छपरा कोर्ट में विस्फोट : किसी को उड़ाने के लिए बम लेकर पहुंची थी युवती, नौ घायल
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :19 Apr 2016 6:57 AM (IST)
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घटना को अंजाम देने के पहले ही फटा बम, आठ पुलिसकर्मी िकये गये िनलंबित छपरा (कोर्ट) : छपरा सिविल कोर्ट परिसर सोमवार की सुबह बम विस्फोट से दहल उठा. विस्फोट केन बम से हुआ बताया जा रहा है. कोर्ट परिसर में यह बम एक युवती खुशबू कुमारी लेकर पहंुची थी, जो विस्फोट में गंभीर रूप […]
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घटना को अंजाम देने के पहले ही फटा बम, आठ पुलिसकर्मी िकये गये िनलंबित
छपरा (कोर्ट) : छपरा सिविल कोर्ट परिसर सोमवार की सुबह बम विस्फोट से दहल उठा. विस्फोट केन बम से हुआ बताया जा रहा है. कोर्ट परिसर में यह बम एक युवती खुशबू कुमारी लेकर पहंुची थी, जो विस्फोट में गंभीर रूप से घायल हो गयी. उसे सदर अस्पताल में इलाज के बाद पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया गया. वह कुख्यात निकेश राय व अविनाश राय की सहयोगी और महाराजगंज के पूर्व सांसद स्व उमाशंकर सिंह के आवास में हुए तिहरे हत्याकांड के सूचक शशिभूषण सिंह की चचेरी बहन है. विस्फोट में एक बच्चा व एक महिला समेत आठ अन्य लोग भी घायल हुए हैं, जिनका इलाज सदर अस्पताल में चल रहा है.
घटना के बाद कोर्ट परिसर में एसपी पीके राज, डीआइजी अजीत कुमार राय, आइजी पारसनाथ कमिश्नर प्रभात शंकर, डीएम दीपक आनंद समेत कई वरीय पदाधिकारी पहुंचे और जांच-पड़ताल की. घायल युवती खुशबू ने बताया कि मैं निकेश राय के कहने पर बम लेकर किसी को उड़ाने की नीयत से कोर्ट पहुंची थी. इस मामले में आठ पुलिसकर्मियों को िनलंबित कर िदया गया है.
सुबह लगभग 8:45 बजे सिविल कोर्ट के पुराने भवन के पोर्टिकों में विस्फोट हुआ. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सुबह लगभग 6:55 बजे काला जिंस व काला स्लेब पहनी और काली ओढ़नी से मुंह को ढकी एक युवती पोर्टिकों के पास एक मोटरसाइकिल से उतरी. युवती को वहां उतार मोटरसाइकिल सवार कहीं चला गया. पोर्टिकों के पास खड़ी वह युवती किसी को ढूंढ़ रही थी.
चारों तरफ नजर दौड़ाने के बाद वह पोर्टिकों के नीचे स्थित चबूतरे पर एक महिला के पास बैठ गयी. फिर भी उसकी नजर किसी को तलाश रही थी. पास बैठी महिला अमनौर थाने के पिपराही निवासी श्वेता देवी, जो अपने तीन वर्षीय पुत्र सृिष्ट के साथ वहां बैठी थी, ने पुलिस को बताया कि युवती जब मेरे पास बैठी, तो मुझे और मेरे बच्चे को घूर-घूर कर देखने लगी.
उसके देखने के ढंग से मेरा पुत्र डर गया और वहां से चलने की जिद करने लगा. महिला ने बताया कि बच्चे की जिद पर में वहां से उठ गयी और उस युवती को देखते हुए आगे बढ़ने लगी, तभी युवती ने अपना हाथ गरदन पर फेरा और उसके बाद जांघ पर रखे काले रंग के बैग का जीप खोला और बैग के खुलते ही जोरदार धमाका हुआ, जिसके बाद युवती वहीं गिर पड़ी. विस्फोट में वह महिला व उसका पुत्र समेत आठ अन्य लोग भी जख्मी हो गये.
विस्फोट के बाद कोर्ट परिसर में भगदड़ मच गयी़ लोग इधर-उधर भागने लगे. घटना की सूचना जिला अभियोजन पदाधिकारी विजय प्रताप सिंह ने सर्वप्रथम एसपी पीके राज को और उसके बाद डीएम को दिया. घटनास्थल पर एएसपी मनीष कुमार पहुंचे और जख्मी युवती को एंबुलेंस से सदर अस्पताल भेजवाया.
