'देश आजाद है, हमलोग गुलाम थे', बेटी ने बताई रोहतास के चंदेश्वर चौधरी की हत्या की पूरी कहानी

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चंदेश्वर चौधरी की बेटी अंजनी व परिवार के बच्चे.

अजीत तिवारी ने परिवार को गुलाम की तरह रखा, भाई को पीटा. जब चंदेश्वर चौधरी ने काम छोड़ा, तो उन्हें गोली मार दी गई. बेटी अंजनी ने तेजस्वी यादव के सामने बताई यह पूरी कहानी.

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अजीत तिवारी हमारे परिवार को गुलाम की तरह रखे हुए थे. मेरे पिताजी, दादाजी और बड़े भाई, सब उनके यहां काम करते थे. वो मेरे भाई को डंडे से भी मारते थे. इसी वजह से उन्होंने अजीत तिवारी के यहां काम छोड़ दिया. फिर गांव में ही किसी दूसरे के यहां काम करने लगे. यही बात अजीत तिवारी को खराब लग गई. उनको लगा कि अब ये मेरी गुलामी नहीं कर रहा है. लेकिन देश आजाद है. जहां 10 रुपए ज्यादा मिलेंगे, लोग वहीं काम करेंगे. इसलिए मेरे पिताजी को गोली मार दिया गया.

ये बातें रोहतास के चंदेश्वर चौधरी की बेटी अंजनी ने कही है. उसकी राजस्थान में शादी हुई है. पिता की हत्या की खबर मिलने के बाद डेढ़ साल पर आई है. शनिवार को उसके घर बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पहुंचे थे. उसने मांग की कि परिवार के जीने-खाने का इंतजाम किया जाए. उसके पिता परिवार में एकमात्र कमाने वाले थे. अब भाई है, वह भी कहीं-कहीं मजदूरी करता है. उसके छोटे-छोटे बच्चे हैं. तीन-चार दिन से किसी ने सही से खाना नहीं खाया है.

तेजस्वी के आने से पहले बेटी ने बताई परिवार की कहानी

अंजनी के अनुसार उसके पिता ने बीते तीन-चार साल से ही अजीत तिवारी के यहां काम करना शुरू किया था. इसके पहले उसके दादा भी अजीत तिवारी के घर काम करते थे. इधर उनमें कोई खास विवाद नहीं हुआ था. उसके पिता किसी बात को लेकर काम पर नहीं जा रहे थे. इधर उसके भाई ने भी अजित तिवारी के घर काम करना छोड़ दिया था. वजह कि वो परिवार को अपना गुलाम समझते थे.

अजीत तिवारी ने उसके भाई की कई बार डंडे से पिटाई भी की थी. इन्हीं वजहों से भाई ने गांव में ही दूसरे जगह काम करना शुरू कर दिया था. उस दिन पिता चंदेश्वर चौधरी तीन-चार दिनों के बुलाने के बाद केदार के साथ उनके घर गए थे. तब अजीत तिवारी दरवाजे पर ही थे. उन्होंने पिताजी को गंजी पकड़कर घर में घसीट लिया. कोई बहस नहीं की, सीधे गोली मार दी. फिर लाश को गाड़ी में भरकर ले गए थे.

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तेजस्वी पहुंचे, एसपी से परिवार के लिए सुरक्षा मांगी

तेजस्वी यादव ने मुलाकात के बाद मीडिया से कहा कि दुखद घटना है. आज परिवार से मिले हैं. सामंती सोच के लोगों ने ये घटना की है. अजीत तिवारी आदतन अपराधी है. पहले भी जेल रहकर आया है. उसने मजदूरी मांगने आए गरीब परिवार के एक आदमी की हत्या कर दी है. उस परिवार की तीन पीढ़ियां वहां काम कर रही थी. वो बिना पैसा दिए लोगों से काम करवाता था, शोषण करता था. इनलोगों के साथ अन्याय हो रहा था. वो अपना हक मांगने गए थे, फिर ऐसा हुआ.

उन्होंने कहा कि हमने एसपी से भी बात की है. उनसे कहा है कि परिवार को न्याय जरूर मिलना चाहिए. दोषी को कड़ी से कड़ी सजा मिले. परिवार की सुरक्षा भी की जाए. उन्हें धमकी मिल रही है. बिहार में लगातार ऐसी घटनाएं हो रही हैं. जनता देख रही है. वक्त आने पर अपना फैसला सुनाएगी.

