सारण में बच्चों के निवाले पर बड़ा खेल, 800 क्विंटल चावल चोरी, 1100 क्विंटल सड़ा, अब शिक्षा विभाग ने दिया बड़ा आदेश

Published by : Sakshi kumari Updated At : 22 May 2026 8:58 AM

विज्ञापन

सांकेतिक तस्वीर

मामले में 800 क्विंटल चावल चोरी होने और 1100 क्विंटल चावल के सड़कर बर्बाद होने की बात सामने आई है. एक साल तक दबे रहे इस मामले में अब जिला मध्यान्ह भोजन कार्यालय ने कार्रवाई शुरू कर दी है.

विज्ञापन

Mid Day Meal Scam: (संजय भारद्वाज) सारण जिले में मध्यान्ह भोजन योजना से जुड़ा बड़ा घोटाला सामने आया है. स्कूली बच्चों के लिए भेजे गये एमडीएम चावल में भारी गड़बड़ी का खुलासा हुआ है. मामले में 800 क्विंटल चावल चोरी होने और 1100 क्विंटल चावल के सड़कर बर्बाद होने की बात सामने आई है. एक साल तक दबे रहे इस मामले में अब जिला मध्यान्ह भोजन कार्यालय ने कार्रवाई शुरू कर दी है.

बच्चों के चावल में भारी गड़बड़ी

जानकारी के अनुसार सारण जिले में एमडीएम योजना के तहत रखे गये चावल में भारी अनियमितता पाई गई. जांच में सामने आया कि 800 क्विंटल चावल चोरी हो गया, जबकि 1100 क्विंटल चावल सील गोदाम में पड़े-पड़े सड़ गया. मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग और मध्यान्ह भोजन कार्यालय में हड़कंप मच गया.

थर्ड पार्टी जांच में खुली बड़ी लापरवाही

जिला मध्यान्ह भोजन कार्यालय द्वारा इस पूरे मामले की अंदर ही अंदर थर्ड पार्टी जांच कराई गई. जांच रिपोर्ट में गंभीर गड़बड़ियों की पुष्टि होने के बाद सक्षम प्राधिकार के अनुमोदन पर मशरख और परसा स्थित केंद्रीकृत रसोईघर को अवधि विस्तार देने से इनकार कर दिया गया.

एनजीओ पर 1900 क्विंटल चावल की राशि जमा करने का आदेश

मामले में रसोईघर संचालित करने वाली संस्था “बाल विकास सेवा संस्थान” पर बड़ी कार्रवाई की गई है. जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, मध्यान्ह भोजन ने संस्था को 1900 क्विंटल चावल की राशि एक सप्ताह के अंदर ड्राफ्ट के माध्यम से जमा करने का आदेश दिया है.

पिछले साल सामने आया था मामला

बताया जा रहा है कि चार अगस्त 2025 को संस्था “बाल विकास सेवा संस्थान” द्वारा एमडीएम कार्यालय छपरा को आवेदन देकर जानकारी दी गई थी कि एक अगस्त 2025 तक मशरख प्रखंड स्थित किचेन में 1894 क्विंटल चावल शेष होना चाहिए था. इसके बाद जांच शुरू हुई, जिसमें चावल गायब और बर्बाद होने की बात सामने आई.

कार्रवाई के बाद विभाग में मची हलचल

मामले में कार्रवाई शुरू होने के बाद विभागीय स्तर पर हलचल तेज हो गई है. बच्चों के भोजन से जुड़े इतने बड़े मामले के सामने आने के बाद अधिकारियों की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं. अब सभी की नजर आगे होने वाली कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई है.

Also Read: अंतिम संस्कार में शामिल होने गए बीडीसी सदस्य सरयू नदी में डूबे, जानिए कैसे हुआ हादसा

विज्ञापन
Sakshi kumari

लेखक के बारे में

By Sakshi kumari

साक्षी देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद की धरती सीवान से आती हैं. पत्रकारिता में अपनी करियर की शुरुआत News4Nation के साथ की. 3 सालों तक डिजिटल माध्यम से पत्रकारिता करने के बाद वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल के साथ कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. बिहार की राजनीति में रुचि रखती हैं. हर दिन नया सीखने के लिए इच्छुक रहती हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन