अंकपत्र में गड़बड़ी से नाराज छात्रों ने परीक्षा विभाग में जमकर किया हंगामा
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 22 Aug 2024 8:48 PM
गुरुवार को जयप्रकाश विश्वविद्यालय के परीक्षा विभाग में छात्र-छात्राओं ने चार घंटे तक जमकर हंगामा किया. स्नातक पार्ट टू सत्र 2020-23 के अंक पत्र में हुई भारी गड़बड़ी से नाराज होकर छात्रों ने पहले परीक्षा विभाग का घेराव किया.
छपरा. गुरुवार को जयप्रकाश विश्वविद्यालय के परीक्षा विभाग में छात्र-छात्राओं ने चार घंटे तक जमकर हंगामा किया. स्नातक पार्ट टू सत्र 2020-23 के अंक पत्र में हुई भारी गड़बड़ी से नाराज होकर छात्रों ने पहले परीक्षा विभाग का घेराव किया. उसके बाद प्रभारी परीक्षा नियंत्रक प्रो कमल के कार्यालय में पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया. इस दौरान काफी देर तक विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा. 300 से अधिक छात्र-छात्राएं एकजुट होकर विश्वविद्यालय कैंपस पहुंचे थे. वह बार-बार परीक्षा नियंत्रक से मांग कर रहे थे कि स्नातक पार्ट टू का जो अंक पत्र रिलीज किया गया है. उसमें काफी गड़बड़ी है. कई छात्र-छात्राओं को अंक पत्र में फेल या प्रमोटेड दिखाया गया है. जबकि वह परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके हैं. कुछ छात्र-छात्राओं ने परीक्षा नियंत्रण के साथ धक्का-मुक्की भी की और अविलंब अंक पत्र में सुधार की मांग पर अड़े रहे. छात्रों के बढ़ते हंगामा को देखते हुए मुफस्सिल थाना की पुलिस को भी विश्वविद्यालय प्रशासन ने बुला लिया. इसके बावजूद भी देर शाम तक छात्र-छात्राएं हंगामा करते रहे. छात्रों का कहना था कि 24 अगस्त तक पार्ट थर्ड का परीक्षा फॉर्म भरने की अंतिम तिथि है. लेकिन इसके पहले पार्ट टू का जो अंक पत्र कॉलेज में भेजा गया है. उसमें भारी गड़बड़ी है. ऐसी स्थिति में हम परीक्षा फॉर्म कैसे भर सकेंगे. कुलपति को इसमें अविलंब हस्तक्षेप करना चाहिये. कुलपति ने बताया कि छात्रों की जो भी समस्या है. उसपर गंभीरता पूर्वक विचार किया जा रहा है. जिसका समाधान तुरंत कर लिया जायेगा. जरूरत पड़ी तो परीक्षा फॉर्म भरने की तिथि बढ़ायी जायेगी.
गत वर्ष रिजल्ट का प्रकाशन किया गया था आधा-अधूरा
जेपीयू के प्रमुख छात्र संगठनों का कहना है कि स्नातक सत्र 2020-23 द्वितीय खंड का अंक प्रमाण पत्र महाविद्यालय में भेजा गया है. लेकिन उसमें काफी गड़बड़ी है. राज्य सरकार के दबाव में गत वर्ष रिजल्ट का प्रकाशन आधा-अधूरा किया गया. उस जितने छात्रों ने परीक्षा दी थी. उनमें से महज फीसदी का ही रिजल्ट ही तैयार हो पाया था. उसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन से और रिजल्ट तैयार करने वाली एजेंसी यूएमआइएस के बीच में भुगतान को लेकर विवाद हो जाने से काम ठप हो गया था. जब कुलपति प्रो बाजपेई ने पदभार ग्रहण किया तो उक्त कंपनी से रिजल्ट से सम्बंधित डाटा की मांग की. उक्त एजेंसी ने आधा अधूरा डाटा दे दिया. अब उसी डाटा के आधार पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने 95% छात्र-छात्राओं को अब्सेंट, फेल व जीरो मार्क्स देकर अंक पत्र महाविद्यालय में भेजा गया है. विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्नातक तृतीय खंड सत्र 2020-23 का परीक्षा प्रपत्र भरने का नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया है. अब छात्रों के बीच असमंजस की स्थिति है कि स्नातक द्वितीय खंड का जो बिना मार्क्स इंट्री किये अंक पत्र रिलीज किया गया है. उसके आधार पर स्नातक तृतीय खंड का परीक्षा प्रपत्र कैसे भरेंगे.
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