अब जानिए, कब-कैसे हुई थी पूरी घटना

अजीत तिवारी के यहां काम करते थे चंदेश्वर और उनका बेटा

चंदेश्वर चौधरी और उनका बेटा दीपक चौधरी पहले जोगिया गांव के अजीत तिवारी के यहां चरवाही का काम करते थे. बाद में दीपक ने वहां काम छोड़कर गांव के ही दूसरे व्यक्ति के यहां काम शुरू कर दिया. इसके बाद मजदूरी के हिसाब-किताब को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया. मृतक के बेटे दीपक का दावा है कि उनके पिता की करीब 50 से 60 हजार रुपये मजदूरी बकाया थी. ग्रामीणों के अनुसार, घटना से एक रात पहले अजीत तिवारी के यहां पार्टी और डीजे चल रहा था. परिजनों का आरोप है कि बाद में चंदेश्वर को मजदूरी के पैसे के सिलसिले में बातचीत के लिए बुलाया गया.

मजदूरी लेने पहुंचे चंदेश्वर की गोली मारकर हत्या का आरोप

दीपक चौधरी के अनुसार, उनके पिता अजीत तिवारी के घर गये थे और उनके साथ केदार चौधरी भी मौजूद थे. आरोप है कि वहां पहले मारपीट हुई. स्थिति बिगड़ने पर केदार चौधरी वहां से भाग निकले और इसके बाद अजीत तिवारी ने चंदेश्वर को गोली मार दी. दीपक का आरोप है कि हत्या के बाद शव को गाड़ी में रखकर आरोपी वहां से फरार हो गया. घटना की खबर फैलते ही ग्रामीणों का गुस्सा भड़क उठा. आक्रोशित लोगों ने आरोपी के घर के अलावा हार्वेस्टर, ट्रैक्टर, कार समेत कई वाहनों में आग लगा दी. सूचना पर एसपी रौशन कुमार समेत वरीय अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया.

चार घंटे में मुख्य आरोपी पिता-पुत्र गिरफ्तार, 36 घंटे बाद नहर से मिला शव

एसपी रौशन कुमार के अनुसार, पुलिस ने घटना के करीब चार घंटे के भीतर मुख्य आरोपी अजीत तिवारी और उसके पुत्र चिंगारी तिवारी को उत्तर प्रदेश के गाजीपुर से गिरफ्तार कर लिया. दोनों को दिनारा थाना लाकर पूछताछ की गयी. इसके बाद मुख्य आरोपी की निशानदेही पर करीब 36 घंटे बाद सुरतापुर गांव के समीप नहर में शव की तलाश शुरू करायी गयी. एसपी के निर्देश पर नहर का पानी कम कराया गया. स्थानीय गोताखोरों और एसडीआरएफ की टीम ने सर्च ऑपरेशन चलाया और गुरुवार सुबह करीब 10 बजे चंदेश्वर का शव नहर से बरामद कर लिया.

बेटे के बयान पर पांच नामजद समेत अन्य के खिलाफ प्राथमिकी

शव बरामद होने के बाद मृतक के बेटे दीपक चौधरी के बयान पर दिनारा थाने में पांच नामजद समेत अन्य आरोपितों के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज की गयी. पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी पिता-पुत्र गिरफ्तार हैं, जबकि प्राथमिकी में नामजद अन्य आरोपित फिलहाल फरार हैं. उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है. पुलिस का कहना है कि हत्या के कारण, घटना में शामिल लोगों की भूमिका और पूरे घटनाक्रम की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है तथा साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी.

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अंजनी पांडेय

लेखक के बारे में

By अंजनी पांडेय

अंजनी पांडेय 10 से अधिक वर्षों से हिंदी डिजिटल मीडिया में सक्रिय. बिहार के स्थानीय-क्षेत्रीय मुद्दों से लेकर राजनीतिक-सामाजिक गतिविधियों से जुड़ी खबरों के संपादन-प्रकाशन के साथ ही न्यूज़रूम ऑपरेशन्स, सोशल मीडिया कम्यूनिकेशन और पब्लिक मैसेजिंग का भी व्यावहारिक अनुभव. कंटेंट डेवलपमेंट, ब्रेकिंग न्यूज मैनेजमेंट और ऑडियंस इंगेजमेंट में विशेषज्ञता. गूगल-रॉयटर्स से डिजिटल जर्नलिज्म और AI से जुड़े विषयों पर प्रमाणिकता हासिल की है.

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