गंडक ने अपना रौद्र रूप छोड़ा तो गंगा और घाघरा का जल स्तर घटा

Updated at : 21 Jul 2024 10:45 PM (IST)
विज्ञापन
गंडक ने अपना रौद्र रूप छोड़ा तो गंगा और घाघरा का जल स्तर घटा

सारण में अब बाढ़ की स्थिति समाप्त हो गयी है और सुखाड़ की स्थिति उत्पन्न होने लगी है. नहरों में पर्याप्त जल नहीं आया है. कई नहर तो बिल्कुल सुखा हैं.

विज्ञापन

छपरा. सारण में अब बाढ़ की स्थिति समाप्त हो गयी है और सुखाड़ की स्थिति उत्पन्न होने लगी है. नहरों में पर्याप्त जल नहीं आया है. कई नहर तो बिल्कुल सुखा हैं. किसानों के चेहरे पर हवाइयां उड़ने लगी है. क्योंकि सारण में 30 फ़ीसदी से अधिक रोपनी का कार्य हो चुका है और किसानों को डर लग रहा है की कही यह सुख न जाये. बोरिंग और पंपिंग सेट से धान की खेती करना बहुत बड़ा आर्थिक नुकसान होता है. हालांकि बाढ़ नियंत्रण विभाग के इंजीनियर जलस्तर घटने के बावजूद सभी बांध और नदियों पर निगाह गड़ाये हुए हैं. क्योंकि उनका कहना है कि पिछली बार कि उन्हें सीख मिली है कि अचानक अक्टूबर माह में नदियों का जलस्तर बढ़ गया था और बाढ़ जैसे हालात हो गए थे ऐसे में अक्टूबर महीने तक नजर रहेगी. इधर जिला प्रशासन की तैयारी में कोई कमी नहीं देखी जा रही है जिलाधिकारी अमन समीर प्रतिदिन तैयारी की रिपोर्ट ले रहे है. किसी भी स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन तैयार है.

14 जुलाई से जो जल स्तर घटने शुरू हुए वे आज तक चढ़े नहीं

बाढ़ नियंत्रण विभाग के अधिकारियों की माने तो 14 जुलाई की सुबह से जो जलस्तर घटने शुरू हुए वह आज तक चढ़े नहीं और लगातार घट ही रहे कई जगहों पर तो पूर्व की स्थिति हो गयी है. तीन फीट से लेकर पांच फीट तक की कमी दर्ज की गई है. सबसे अधिक कमी पानापुर प्रखंड से सटे गंडक नदी में दर्ज की गई है. इसी तरह रेवा घाट, सोनपुर, मकेर आदि क्षेत्रों में भी जलस्तर सामान्य होने की स्थिति में घटते जा रहे हैं. 14 जुलाई को गंगा गांधी घाट का जलस्तर 47.61मीटर था जो 21 जुलाई को 3:00 बजे तक घटकर 47. 16 पर चला आया है, इसी तरह गंडक हाजीपुर का जल स्तर 48.22 मी था जो 47.63 हो गया है, गंडक रेवा घाट का जलस्तर 54.68 था जो अब 53.50 हो गया है घाघरा नदी सिसवन का जलस्तर 56.38 था अब 55. 79 हो गया है इसी तरह घाघरा छपरा का जलस्तर 49. 26 था वर्तमान में 49. 21 मीटर हो गया है.

आंकड़ों में स्थिति

नदी का नाम खतरे का निशान वर्तमान स्थिति

गंगा नदी 48.60 47.16

गंडक हाजीपुर 50.32 47.63

गंडक रेवा 54.41 53.50

घाघरा सिसवन 57.04 55.79

घाघरा छपरा 53.68 49.21

यहां से आ रहा अधिक पानी

-गंडक बैराज से छोड़ा गया पानी-1.39500 क्यूसेक

-नेपाल से छोड़ा गया पानी-1.58895क्यूसेक

एडीएम ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का किया दौरा

एडीएम सारण शंभू शरण पांडे ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौरा करते हुए वहां के अधिकारियों को निरंतर जल स्तर पर नजर बनाए रखने का आदेश दिया. मौके पर मौजूद बाढ़ नियंत्रण विभाग के कार्यपालक अभियंता संजय कुमार को पल पल की स्थिति की रिपोर्ट जिलाधिकारी को देते रहने का आदेश दिया ताकि समय पर किसी भी स्थिति से निपटा जा सके वैसे बातचीत के क्रम में उन्होंने बताया कि जलस्तर लगातार घट रहा है. बाढ़ जैसी स्थिति नहीं है पहले जो पानी खेतों में आ चुका था वह अब सुख रहा है. एडीएम ने रेवा घाट, मकेर, दरियापुर के आसपास के इलाकों का निरीक्षण किया इस दौरान वहां के अंचलाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, बाढ़ नियंत्रण के पदाधिकारी के साथ बैठक का आवश्यक दिशा निर्देश दिया.

क्या कहते हैं अधिकारी

14 जुलाई की सुबह से सभी नदियों के जलस्तर में लगातार कमी हो रही है. यह कमी 3 फीट से लेकर 5 फीट के लगभग है. फिर भी अक्टूबर महीने तक नदियों के जलस्तर पर नजर रहता है.

संजय कुमार,

कार्यपालक अभियंता, बाढ़ नियंत्रण

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन