सारण में चार दिनों की बारिश बनी किसानों के लिए वरदान, 17% धान की रोपनी पूरी

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 10 से 14 जुलाई की बारिश किसानों के लिए साबित हुई वरदान, 100 फ़ीसदी बिचड़ा लगे

धान की रोपनी करते किसान | Prabhat Khabar Network

Saran Weather: सारण जिले के किसानों के लिए जुलाई की बारिश वरदान साबित हुई है. 10 से 14 जुलाई के बीच हुई मूसलाधार बारिश ने धान के बिचड़ा लगाने और रोपनी के लक्ष्य को लगभग पूरा कर दिया है. मक्का फसल के लिए भी यह बारिश लाभकारी रही है.

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Saran Weather: सारण जिले में जुलाई माह के दौरान हुई चार दिनों की बारिश किसानों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है. 10 से 14 जुलाई के बीच हुई वर्षा से खेतों में पानी पहुंचने के बाद धान की रोपनी ने रफ्तार पकड़ ली है. कृषि विभाग के अनुसार धान के बिचड़े (नर्सरी) का लक्ष्य लगभग पूरा हो चुका है और जिले में अब तक करीब 17 प्रतिशत धान की रोपनी भी हो चुकी है. हालांकि जून और जुलाई को मिलाकर जिले में अब भी 67.20 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है.

चार दिनों की बारिश से कृषि कार्यों को मिली संजीवनी

जिले में जुलाई माह के लिए सामान्य वर्षापात 318.70 मिलीमीटर निर्धारित है. 14 जुलाई तक सामान्य रूप से 143.93 मिलीमीटर वर्षा होनी चाहिए थी, जबकि वास्तविक औसत वर्षापात 109.61 मिलीमीटर दर्ज किया गया है. माह के अभी आधे दिन शेष हैं, ऐसे में सामान्य वर्षा के आंकड़े तक पहुंचने की उम्मीद बनी हुई है.

99.69 प्रतिशत धान का बिचड़ा तैयार

जिला कृषि विभाग के अनुसार 10,021.99 हेक्टेयर में धान का बिचड़ा तैयार करने का लक्ष्य था, जिसके मुकाबले 99.69 प्रतिशत लक्ष्य पूरा कर लिया गया है.

वहीं 1,00,219.08 हेक्टेयर में धान की रोपनी का लक्ष्य रखा गया है. अब तक 16,253 हेक्टेयर में रोपनी पूरी हो चुकी है, जो करीब 17 प्रतिशत है.

मक्का और अरहर की खेती में भी तेजी

बारिश का लाभ अन्य खरीफ फसलों को भी मिला है. जिले में 15,608 हेक्टेयर में मक्का की खेती का लक्ष्य है, जिसमें अब तक 12,830 हेक्टेयर (82.20 प्रतिशत) में बुआई हो चुकी है.

इसी तरह 3,204 हेक्टेयर में अरहर की खेती का लक्ष्य निर्धारित है, जिसमें अब तक करीब 2,000 हेक्टेयर में बुआई पूरी हो चुकी है.

13 जुलाई को सबसे अधिक हुई बारिश

जुलाई में सबसे अधिक वर्षा 13 जुलाई को दर्ज की गई. जिले में उस दिन कुल 771 मिलीमीटर (सभी प्रखंडों का संयुक्त रिकॉर्ड) बारिश हुई. इसके अलावा 10 जुलाई को 395 मिलीमीटर, 11 जुलाई को 342 मिलीमीटर और 14 जुलाई को 441 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई.

परसा में सबसे ज्यादा, जलालपुर में सबसे कम बारिश

14 जुलाई तक प्रखंडवार वर्षा के आंकड़ों में परसा सबसे आगे रहा, जहां 229.10 मिलीमीटर बारिश हुई. इसके बाद अमनौर (160.70 मिमी), मशरख (154.20 मिमी) और मकेर (145.60 मिमी) का स्थान रहा.

सबसे कम वर्षा जलालपुर प्रखंड में दर्ज की गई, जहां केवल 49.20 मिलीमीटर बारिश हुई.

प्रखंडवार वर्षा (14 जुलाई तक)

  • परसा – 229.10 मिमी
  • अमनौर – 160.70 मिमी
  • मशरख – 154.20 मिमी
  • मकेर – 145.60 मिमी
  • लहलादपुर – 143.00 मिमी
  • इसुआपुर – 136.60 मिमी
  • तरैया – 130.20 मिमी
  • दिघवारा – 119.20 मिमी
  • दरियापुर – 105.30 मिमी
  • नगरा – 103.20 मिमी
  • मढ़ौरा – 99.60 मिमी
  • सोनपुर – 96.40 मिमी
  • रिविलगंज – 92.40 मिमी
  • एकमा – 86.00 मिमी
  • मांझी – 76.20 मिमी
  • सदर – 71.40 मिमी
  • पानापुर – 71.40 मिमी
  • बनियापुर – 68.80 मिमी
  • गरखा – 53.20 मिमी
  • जलालपुर – 49.20 मिमी

तीन वर्षों में जून-जुलाई की बारिश की स्थिति

वर्षऔसत वर्षापातसामान्य से कमी
2024-25142.63 मिमी68%
2025-26206.95 मिमी54.23%
2026-27 (14 जुलाई तक)145.62 मिमी67.20%

क्या बोले जिला कृषि पदाधिकारी

जिला कृषि पदाधिकारी मधुरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि जुलाई में हुई बारिश से किसानों को काफी राहत मिली है. धान के बिचड़े का लक्ष्य लगभग पूरा हो चुका है और रोपनी भी तेजी से चल रही है. यदि आने वाले दिनों में सामान्य बारिश होती रही तो धान की रोपनी का लक्ष्य भी समय पर पूरा कर लिया जाएगा.

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Sanjay Bhardawaj

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