तीन घंटे ऑपरेशन के बाद खुशबू को होश आया, जांघों व हाथों का मांस उड़ा
पटना. पीएमसीएच में भरती 20 वर्षीया युवती खुशबू कुमारी की हालत गंभीर है. हालांकि, ऑपरेशन के बाद उसे होश आ गया. वह इमरजेंसी वार्ड के बेड नंबर 14 पर भरती है. उसका इलाज कर रहे डॉक्टरों का कहना है कि उसकी हालत गंभीर है. विस्फोट में उसके दोनों जांघों आैर हाथों का मांस कट गया है. वहां सिर्फ हड्डी दिखायी दे रही है. हालांकि, एक भी हड्डी टूटी नहीं है, लेकिन पैर और हाथ दोनों डैमेज हो गये हैं. सोमवार की दोपहर 12:30 बजे खुशबू को पीएमसीएच के इमजरेंसी वार्ड में लगया गया, जहां करीब तीन घंटे ऑपरेशन के बाद उसको वार्ड में भरती किया गया.
इमरजेंसी वार्ड के इंचार्ज डॉ अभिजीत सिंह ने बताया कि खुशबू को होश में ला दिया गया है. वह अपने परिजनों को पहचान रही है. लेकिन, अभी कुछ नहीं कहा जा सकता है. डॉ सिंह ने कहा कि इमरजेंसी के बाद खुशबू का इलाज प्लास्टिक सर्जरी विभाग में चलेगा, वहां जांघों व हाथों का इलाज किया जायेगा. वहां इलाज के बाद बताया जायेगा कि खुशबू की स्थिति कैसी रहेगी. इलाज के दौरान उसके घरवाले साथ थे.
ऐसे तो कोर्ट से लोगों का भरोसा उठ जायेगा
इधर हाइकोर्ट ने लगायी फटकार, कहा
पटना : पटना हाइकोर्ट ने छपरा कोर्ट परिसर में विस्फोट की घटना पर सरकार को कड़ी फटकार लगायी है. कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश इकबाल अहमद अंसारी और जस्टिस समरेंद्र प्रताप सिंह के कोर्ट ने छपरा के जिला सत्र न्यायाधीश की सूचना को संज्ञान लेते हुए मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह, डीजीपी पीके ठाकुर और गृह सचिव आमिर सुबहानी को तलब किया. दोपहर बाद तीनों अधिकारी कोर्ट पहुंचे, तो मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि इस तरह से कोर्ट परिसर में आपराधिक वारदात होती रही, तो लोगों का कोर्ट से भरोसा उठ जायेगा. कोर्ट ने आरा, मुजफ्फरपुर और पटना की घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार ने अब तक कोर्ट परिसर की सुरक्षा के लिए क्या इंतजाम किया है? कोर्ट ने सरकार को 25 अप्रैल को पूरी रिपोर्ट पेश करने को कहा है.
सरकार की ओर से प्रधान अपर महाधिवक्ता ललित किशोर ने कोर्ट से कहा कि अदालत परिसरों की सुरक्षा के लिए सरकार की एजेंसी बेलट्राॅन को व्यापक योजना तैयार करने को कहा है. सभी कोर्ट परिसर में सीसीटीवी, मेटल डिटेक्टर आदि लगाये जायेंगे. मुख्य सचिव, गृह सचिव और डीजीपी ने खंडपीठ को बताया कि छपरा की घटना को सरकार ने गंभीरता से लिया है. सात पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है. बाकी कार्रवाई भी की जा रही है.
कोर्ट ने कहा कि गवाहों की सुरक्षा जरूरी है. उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि किस प्रकार अदालत परिसर की सुरक्षा की जायेगी. इस पर प्रधान महाधिवक्ता ने कहा कि आरा की घटना के बाद वहां कोर्ट परिसर की सुरक्षा के लिए चौकसी बढ़ायी गयी थी. लेकिन, वकीलों की ओर से इसका विरोध किया गया. इसके बाद एसपी को वहां से हट जाना पड़ा था. उनका कहना था कि सरकार को कुछ इस तरह की समस्याओं का भी सामना करना पड़ता है. इस पर कोर्ट ने कहा कि आप लोग देखें, इस तरह की समस्या का समाधान किस प्रकार हो सकता है. लेकिन, गवाह और कोर्ट परिसर की सुरक्षा सबसे जरूरी है. इस मामले की अगली सुनवाई 25 अप्रैल को होगी.
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