डीएनए टेस्ट से दिलीप गोसाई व दीपक कुमार के शव की हुई पहचान

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डीएनए टेस्ट से दिलीप गोसाई व दीपक कुमार के शव की हुई पहचान

तेलंगाना के विस्फोट में मरे मजदूरों के शवों की हुई पहचान

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तेलंगाना के विस्फोट में मरे मजदूरों के शवों की हुई पहचान

नाग पासवान का शव एंबुलेंस से गांव के लिए रवाना

अमरथा गांव शव पहुंचने का हो रहा इंतजार

फोटो-15- अस्पताल में मौजूद फैक्ट्री व तेलंगाना सरकार के अधिकारीए-अमरथा गांव में शव आने के इंतजार में दरवाजे पर बैठी मृतक दीपक की मां व मृतक दिलीप गोसाई की पत्नी (दोनों का घर पास में ही है)

प्रतिनिधि, काराकाट.

तेलंगाना के संगारेड्डी जिबे के पश्मयलारम में स्थित सिगाची इंडस्ट्री के दवा संयंत्र में 30 जून को विस्फोट हुआ था. इस घटना के पांच दिन बाद काराकाट थाना क्षेत्र के अमरथा गांव के और दो श्रमिकों दिलीप गोसाई और दीपक कुमार के शव की पहचान डीएनए टेस्ट से हुई है. इसकी जानकारी श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी काराकाट देवाशीष सिंह ने दी है. उन्होंने बताया कि तेलंगाना में बिहार भवन के श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी सौरभ सुमन उपस्थित हैं, जिनके माध्यम से जानकारी मिली है कि गुरुवार को डीएनए से चिह्नित मृतक नाग पासवान के शव को लेकर एंबुलेंस तीन जुलाई की शाम करीब छह बजे वहां से अमरथा गांव के लिए निकली है. इसके बाद शुक्रवार चार जुलाई को मृतक दिलीप गोसाई एवं दीपक कुमार के शव की पहचान डीएनए टेस्ट से हुई है. इसकी फाइनल रिपोर्ट आज मिल गयी है. दोनों शवों को अलग-अलग एंबुलेंस से परिजन के साथ अमरथा गांव के लिए रवाना किया जा चुका है. अमरथा गांव में दोनों श्रमिकों के शव मिलने की सूचना मिली, तो परिजन व ग्रामीण राहत महसूस कर रहे हैं. उनमें चिंता घर कर गयी थी कि विस्फोट में शव का मिलना मुश्किल था. कहीं फैक्ट्री वाले शव को गायब न कर दें. लेकिन, अमरथा गांव के लोग फैक्ट्री के समीप डटे रहे, जिसका परिणाम है कि तीनों शव बरामद हो गये.

किसी तरह शव मंगवा दीजिए -मां

इधर, मृतक दीपक की मां गंगोत्री देवी घटना के दिन से ही रट लगाये है कि मेरे बेटे का शव किसी तरह से गांव में मंगवा दीजिए. दीपक अविवाहित था. वह घर की आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए पहली बार घर से बाहर कमाने गया था. लेकिन, उसे क्या पता था कि यह पहली और आखिरी यात्रा होगी. गांव से हंसते हुए गया था और अब ऐसे शव में बदल कर आ रहा है, जिसकी आंखों से पहचान मुश्किल है.

शव आने का इंतजार कर रही पत्नी

वहीं, विस्फोट में मृत दिलीप गोसाईं की पत्नी मीरा देवी पति के शव के आने का इंतजार कर रही है. उसने कहा कि मेरी दो लड़कियों व दो लड़कों का पालन-पोषण कैसे होगा. मेरी बेटियों की शादी कैसे होगी. कमाने वाला चला गया. इधर, गांव में ग्रामीण तीनों श्रमिकों के शवों का इंतजार कर रहे हैं. गांव की गलियों में बस एक ही चर्चा है कि चंद घंटों में नागा का शव पहुंचेगा, तो कल दिलीप और दीपक का शव गांव प��ुंचेगा. उस समय का दृश्य कैसा होगा. क्या है मामला

बता दें कि तेलंगाना के संगारेड्डी जिले के पश्मयलारम स्थित सिगाची इंडस्ट्री के दवा संयंत्र में 30 जून 2025 को विस्फोट हुआ था, जिसमें काराकाट थाना क्षेत्र के अमरथा गांव के डब्लू कुमार जख्मी हो गया था. उसके साथ फैक्ट्री में काम करने गये अमरथा के तीन युवक दिलीप, दीपक और नागा पासवान लापता थे. अब तीनों लापता मृत घोषित हो चुके हैं. तीनों के शव गांव के लिए तेलंगाना से निकल चुके हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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Anurag Sharan

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