Sasaram News : पंचायतों में विवाह पंजी से रोका जा सकता है बाल विवाह

सुराज सासाराम के मीटिंग हॉल में बाल विवाह से मुक्त उत्तरजीवियों की कार्यशाला आयोजित हुई
सासाराम ऑफिस. सुराज सासाराम के मीटिंग हॉल में बाल विवाह से मुक्त उत्तरजीवियों की कार्यशाला आयोजित हुई, जिसमें 11 बच्चियों ने हिस्सा लिया. कार्यशाला में शामिल छात्राओं ने बताया कि एक्सेस टू जस्टिस टीम की पहल से वे विवाह से बच पायीं और अब अपनी शिक्षा पूरी कर सकेंगी. उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन टीम का आभार जताया. कार्यक्रम निदेशक डॉ ठाकुर रविंद्र नाथ ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट व बिहार सरकार ने पंचायतों को विवाह पंजीकरण की जिम्मेवारी दी है. यदि पंचायत स्तर पर विवाह पंजी का सघन संधारण होने लगे तो बाल विवाह को रोका जा सकता है. उन्होंने अपील की कि बाल विवाह मुक्त भारत अभियान को जनसमर्थन और जनभागीदारी मिले, ताकि रोहतास जिला को पहला बाल विवाह मुक्त जिला घोषित किया जा सके. सुमन स्वयंसेवी संस्था की सचिव उर्मिला ने कहा कि रोहतास जिला के सामाजिक संगठन इस अभियान के साथ हैं और हर कदम पर सहयोग करेंगे. कार्यशाला में धर्मगुरुओं से अपील की गयी कि वे किसी भी बाल विवाह को संपन्न न कराएं और ऐसी सूचना पंचायत प्रतिनिधियों, थाने या प्रखंड विकास पदाधिकारी को दें. कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के तहत 21 वर्ष से कम उम्र के लड़के और 18 वर्ष से कम उम्र की लड़की की शादी कराने या उसमें किसी भी तरह शामिल होने पर जेल या आर्थिक दंड का प्रावधान है. 26 सितंबर को कोनार में होगा शिविर एक्सेस टू जस्टिस फॉर चिल्ड्रेन कार्यक्रम के समन्वयक अनिल कुमार सिंह ने बताया कि बाल विवाह अधिकतर शैक्षिक, आर्थिक और सामाजिक रूप से कमजोर वर्गों में होता है. इसके समाधान के लिए लोगों को सरकारी योजनाओं से जोड़ना जरूरी है. इसके तहत सुराज संस्था द्वारा शिविर लगाए जाएंगे. 26 सितंबर 2025 को पंचायत सरकार भवन कोनार में शिविर आयोजित होगा. इसमें स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष, सदस्य और सरकारी अधिकारी मौजूद रहेंगे. यहां लोगों को योजनाओं की जानकारी दी जाएगी और ऑनलाइन आवेदन भी लिए जायेंगे. शिविर पंचायत के मुखिया की अनुमति से आयोजित किया जायेगा.
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