छपरा में अंगीठी बनी काल: नानी समेत 3 बच्चों की दम घुटने से मौत, मां और मौसी की हालत नाजुक
Published by : Abhinandan Pandey Updated At : 27 Dec 2025 11:33 AM
घटना के बाद रोते-बिलखते परिजन
Bihar News: छपरा में ठंड से बचने के लिए जलाई गई अंगीठी एक परिवार के लिए काल बन गई. बंद कमरे में दम घुटने से तीन मासूम बच्चों और उनकी नानी की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य की हालत गंभीर है.
Bihar News: (छपरा से चंद्रशेखर सिंह) बिहार के छपरा में ठंड से बचने का इंतजाम एक परिवार के लिए जानलेवा साबित हो गया. शुक्रवार देर रात घर के एक कमरे में अंगीठी जलाकर सोए एक ही परिवार के चार लोगों की दम घुटने से मौत हो गई. जबकि तीन अन्य की हालत गंभीर बनी हुई है. इस दर्दनाक हादसे में तीन मासूम बच्चों और उनकी नानी की जान चली गई, जिससे पूरे इलाके में कोहराम मच गया है.
मृतकों की हुई पहचान
मृतकों की पहचान 3 वर्षीय तेजस, 4 वर्षीय अध्याय, 7 महीने की गुड़िया कुमारी और 70 वर्षीय कमलावती देवी के रूप में हुई है. तीनों बच्चे आपस में मौसेरे भाई-बहन थे और ठंड की छुट्टियों में अपनी नानी के घर आए हुए थे. कमलावती देवी उनकी नानी थीं.
वहीं, दम घुटने से मामा अमित कुमार, मां अमीषा और अंजलि की हालत गंभीर हो गई. तीनों को तुरंत छपरा सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों के मुताबिक उनकी स्थिति फिलहाल नाजुक बनी हुई है.
एक ही कमरे में सो रहा था पूरा परिवार
घटना भगवान बाजार थाना क्षेत्र के अंबिका कॉलोनी, भारत मिलाप चौक के पास की है. परिजनों ने बताया कि कड़ाके की ठंड के कारण परिवार के सभी सदस्य एक ही कमरे में सो रहे थे. ठंड से बचने के लिए कमरे में अंगीठी (बोरसी) जलाई गई थी, जो देर रात तक जलती रही.
बताया जा रहा है कि अंगीठी से निकली कार्बन मोनोऑक्साइड गैस कमरे में फैल गई, जिससे ऑक्सीजन का स्तर धीरे-धीरे कम होता चला गया. गहरी नींद में होने की वजह से किसी को भी खतरे का अंदाजा नहीं हो सका.
शनिवार सुबह जब एक सदस्य को बेचैनी महसूस हुई, तो उसने किसी तरह दरवाजा खोलकर बाहर निकलने की कोशिश की. होश आने पर जब उसने बाकी लोगों को जगाया, तो चार लोगों में कोई हरकत नहीं थी. आनन-फानन में सभी को सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने चार लोगों को मृत घोषित कर दिया.
नानी के घर छुट्टियां बिताने आए थे बच्चे
परिजनों के अनुसार, कमलावती देवी हाल ही में बनारस से पूजा कर लौटकर छपरा आई थीं और बेटे अमित के साथ रहती थीं. पति का पहले ही निधन हो चुका है. ठंड की छुट्टियों में उनकी दोनों बेटियां अमीषा और अंजलि अपने बच्चों के साथ मां से मिलने आई थीं.
घटना के समय घर के ग्राउंड फ्लोर पर बड़े बेटे अपने परिवार के साथ सो रहे थे, जबकि फर्स्ट फ्लोर पर कमलावती देवी, उनकी बेटियां, एक बेटा और तीन नाती-नातिन एक ही कमरे में सो रहे थे.
इलाके में मातम, पुलिस जांच में जुटी
हादसे के बाद अंबिका कॉलोनी में सन्नाटा पसरा हुआ है और पूरे मोहल्ले में शोक का माहौल है. सूचना मिलते ही एएसपी राम पुकार सिंह, थानाध्यक्ष सुभाष कुमार, टाउन थानाध्यक्ष संजीव कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी सदर अस्पताल और घटनास्थल पर पहुंचे. पुलिस ने घटनास्थल की बारीकी से जांच की है और परिजनों से पूछताछ कर पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है.
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