रोहतास के 19 प्रखंडों में दिव्यांग छात्रों के लिए मेडिकल कैंप, 13 अगस्त से शुरू होगा विशेष अभियान
रोहतास जिले के 19 प्रखंडों में 13 अगस्त से 7 सितंबर तक दिव्यांग छात्रों के लिए मेडिकल असेसमेंट शिविर का आयोजन, जानें पूरी जानकारी।
Rohtas News : बिहार शिक्षा परियोजना परिषद, पटना के निर्देश पर रोहतास जिले के सभी 19 प्रखंडों में 13 अगस्त से 7 सितंबर तक दिव्यांग छात्र-छात्राओं के लिए आइडेंटिफिकेशन एंड असेसमेंट (मेडिकल असेसमेंट कैंप) आयोजित किया जाएगा. शिविर में दिव्यांगता का प्रमाणीकरण, यूडीआईडी कार्ड निर्माण तथा कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरणों की आवश्यकता का आकलन किया जाएगा. इस संबंध में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (प्रारंभिक शिक्षा एवं सर्व शिक्षा अभियान) रजनीश उपाध्याय ने विस्तृत कार्यालय आदेश जारी कर सभी संबंधित अधिकारियों और विद्यालयों को आवश्यक निर्देश दिए हैं.
19 प्रखंडों में तय तिथियों पर लगेगा शिविर
मेडिकल असेसमेंट कैंप का आयोजन नौहट्टा, रोहतास, तिलौथू, डेहरी, अकोढ़ीगोला, नासरीगंज, राजपुर, काराकाट, बिक्रमगंज, सूर्यपुरा, दावथ, संझौली, दिनारा, कोचस, करगहर, शिवसागर, चेनारी, नोखा और सासाराम प्रखंड में निर्धारित तिथियों पर किया जाएगा. प्रत्येक शिविर सुबह 10:30 बजे से शाम 4 बजे तक संचालित होगा. जिला स्तर के अधिकारियों को निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि प्रोस्थेटिक एंड ऑर्थोटिक इंजीनियर एवं विभिन्न दिव्यांगता श्रेणियों के विशेषज्ञ जांच और मूल्यांकन करेंगे.
इन छात्रों को मिलेगा शिविर का लाभ
शिविर में 6 से 18 वर्ष आयु वर्ग के ऐसे नामांकित दिव्यांग छात्र-छात्रा शामिल होंगे, जिनका दिव्यांगता प्रमाणपत्र अभी तक नहीं बना है या जिनके प्रमाणपत्र का नवीनीकरण होना है. जिन विद्यार्थियों के पास यूडीआईडी कार्ड है, लेकिन उन्हें सहायक उपकरणों की आवश्यकता है, वे भी इस शिविर का लाभ उठा सकेंगे. प्रत्येक छात्र को दो पासपोर्ट आकार के फोटो, आधार कार्ड या जन्म प्रमाणपत्र, ऑनलाइन आवेदन की प्रति तथा पूर्व में जारी दिव्यांगता प्रमाणपत्र साथ लाना होगा.
विद्यालयों और संसाधन शिक्षकों को सौंपी गई अहम जिम्मेदारी
शिक्षा विभाग ने संबंधित विद्यालयों के प्रधानाध्यापक, प्रभारी प्रधानाध्यापक, वरीय शिक्षक तथा समावेशी शिक्षा से जुड़े सभी कर्मियों की शिविर में उपस्थिति अनिवार्य की है. संसाधन शिक्षक, पुनर्वास विशेषज्ञ और प्रखंड साधनसेवी अपने-अपने क्षेत्रों में व्यापक प्रचार-प्रसार कर अधिक से अधिक दिव्यांग छात्रों की भागीदारी सुनिश्चित करेंगे. पंचायत प्रतिनिधियों, टोला सेवकों, तालीमी मरकज और स्वयंसेवकों का भी सहयोग लिया जाएगा.
मेडिकल बोर्ड करेगा जांच और प्रमाणीकरण
जिला शिक्षा विभाग ने असैनिक शल्य चिकित्सक-सह-मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी से प्रत्येक शिविर के लिए मेडिकल बोर्ड गठित करने का अनुरोध किया है. मेडिकल बोर्ड की देखरेख में दिव्यांगता का प्रमाणीकरण, यूडीआईडी कार्ड निर्माण तथा सहायक उपकरणों की आवश्यकता का आकलन किया जाएगा. जरूरत पड़ने पर निजी विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं भी ली जाएंगी. विभाग ने निर्देश दिया है कि कोई भी पात्र दिव्यांग छात्र इस सुविधा से वंचित न रहे.
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By Prabhat Khabar News Desk
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