रौंद रहे खेतों में लगी फसल, किसानों की बढ़ी परेशानी

जंगल से मैदानी भाग में आये हैं सैकड़ों लगाय और जंगली सूअर
शिवसागर. प्रखंड के विभिन्न गांवों के बधार में इन दिनों सैकड़ों की संख्या में पहाड़ी क्षेत्रों से नीलगाय और जंगली सूअर पहुंचे हैं, जो किसानों की फसलों को खाकर व रौंद कर बर्बाद कर रहे हैं. रवि फसल अब तैयारी के कगार पर है. वर्तमान समय में गेहूं, चना, मटर, धनिया समेत विभिन्न तरह की सब्जियों की खेती के कारण पूरा बधार हरा-भरा है. गेहूं भी पूरी तरह से बाल ले चुका है. सरसों व मटर तो अब कटने वाला है. इस स्थिति में भारी संख्या में नीलगायों को बधार में पहुंचना किसानों के लिए चिंता का विषय है. किसान अपने खेतों में कितना समय दे. पूरा दिन तो फसलों की रखवाली कर रहे हैं. लेकिन, 24 घंटे बधार में रहना किसानों के लिए भी संभव नहीं है. गिरधरियां गांव के किसान ब्रजेंद्र सिंह यादव, गुड्डू यादव, चंद्रशेखर महतो, गोपाल नारायण सिंह, नीलमणि सिंह बिनोद यादव, संजय यादव आदि का कहना है कि हमलोग मैदानी भागों में बसे हैं. पहले जंगली जानवर इन इलाकों के न के बराबर आते थे. वर्तमान समय में गेहूं की फसल को तीसरा पानी दे दिया गया है. ऐसे में वह पूरी तरह से बाल ले लिया है. चना व मटर, प्याज व हरी सब्जी की फसल, तो अभी पूरी तरह से हरा भरा है. अब इन क्षेत्रों में भारी संख्या में जंगली जानवर पहुंच गये है. ज्यादा फसल का नुकसान नीलगायों से हो रहा है, जो एक साथ दर्जनों की झुंड बना खेतों में चल रही हैं. जानवरों के खाने से ज्यादा रौंदने के कारण फसलें बर्बाद हो रही हैं. इस संबंध में शिवसागर पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि जयप्रकाश सिंह ने कहा कि प्रतिनिधि इसमें कुछ नहीं कर सकते हैं. किसानों को जानवरों से खुद ही अपनी फसलों को बचाने का उपाय ढूंढ़ना होगा. वहीं, प्रखंड विकास पदाधिकारी अशोक कुमार ने कहा कि किसानों द्वारा अब तक इस तरह की सूचना नहीं मिली है. अगर ऐसा है, तो यह एक बड़ी समस्या हैं. इसकी जानकारी वन विभाग को देकर जानवरों को भगाने का कोई उपाय किया जायेगा.
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