Saran News : पूर्वोत्तर रेलवे महाविद्यालय सोनपुर के दोनों मुख्य गेट व कैंटीन सील, रेल प्रशासन ने किया भूमि पर कब्जा

Published by : ALOK KUMAR Updated At : 06 May 2025 10:13 PM

विज्ञापन

Saran News : वर्षों पुराने भूमि विवाद में न्यायालय से जीत मिलने के बाद पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन ने मंगलवार को सोनपुर स्थित रेलवे महाविद्यालय के दोनों मुख्य गेट और कैंटीन को सील कर लिया.

विज्ञापन

सोनपुर. वर्षों पुराने भूमि विवाद में न्यायालय से जीत मिलने के बाद पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन ने मंगलवार को सोनपुर स्थित रेलवे महाविद्यालय के दोनों मुख्य गेट और कैंटीन को सील कर लिया. यह कार्रवाई स्थानीय पुलिस प्रशासन के सहयोग से की गयी.

इस दौरान महाविद्यालय की भूमि और भवन को रेलवे ने अपने कब्जे में ले लिया. मंगलवार को मां जानकी जयंती के उपलक्ष्य में महाविद्यालय बंद था, जिससे प्रशासन को कार्रवाई करने में सहूलियत मिली. कार्रवाई के दौरान कार्यपालक दंडाधिकारी रामजी पासवान, सोनपुर थानाध्यक्ष राजनंदन, पोस्ट इंचार्ज सुमन कुमारी, वरिष्ठ सेक्शन रेलवे इंजीनियर एलसी वर्मा, रेलवे सुरक्षा बल और बिहार पुलिस के सैकड़ों जवान मौजूद थे.

लंबे समय से चल रहा था विवाद, न्यायालय ने दी हरी झंडी

रेल प्रशासन और महाविद्यालय प्रबंधन के बीच यह भूमि विवाद कई वर्षों से चला आ रहा था, जो अंततः न्यायालय तक पहुंचा. कोर्ट से रेलवे के पक्ष में फैसला आने के बाद प्रशासन ने यह कार्रवाई की. इससे पूर्व भी रेलवे ने महाविद्यालय के आधा दर्जन से अधिक कमरों को सील किया था.

1978 में हुआ था महाविद्यालय का उद्घाटन

बताते चलें कि 1978 में तत्कालीन रेल मंत्री मधु दंडवते ने पूर्व मुख्यमंत्री रामसुंदर दास की पहल पर इस महाविद्यालय का उद्घाटन किया था. यह महाविद्यालय तब से लेकर अब तक क्षेत्र में उच्च शिक्षा का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है. रेलवे ने पूर्व में ही कॉलेज को स्थानांतरित करने का प्रस्ताव दिया था और सोनपुर स्टेशन गेट के उत्तर-पश्चिम सड़क किनारे भूमि भी आवंटित की थी, जहां कुछ समय तक कॉलेज संचालन हुआ, पर बाद में बंद हो गया.

छात्रों के भविष्य पर संकट, स्थानीय लोगों में नाराजगी

यह स्नातक स्तर का इकलौता उच्च शिक्षण संस्थान है, जिसने हजारों छात्रों को शिक्षा दी. अब इसके बंद होने से छात्रों का भविष्य अंधकारमय हो गया है. स्थानीय लोगों का कहना है कि कॉलेज कर्मियों की राजनीतिक भूमिका ने स्थिति को और जटिल बनाया. गरीब तबके के लोग, जो अपने बच्चों को कम खर्च में यहीं शिक्षा दिलाते थे, अब परेशान हैं. कई लोगों का कहना है कि परीक्षा के समय पूर्व में जब सीलिंग की कार्रवाई हुई थी, तब प्रशासन ने छात्रों को ध्यान में रखते हुए कुछ कमरों को छोड़ा था, लेकिन इस बार की कार्रवाई पूरी तरह निर्णायक रही.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
ALOK KUMAR

लेखक के बारे में

By ALOK KUMAR

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन