सड़क व सरकारी कार्यालय के डूबने के बाद अब डूबे शैक्षणिक संस्थान

Updated at : 03 Jul 2024 9:57 PM (IST)
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सड़क व सरकारी कार्यालय के डूबने के बाद अब डूबे शैक्षणिक संस्थान

मानसून में कलेक्ट्रेट और अन्य कार्यालयों को डूबने से कोई नहीं बचा पायेगा कुछ इसी शीर्षक के साथ 3 अप्रैल 2024 के अंक में प्रभात खबर ने नगर निगम के लिए खबर छाप पर अलर्ट किया था.

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छपरा. मानसून में कलेक्ट्रेट और अन्य कार्यालयों को डूबने से कोई नहीं बचा पायेगा कुछ इसी शीर्षक के साथ 3 अप्रैल 2024 के अंक में प्रभात खबर ने नगर निगम के लिए खबर छाप पर अलर्ट किया था. 90 दिन पहले छपी इस खबर पर संज्ञान तो लिया गया लेकिन कागजी रूप में नतीजा अब सामने आ गया है. मानसून शुरू होने के साथ ही निगम क्षेत्र की सड़क, सभी सरकारी कार्यालय और अब शैक्षणिक संस्थान के परिसर और संपर्क रास्ते डूबने लगे हैं. निगम के सभी दावे अब फेल हो रहे हैं. खनुआ नाले को लिंक नहीं करना पड़ा महंगा, अखबार की बात नगर आयुक्त को आई याद प्रभात खबर ने 3 अप्रैल को कलेक्ट्रेट के सामने नवनिर्मित खनुआ नाले को आपस में लिंक नहीं किए जाने को लेकर खबर प्रकाशित की थी और अलर्ट किया था कि मानसून में स्थिति गड़बड़ हो जाएगी. क्योंकि ड्रेनेज को लिंक नहीं किया गया तो सरकारी बाजार व अन्य जगहों का पानी कलेक्टरेट रोड में ही आ जाएगा ऐसे में कलेक्ट्रेट भी डूब जायेगा. मंगलवार को यही हुआ एडीएम कार्यालय समेत अन्य कार्यालय डूब चुके थे. बुधवार को भी बारिश हुई और स्थिति और खराब हो गई. नगर आयुक्त जब निरीक्षण पर निकले तो उन्होंने भी यही बात कही कि यदि खनुआ नाली को आपस में लिंक कर दिया जाता तो यह स्थिति उत्पन्न नहीं होती. इस लापरवाही के लिए उन्होंने निर्माण एजेंसी बुडको के इंजीनियरों पर कार्रवाई शुरू कर दी है. लेकिन कहां जाता है कि अब पछताए होत क्या जब चिड़िया चुग गई खेत. फिलहाल इतना जल्दी नालो को जोड़ने की प्रक्रिया नहीं हो सकती है. शैक्षणिक संस्थान और संपर्क पथ भी डूबे लगातार हो रही बारिश ने शहर वासियों की परेशानी बढ़ा दी है. सड़क ,सरकारी संस्थान और मुख्य बाजार के अलावा अब शैक्षणिक संस्थान के परिसर और संपर्क सड़क पर भी पानी ही पानी देखने को मिल रहा है. ऐसे में परीक्षार्थियों की टेंशन बढ़ गयी है क्योंकि स्कूलों में नामांकन और रजिस्ट्रेशन का कार्य चल रहा है पढ़ाई भी बेहतर ढंग से चल रही है लेकिन जल जमाव की वजह से बच्चे ना तो स्कूल जा पा रहे हैं और ना ही शिक्षक पढ़ा पा रहे हैं. शहर के राजेंद्र कॉलेजिएट स्कूल के बाहर मुख्य सड़क पर, जयप्रकाश विश्वविद्यालय का प्रीमियम कॉलेज राजेंद्र कॉलेज के मुख्य गेट के बाहर और कैंपस में, जिला स्कूल के कैंपस में, विशाम्बीनरी के कैंपस में और बाहर, आर्य समाज गली, सरण अकैडमी रोड समेत अन्य शैक्षणिक संस्थान के परिसर में और बाहर संपर्क रोड पर काफी जल जमाव है. काशी बाजार का जल निकासी सिस्टम फेल पश्चिमी छपरा शहर का अधिकांश बरसात का पानी रेलवे के किनारे से होते हुए बिनतोलिया साइड में जाती है, और इसके लिए काशी बाजार चौमुंहानी के पास स्थित निकासी पाइपलाइन है जो की पूरी तरह से जाम है, सफाई कार्य में लगे कर्मियों ने बताया कि सड़क क्रॉस करके जो पाइपलाइन बिछाया गया है वह काफी पतला है और जाम हो चुका है इसीलिए पानी की निकासी नहीं हो रही है जब तक सड़क को तोड़कर बाद ह्यूम पाइप नहीं लगाया जाएगा, तब तक जल जमाव की समस्या बरकरा रहेगी. क्या कहते हैं नगर आयुक्त अपने निरीक्षण में जहां-जहां कमी देखा है और लापरवाही सामने आई है संबंधित अधिकारी और इंजीनियर पर कार्रवाई की तैयारी हो रही है. तीन महीने से लगातार निर्देश दिया जा रहा था और उसके पालन में कमी देखी गयी है. सुमित कुमार नगर आयुक्त, छपरा नगर निगम

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