बनारस व पटना जाने से मिलेगी मुक्ति

Published at :29 May 2016 11:04 PM (IST)
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बनारस व पटना जाने से मिलेगी मुक्ति

खुशखबरी.कल से शुरू हो जायेगा नवजात शिशुओं के लिए आइसीयू नवजात शिशुओं का गहन उपचार कराने के लिए पटना और वाराणसी का चक्कर अब नहीं लगाना पड़ेगा. सदर अस्पताल में नवजात शिशुओं का आइसीयू सीक न्यू बॉर्न केयर यूनिट 31 मई से चालू हो जायेगा. इसकी तैयारी स्वास्थ्य विभाग के द्वारा कर ली गयी है […]

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खुशखबरी.कल से शुरू हो जायेगा नवजात शिशुओं के लिए आइसीयू

नवजात शिशुओं का गहन उपचार कराने के लिए पटना और वाराणसी का चक्कर अब नहीं लगाना पड़ेगा. सदर अस्पताल में नवजात शिशुओं का आइसीयू सीक न्यू बॉर्न केयर यूनिट 31 मई से चालू हो जायेगा. इसकी तैयारी स्वास्थ्य विभाग के द्वारा कर ली गयी है और एसएनबीसीयू में आवश्यक उपकरणों का प्रबंध भी कर लिया गया है. यहां चिकित्साकर्मियों की भी पदस्थापना की गयी है.
छपरा (सारण) : न्यू बॉर्न केयर यूनिट में नवजात शिशुओं के गहन उपचार के लिए सभी आधुनिक उपस्कर उपलब्ध कराये गये हैं. जन्म के तुरंत बाद गहन उपचार नहीं होने के कारण नवजात शिशुओं की होनेवाली मौत पर नियंत्रण के लिए प्रमंडलस्तरीय गहन चिकित्सा कक्ष की स्थापना करीब चार करोड़ की लागत से की गयी है. यह 24 घंटे लगातार कार्य करेगा. यहां चार चिकित्सकों तथा 16 चिकित्साकर्मियों को पदस्थापित किया गया है.
मृत्यु दर में आयेगी कमी : सदर अस्पताल में गहन चिकित्सा कक्ष एसएनबीसीयू चालू हो जाने से नवजात शिशुओं की मृत्यु दर में कमी आयेगी. जन्म के तुरंत बाद नवजात शिशुओं के गहन उपचार की सुविधा नहीं रहने से मरीजों के अभिभावकों को पटना, वाराणसी, गोरखपुर या मुजफ्फरपुर जाना पड़ता है. सीवान तथा गोपालगंज के मरीजों को वाराणसी और गोरखपुर ले जाया जाता है, जबकि सारण के मरीजों को मुजफ्फरपुर या पटना रेफर किया जाता है. स्थानीय स्तर पर सुविधा नहीं रहने के कारण नवजात शिशुओं की मौत दूर-दराज के शहरों में ले जाने के क्रम में ही हो जाती है.
100-200 किमी का करना पड़ता है सफर : नवजात शिशुओं के गहन उपचार के लिए 100 से 200 किमी तक का सफर करना पड़ता है. छपरा से पटना की दूरी 100 किमी है. छपरा से मुजफ्फरपुर की दूरी 125 किमी है. इसी तरह गोरखपुर तथा वाराणसी की दूरी 200 किमी है. उपचार के लिए अस्पताल में चार से छह घंटे का समय लग जाता है, इसी में नवजात शिशु दम तोड़ देते हैं.
प्रमंडल स्तरीय आइसीयू में उपलब्ध होंगी अत्याधुनिक सुविधाएं
24 घंटे कार्य करेगा एसएनबीसीयू
16 चिकित्सकों को किया गया नियुक्त
मिलेगी यह सुविधा
कुपोषण-संक्रमण के शिकार नवजात शिशुओं का गहन उपचार
वार्मर थेरेपी
फोटो थेरेपी
सैक्शन मशीन
ऑक्सीजन
एक्सरे
पैथाेलॉजिकल जांच
एक साथ 14 बच्चों को किया जायेगा भरती
दो वार्डों का किया गया है प्रबंध
एक वार्ड में अस्पताल के बच्चे रहेंगे भरती
दूसरे वार्ड में प्राइवेट अस्पताल के बच्चे रहेंगे
पूरा भवन वातानुकूलित है
डेढ़-डेढ़ टन के 10 एसी लगाये गये हैं
100 केवी का साउंडलेस जेनेरेटर लगाया गया है
चार चिकित्सक किये गये हैं पदस्थापित
12 ए ग्रेड नर्स हैं पदस्थापित
चार चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी हैं पदस्थापित
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