Saran News : सुरेश सिंह हत्याकांड के आरोपित की गिरफ्तारी को लेकर ग्रामीणों ने आगजनी कर जाम की सड़क

Author Alok kumar
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Saran News : सुरेश सिंह हत्याकांड के आरोपित की गिरफ्तारी को लेकर ग्रामीणों ने आगजनी कर जाम की सड़क

Saran News : थाना क्षेत्र के पकड़ी नरोत्तम गांव निवासी सुरेश सिंह के अपहरण और हत्या के मामले में अब तक हत्यारों की गिरफ्तारी न होने से आक्रोशित ग्रामीणों ने रविवार सुबह सतजोड़ा बाजार में सड़क जाम कर जमकर प्रदर्शन किया.

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पानापुर. थाना क्षेत्र के पकड़ी नरोत्तम गांव निवासी सुरेश सिंह के अपहरण और हत्या के मामले में अब तक हत्यारों की गिरफ्तारी न होने से आक्रोशित ग्रामीणों ने रविवार सुबह सतजोड़ा बाजार में सड़क जाम कर जमकर प्रदर्शन किया. घटना के बाद आसपास के कई गांवों के लोग सतजोड़ा बाजार पहुंचे, जहां उन्होंने सड़क पर टायर जलाकर और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए थानाध्यक्ष को हटाने की मांग की. इस दौरान बाजार की सभी दुकानें बंद थीं और लखनपुर-बंगराघाट मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गयीं.

24 घंटे में गिरफ्तारी नहीं होने पर होगा प्रदर्शन

सड़क जाम की सूचना पर वाइपीएल संयोजक युवराज सुधीर सिंह सतजोड़ा बाजार पहुंचे. वहां ग्रामीणों ने उन्हें बताया कि पुलिस की लापरवाही के कारण सुरेश सिंह की जान चली गयी. ग्रामीणों का कहना था कि अगर समय रहते पुलिस ने कार्रवाई की होती, तो सुरेश सिंह की जान बचायी जा सकती थी. इस बीच, डीएसपी मशरक अमरनाथ, मशरक इंस्पेक्टर अशोक कुमार सिंह और पानापुर तथा तरैया थाने की पुलिस घटनास्थल पर पहुंची, जहां उन्हें आक्रोशित ग्रामीणों का सामना करना पड़ा. ग्रामीणों ने पुलिस अधिकारियों के सामने स्थानीय थानाध्यक्ष पर जातिवाद जैसे गंभीर आरोप लगाये. युवराज सुधीर सिंह ने पुलिस प्रशासन को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया कि अगर हत्यारों की गिरफ्तारी नहीं होती है, तो पानापुर थाने पर प्रदर्शन किया जायेगा. पुलिस अधिकारियों द्वारा मामले में त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिये जाने के बाद लगभग पांच घंटे बाद जाम समाप्त हुआ.

कर्ण कुंदरिया गांव के पास स्थित नहर के साइफन में मिला था शव

गौरतलब है कि सुरेश सिंह के अपहरण और हत्या के मामले में स्थानीय पुलिस प्रशासन की भूमिका शुरू से ही संदिग्ध रही है. चार अप्रैल को सुरेश सिंह किसी के फोन आने पर घर से गायब हो गये थे. परिजनों ने छह अप्रैल को स्थानीय थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करायी थी. इस बीच, पांच से सात अप्रैल के बीच सुरेश सिंह के बैंक खाते से लगभग एक लाख 36 हजार रुपये की निकासी हुई. कुछ ग्रामीणों ने बताया कि छह अप्रैल को अपहृत का लोकेशन मशरक थाना क्षेत्र के हरपुरजान में था, लेकिन पुलिस चुपचाप बैठी रही. नौ अप्रैल को ग्रामीणों ने डीएसपी मशरक को आवेदन देकर हत्या की आशंका जतायी और मामले की जांच के लिए एसआइटी टीम गठित करने की मांग की. उन्होंने गांव के एक युवक और उसकी मां पर शक जताया था. 16 अप्रैल को सुरेश सिंह का शव कर्ण कुंदरिया गांव के पास स्थित नहर के साइफन में मिला. परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने शव को किसी जानवर का बताकर उन्हें धोखा देने की कोशिश की, लेकिन गनीमत रही कि परिजनों ने छपरा पहुंचकर शव की शिनाख्त की. इस मामले में सारण विकास मंच के संयोजक शैलेंद्र प्रताप सिंह ने सारण एसपी को ग्रामीणों के आक्रोश से अवगत कराते हुए उचित कार्रवाई की मांग की है. उन्होंने बताया कि आरक्षी अधीक्षक ने स्पष्ट कहा है कि अगर इस मामले का शीघ्र उद्भेदन नहीं होता, तो संबंधित थाना प्रभारी पर कार्रवाई की जायेगी.

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