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टेबल और मचान बनाकर धान की कटनी करने पर किसान मजबूर

Updated at : 09 Nov 2025 10:55 PM (IST)
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टेबल और मचान बनाकर धान की कटनी करने पर किसान मजबूर

चक्रवाती मोंथा तुफान व बारिश से त्रस्त किसान अपनी धान फसल को बचाने की जुगत में लग चुके हैं.

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रसूलपुर(एकमा). चक्रवाती मोंथा तुफान व बारिश से त्रस्त किसान अपनी धान फसल को बचाने की जुगत में लग चुके हैं. पुरी तरह पक चुकी धान की फसल की कटाई के लिए किसानों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. फसल में लगे लबालब पानी में टेबुल, खाट, कुर्सी, मचान आदि बनाकर धान कटाई करने पर किसान विवश हैं. चनचौरा पंचायत के किसान सुरेंद्र प्रसाद, मनोज यादव, सरोज यादव आदि कहते हैं कि धान की फसल अगर नहीं कटी तो पानी में सड़ जायेगा और उनकी करीब चार महीने की कमाई पर पानी फिर जायेगा. वैसे भी उनकी पकी हुई धान की अधिकांश फसल गिर चुकी है और सड़ने लगा है. ऐसे में बची खुची फसल को बचाने के लिए वे सब एड़ी चोटी का पसीना बहा रहे हैं. किसानों की मानें तो अंतिम चक्रवाती बारिश ने न केवल धान की फसल को नष्ट किया है बल्कि भावी रबी, आलू, तेलहन आदि फसल की बुआई को भी प्रभावित किया है. रसूलपुर थाना क्षेत्र के वंशीछपरा, लाकठछपरा, धानाडीह, गौसपुर, नवादा आदि गांवों के नीचली जमीनों में काफी पानी है जिसमें धान की फसल बर्बाद हुई है और वहां रबी बुआई भी पिछड़ने की आशंका है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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ALOK KUMAR

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