पर निर्भर हैं और बकाया वसूली के बिना कोई भी व्यवस्था मजबूत नहीं हो सकती. इओ ने बताया कि बड़े बकायेदारों की सूची तैयार कर ली गयी है और जब्ती, कुर्की व बैंक खाते सील करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है. अंतिम चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि 31 मार्च तक टैक्स जमा करें, इसके बाद ब्याज, जुर्माना और सख्त कार्रवाई तय है.

पूर्व सभापति ने उठाये सवालनगर के पूर्व सभापति रब नवाज खान ने कहा कि नगर की आमदनी में कई गुना वृद्धि हुई है, लेकिन गलियां आज भी अंधेरे में हैं. अधिकांश वार्डों में नल का शुद्ध पानी नहीं पहुंचता. सफाई व्यवस्था मानकों पर खरी नहीं उतरती. कचरा उठाव और नाली सफाई अनियमित है. उन्होंने कहा कि केवल टैक्स वसूली को उपलब्धि बताना पर्याप्त नहीं है. जब जनता समय पर टैक्स देती है, तो बदले में उसे बेहतर सुविधाएं मिलनी चाहिए.

इतिहास के पन्नों में नगर, हकीकत में पिछड़ापन बिक्रमगंज को वर्ष 1967 में अधिसूचित क्षेत्र समिति का दर्जा मिला था. उस समय धनगाई निवासी राधा प्रसाद सिंह यादव को पहला चेयरमैन मनोनीत किया गया. वर्ष 2002 में नगर पंचायत और 2018 में नगर पर्षद बना. इसके बावजूद आधी सदी से अधिक समय बाद भी नगर की कई गलियां बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझ रही हैं.

सरकारी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर होल्डिंग टैक्स बकायाविभाग बकाये रुपयेविद्युत विभाग 1,36,31,161राजकीय इंटर कॉलेज 20,28,581अंजवित सिंह कॉलेज 12,62,611अनुमंडलीय अस्पताल 8,17,746बिक्रमगंज थाना 7,77,952मंडल उप कारा 6,37,683रामाधार सिंह उच्च विद्यालय 3,77,694विश्वंभर मध्य विद्यालय धारूपुर 3,08,396उच्च मध्य विद्यालय 2,57,914सोन नहर प्रमंडल 2,46,371निजी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर बकायाबकायेदार बकाया रुपयेमो अनवर खान 1,90,260गीता देवी 1,47,162नगीना विजय बहादुर सिंह 1,33,747उमा देवी 1,01,190अरुण कुमार सिंह 71,927

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