असहज महसूस कर रहे हैं लोग

Published at :15 Nov 2016 12:04 AM (IST)
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असहज महसूस कर रहे हैं लोग

बनियापुर(सारण) : पांच सौ व एक हजार के पुराने नोट बंद होने से आम लोगो का जन-जीवन ही अस्त-व्यस्त हो गया. इन नोटों के बंद होने से रोजमर्रा की जरुरतो को पूरा करने में लोग अपने को असहज और लाचार महसूस कर रहे है. सब्जी दुकान हो, कपड़ा दुकान हो, किराना दुकान हो या फिर […]

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बनियापुर(सारण) : पांच सौ व एक हजार के पुराने नोट बंद होने से आम लोगो का जन-जीवन ही अस्त-व्यस्त हो गया. इन नोटों के बंद होने से रोजमर्रा की जरुरतो को पूरा करने में लोग अपने को असहज और लाचार महसूस कर रहे है. सब्जी दुकान हो, कपड़ा दुकान हो, किराना दुकान हो या फिर दवा दुकान हर जगह दुकानदारो की ओर से इन नोटों को लेने से इंकार करना और छुट्टे रुपये की मांग करने से ग्राहक परेशान हो थक-हार कर बगैर खरीददारी के ही घर लौटने को मजबूर हो रहे है.

हालांकि की पेट्रोल पम्प, मेडिकल स्टोर, अस्पताल, गैस एजेंसी सहित कई जगहों पर बड़े नोटों के परिचालन के विभागीय निर्देश के बाद भी संबंधित कर्मियो की ओर से छुट्टे पैसे नहीं होने का बहाना बनाकर ग्राहकों को टरका दिया जा रहा है, जिससे परेशानी और बढ़ गयी है.

अहले सुबह से ही लग रही है बैंक परिसर और डाकघर में भीड़ : पुराने नोटों को बदलवाने और जमा निकासी को लेकर बैंक खुलने से पूर्व ही सैकड़ो उपभोक्ताओं की भीड़ अहले सुबह से ही प्रखंड के अलग-अलग बैंक परिसर और डाकघर पहुंच रही है. जहां लोगो को संभालना बैंक प्रबंधन के लिए मुश्किल हो रहा है. हालांकि कही-कही प्रशासनिक स्तर पर इक्के-दुक्के पुलिस बल को तैनात किया गया है,
जो ग्राहकों की भीड़ को कतारबद्ध करने में नाकाफी साबित हो रहा है. जिससे पूरे दिन बैंक परिसर में अफरा-तफरी का माहौल कायम रहता है. अलग से काउंटर नहीं खोले जाने से सबसे ज्यादा परेशानी महिलावो और बुजुर्ग उपभोक्ताओं को उठानी पर रही है. ज्यादातर ग्राहकों का कहना है कि बैंक में पुराने नोटों को जमा तो की जा रही है मगर राशि निकासी के दौरान बार-बार रुपये समाप्त होने को लेकर देर शाम तक कतार में खड़े रहने के बाद भी बैरंग वापस लौटना पड़ रहा है.
जिससे शादी-विवाह का मौसम शुरू होने के साथ खरीदारी प्रभावित हो रही है. इस संबंध में पीएनबी चेतन छपरा के शाखा प्रबंधक एसके दत्ता से बात की गयी तो उन्होंने बताया कि डिमांड के अनुरूप राशि उपलब्ध नहीं होने से उपभोक्ताओं को परेशानी हो रही है. जैसे-जैसे राशि बैंक को उपलब्ध हो रही है. ग्राहकों के बीच निकासी की प्रक्रिया को सुचारू ढंग से शुरू किया जा रहा है.
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