डायरिया पीड़ित बाजार से खरीद रहे दवा
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :03 Jun 2016 4:31 AM (IST)
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लापरवाही. जीवनरक्षक दवाओं का है जिले के सदर अस्पताल व पीएचसी में घोर अभाव जिले में स्वास्थ्य सेवा पूरी तरह चरमरा गयी है. सदर अस्पताल सहित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी जीवन रक्षक दवाओं की कमी हो गयी है. गरीब व असहाय मरीज खुले बाजार से दवा खरीदने को मजबूर हो रहे हैं. छपरा(सारण) : […]
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लापरवाही. जीवनरक्षक दवाओं का है जिले के सदर अस्पताल व पीएचसी में घोर अभाव
जिले में स्वास्थ्य सेवा पूरी तरह चरमरा गयी है. सदर अस्पताल सहित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी जीवन रक्षक दवाओं की कमी हो गयी है. गरीब व असहाय मरीज खुले बाजार से दवा खरीदने को मजबूर हो रहे हैं.
छपरा(सारण) : जिला स्वास्थ्य समिति में संविदा पर बहाल डीपीएम समेत अन्य कर्मियों और सिविल सर्जन के बीच चल रही खींचतान के कारण जिले में स्वास्थ्य सेवा पूरी तरह चरमरा गयी है. प्रमंडलीय मुख्यालय छपरा स्थित सदर अस्पताल से लेकर ग्रामीण इलाकों तक के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी जीवन रक्षक दवाओं की कमी हो गयी है. जिले के सरकारी अस्पतालों में जीवन रक्षक दवाओं का घोर अभाव रहने के कारण गरीब व असहाय मरीजों को भी खुले बाजार से दवा खरीदने को मजबूर होना पड़ रहा है.
स्वास्थ्य मंत्री हैं जिले के प्रभारी मंत्री : यह जिला सूबे के स्वास्थ्य मंत्री तेज प्रताप यादव के प्रभार में है. वह इस जिले के प्रभारी मंत्री हैं. स्वास्थ्य मंत्री के प्रभारवाले सारण जिले में दवा के अभाव जैसी स्थिति वैसे समय में उत्पन्न हुई है, जब डायरिया ने
महामारी का रूप ले लिया है. बड़े पैमाने पर गांव-देहात से लेकर शहर तक लोग डायरिया से पीड़ित हैं. इसके प्रति स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी उदासीन बने हुए हैं.
सर्दी- खांसी की भी दवा नहीं : अापातकालीन मरीजों के लिए स्लाइन सेट, आरएल, डीएनएस, डेक्सोना इंजेक्शन तथा पैरासिटामोल जैसे टेबलेट भी नहीं हैं. एंटी रैबिज
इंजेक्शन तो लंबे समय से बंद ही हो चुका है. वहीं ओपीडी में कफ सिरफ, सिर दर्द, बदन दर्द व सर्दी जुकाम की दवाएं भी नहीं मिल रही हैं. जिले में सरकारी अस्पताल और चिकित्सा सेवा पूरी तरह नकारा बन कर रह गयी है. इसको लेकर मरीजों में गहरा आक्रोश है और आये दिन अस्पतालों में हंगामा जैसी स्थिति बनी हुई है. अस्पतालों में दवा नहीं मिलने के कारण चिकित्साकर्मियों के साथ दुर्व्यवहार भी किया जा रहा है.
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