सासाराम सदर. जिले में बच्चों से लेकर बुजुर्ग व्यक्तियों का आधार कार्ड होना जरूरी है. बच्चों का स्कूलों में नामांकन से लेकर बुजुर्गों के वृद्धा, विधवा, विकलांग पेंशन, गरीबों के लिए आवास योजना समेत हर सरकारी व निजी कार्य में आधार कार्ड होना अनिवार्य है. अभी भी जिले के दलित, महादलित टोले के लोगों के आलावा कई लोगों के पास आधार कार्ड नहीं है. इस कारण लोग सरकारी योजनाओं से भी वंचित हो रहे हैं. आधार कार्ड के सासाराम जोन में रोहतास और कैमूर दोनों जिला शामिल हैं. पूरे जोन में कुल 140 आधार सेंटर हैं. इसमें महज 14 सेंटर का ही संचालन हो रहा है. इसमें भी पूरे जोन में सिर्फ आठ सेंटर और रोहतास जिले में महज चार सेंटर पर ही आधार कार्ड बन रहा है. इसमें चेनारी, नासरीगंज, सासाराम मुख्य डाकघर और तकिया बाजार समिति का सेंटर शामिल है. रोहतास के चार केंद्रों पर ही जिलेभर के आधार कार्ड बनाने व सुधारने की जिम्मेदारी है. दलित महादलित वर्ग के कई लोगों को तो यही भी नहीं पता कि किन केंद्रों पर नया आधार कार्ड बनाया या सुधारा जा रहा है. ऐसे में नये आधार कार्ड बनाने में लोगों को परेशानी हो रही है. स्थिति यह है कि सासाराम डाक घर के बाहर सुबह चार बजे से ही आधार कार्ड बनवाने वाले लोगों की कतारें लग जा रही हैं. विगत बिहार विधानसभा चुनाव से छह माह पूर्व जिले के दलित-महादलित परिवारों को सरकार की 22 योजनाओं का लाभ देने के लिए महादलित टोले में आंबेडकर समग्र विशेष शिविर लगाये जा रहे थे. शिविर के दौरान यह समस्या निकलकर सामने आयी थी कि अभी भी कई बुजुर्ग पुरुष महिलाएं ऐसी है. जिनका आधार कार्ड नही बन सका है. इस स्थिति में इन बस्तियों के लोग आधार कार्ड नही होने से सरकार की विभिन्न योजनाओं से वंचित हो रहे हैं.
सासाराम जोन में वर्तमान समय में कुल 14 आधार सेंटर संचालित है. इसमें रोहतास जिले में सिर्फ सासाराम, चेनारी, नासरीगंज व तकिया पोस्ट ऑफिस में स्थित आधार सेंटर पर ही आधार कार्ड बन रहा है. पहले जोन में पूरा 140 आधार सेंटर का संचालन होता था. इससे लोगों को आधार कार्ड बनाने व सुधार कराने में सहूलियत होती थी. लेकिन, एक साथ इन केंद्रों के बंद होने से लोगों की परेशानी बढ़ गयी. अभी रोहतास जिला में संचालित आधार सेंटरों का कई लोगों को पता भी नही है.
जानकारी के अभाव में केंद्र तक नहीं पहुंच पा रहे लोगजनवरी से मार्च तक स्कूलों में बच्चों के नामांकन का दौर चलता है. ऐसे में अभिभावकों के साथ बच्चों का आधार कार्ड होना जरूरी होता है. सरकारी स्कूल में नामांकन कराना हो, तो बिना आधार कार्ड बच्चों को पोशाक राशि, छात्रवृत्ति योजना का लाभ नहीं मिल सकेगा. जिसको लेकर अभिभावक बच्चों को लेकर आधार सेंटर का चक्कर काटते फिर रहे हैं.
रोहतास जिला में चार आधार सेंटर सामान्य रूप से संचालित है. जहां नया आधार कार्ड भी जनरेट हो रहा है. ऑपरेटरों के अभाव में अभी कई केंद्र बंद है. केंद्रों को बढ़ाने के लिए अभी निजी ऑपरेटरों की बहाली की जा रही है. जिसका चयन प्रक्रिया चल रहा है. जैसे-जैसे ऑपरेटर बहाल होते जायेंगे, वैसे केंद्रों की संख्या बढ़ाई जायेगी.
आदित्य प्रकाश जनसंपर्क निरीक्षक डाकघर सासारामडिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

