सारण जिला परिषद अध्यक्ष पद के संभावित चुनाव को लेकर पक्ष-विपक्ष ने शुरू की तैयारी

सारण जिला परिषद से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा कुछ बिंदुओं पर राज्य निर्वाचन आयोग को दिशा-निर्देश जारी किये जाने के बाद जिले की सियासत एक बार फिर गरमा गयी है.
छपरा. सारण जिला परिषद से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा कुछ बिंदुओं पर राज्य निर्वाचन आयोग को दिशा-निर्देश जारी किये जाने के बाद जिले की सियासत एक बार फिर गरमा गयी है. कयास लगाये जा रहे हैं कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद 45 दिनों के भीतर अध्यक्ष पद पर चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो सकती है. इसे लेकर पक्ष और विपक्ष ने अभी से पार्षदों को अपने-अपने पक्ष में करने के लिए जोर-आजमाइश तेज कर दी है. सूत्रों के अनुसार, जिला परिषद के कुल 47 पार्षदों में से एक गुट के करीब 15 पार्षद फिलहाल जिले से बाहर बताये जा रहे हैं. दावा किया जा रहा है कि मतदान के दिन वे एक साथ उपस्थित होकर अपनी रणनीति का प्रदर्शन करेंगे. एक पार्षद ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि 48 घंटे के भीतर कुछ और पार्षद भी बाहर जा सकते हैं और एक अध्यक्ष प्रत्याशी के समर्थन में लामबंद होंगे.
विशेष बैठक क्यों पड़ी थी आवश्यक
ज्ञात हो कि पटना हाइकोर्ट ने 14 अगस्त 2024 को सारण जिला परिषद की अध्यक्ष जयमित्रा देवी की याचिका खारिज करते हुए डीएम को निर्देश दिया था कि वे सात दिनों के भीतर अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के लिए विशेष बैठक की नयी तिथि तय करें. कोर्ट ने सभी निर्वाचित सदस्यों को नोटिस जारी कर बैठक में भाग लेने का निर्देश दिया था. इसके बाद 29 अगस्त 2024 को हाइकोर्ट के आदेश पर अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा और मतदान की प्रक्रिया पूरी करायी गयी. राज्य निर्वाचन आयोग ने 26 सितंबर 2024 को चुनाव की तिथि निर्धारित की. कलेक्ट्रेट सभागार में हुई बैठक में मतदान के दौरान जयमित्रा देवी को 18 मत और जिला पार्षद स्नेहा सिंह को 29 मत मिले थे. परिणाम के बाद जयमित्रा देवी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया. सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल प्रभाव से हाइकोर्ट के आदेश और निर्वाचन प्रक्रिया पर रोक लगाते हुए उन्हें पुनः बहाल कर दिया था. अब सुप्रीम कोर्ट के नए निर्देश के बाद एक बार फिर अध्यक्ष पद को लेकर सियासी हलचल तेज हो गयी है.क्या कहती हैं अध्यक्ष
अभी कोई अंतिम आदेश प्राप्त नहीं हुआ है. 12 मार्च को सुनवाई है, उसमें स्थिति स्पष्ट होगी. कोर्ट का जो भी आदेश होगा, उसका अनुपालन किया जायेगा.जयमित्रा देवी, अध्यक्ष, जिला परिषद
———-सुप्रीम कोर्ट का आदेश राज्य मुख्यालय को जाता है. वहां से जो निर्देश प्राप्त होगा, उसी के अनुरूप कार्रवाई की जायेगी. फिलहाल कोई आधिकारिक आदेश प्राप्त नहीं हुआ है.सुसेंद्र कुमार पाल, उपमुख्य कार्यपालक पदाधिकारी———-
सुप्रीम कोर्ट ने राज्य निर्वाचन आयोग को नये सिरे से अध्यक्ष पद पर चुनाव कराने का निर्देश दिया है. उनके अनुसार, संभव है कि एक माह के भीतर चुनाव प्रक्रिया पूरी करायी जाये. कोर्ट ने कई बिंदुओं को स्पष्ट कर दिया है.राहुल मंडल, एडवोकेट, हाइकोर्टप्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




