सासाराम में सिख समाज की बैठक आयोजित, गुरुद्वारा मुद्दों पर चर्चा, सेवा समिति का गठन
Published by : Ragini Sharma Updated At : 15 Jun 2026 9:28 AM
सिख समाज की तस्वीर
Sasaram News: रोहतास के सासाराम में सिख समाज की एक दिवसीय चिंतन बैठक आयोजित की गई. जिसमें बड़ी संख्या में संगत शामिल हुई. बैठक में गुरुद्वारा चाचा फग्गुमल साहिब से जुड़े मुद्दों और शस्त्रों को लेकर चल रहे विवाद पर चर्चा हुई. संगत ने भ्रामक जानकारी से सावधान रहने की अपील करते हुए नकली शस्त्रों के प्रदर्शन की निंदा की. साथ ही सासाराम सिख समाज (सेवा समिति) का गठन कर सामाजिक व आर्थिक विकास के लिए 13 सदस्यीय कमेटी बनाई गई.
Sasaram News: (डॉ प्रमोद कुमार श्रीवास्तव) सासाराम शहर के एक निजी वाटिका में रविवार देर शाम सिख समाज की एक दिवसीय चिंतन बैठक का आयोजन किया गया. इस बैठक में बड़ी संख्या में साध-संगत और समाज के प्रबुद्ध लोग शामिल हुए. बैठक का मुख्य उद्देश्य समाज के समक्ष उत्पन्न हो रही चुनौतियों पर विचार करना और एक संगठित दिशा तय करना रहा.
गुरुद्वारा से जुड़े विवादों पर खुलकर चर्चा
बैठक में गुरुद्वारा चाचा फग्गुमल साहिब से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई. खासकर वहां प्रदर्शित शस्त्रों को लेकर चल रहे विवाद पर संगत ने अपनी राय रखी. उपस्थित लोगों ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित करते हुए देश-दुनिया से आने वाले श्रद्धालुओं से अपील की कि वे किसी भी भ्रामक जानकारी से सावधान रहें. साथ ही सिख इतिहास के नाम पर फैलाई जा रही कथित मनगढ़ंत बातों और नकली शस्त्रों के प्रदर्शन की कड़े शब्दों में निंदा की गई.

सासाराम सिख समाज (सेवा समिति) का गठन
बैठक में यह भी महसूस किया गया कि वर्तमान समय में सासाराम सिख समाज का कोई मजबूत और संगठित नेतृत्व नहीं है. इसी को ध्यान में रखते हुए एक सामाजिक कमेटी के गठन का प्रस्ताव रखा गया, जिसे सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया गया. नई गठित समिति का नाम सासाराम सिख समाज (सेवा समिति) रखा गया है. इसमें 13 सदस्यों का चयन किया गया, जो समाज के आर्थिक, शैक्षणिक और सामाजिक विकास के लिए कार्य करेंगे. साथ ही जरूरतमंद और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों की मदद करने का भी संकल्प लिया गया.

इतिहास से जुड़े शस्त्रों को लेकर दी गई जानकारी
बैठक के दौरान सरदार सर्वजीत सिंह खालसा ने बताया कि ऐतिहासिक गुरुद्वारा चाचा फग्गुमल साहिब में संरक्षित शस्त्रों को श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी की निशानी माना जाता है. उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 में भारत सरकार, दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी और हरियाणा सरकार द्वारा आयोजित कार्यक्रमों में इन शस्त्रों को सम्मानपूर्वक प्रदर्शित किया गया था. उन्होंने यह भी बताया कि इस विषय को श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष रखा गया है और उनके निर्देशानुसार संगत को शस्त्रों के दर्शन कराए जा रहे हैं.
इनकी रही प्रमुख भूमिका
कार्यक्रम की अध्यक्षता सरदार अशोक सिंह सर्राफ ने की, जबकि संचालन सरदार सिमरनजीत सिंह ने किया. बैठक में सरदार उदय सिंह, कस्तूरी सिंह, सरदार ज्ञान सिंह, सरदार पारस सिंह, सरदार अजीत सिंह, सरदार अजय सिंह, सरदार कृष्णा सिंह, दीपिका कौर, दीपा कौर, मनजीत कौर, रजनी कौर, रागिनी कौर, कुसुम कौर सहित बड़ी संख्या में संगत उपस्थित रही.
समाज के विकास और एकता पर दिया गया बल
बैठक में उपस्थित सभी लोगों ने समाज की एकता, जागरूकता और विकास को प्राथमिकता देने पर जोर दिया. साथ ही भविष्य में नियमित रूप से इस तरह की बैठकों के आयोजन का भी निर्णय लिया गया, ताकि समाज के मुद्दों का समाधान सामूहिक रूप से किया जा सके.
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