राजनीति. कई पंचायतों में पत्नियां आजमा रही हैं भाग्य , किस्मत के साथ रिश्तों की होगी अग्निपरीक्षा

Published at :31 Mar 2016 6:08 AM (IST)
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राजनीति. कई पंचायतों में पत्नियां आजमा रही हैं भाग्य , किस्मत के साथ रिश्तों की होगी अग्निपरीक्षा

ताज लाने व अपनी क्षमता साबित करने का दोहरा चैलेंज होगा आधी आबादी के कंधों पर दिघवारा : प्रखंड के 10 पंचायतों में होनेवाले पंचायत चुनाव के लिए आज से नामांकन की शुरुआत हो जायेगी. नामांकन के बाद मत पत्रों की जांच होगी फिर गांव की सरकार में भागीदारी का ख्वाब रखने वाले लोग प्रत्याशी […]

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ताज लाने व अपनी क्षमता साबित करने का दोहरा चैलेंज होगा आधी आबादी के कंधों पर

दिघवारा : प्रखंड के 10 पंचायतों में होनेवाले पंचायत चुनाव के लिए आज से नामांकन की शुरुआत हो जायेगी. नामांकन के बाद मत पत्रों की जांच होगी फिर गांव की सरकार में भागीदारी का ख्वाब रखने वाले लोग प्रत्याशी बन कर राजनीतिक किस्मत को चमकाने की उम्मीद के साथ जनता की अदालत में पहुंच कर जनता जनार्दन से वोट देने का मनुहार करते नजर आयेंगे. आगामी चुनाव में न केवल प्रत्याशियों की राजनीतिक किस्मत का फैसला होगा,
बल्कि रिश्तों की भी अग्निपरीक्षा भी होगी. विशेष कर आधी आबादी के कंधों पर परिवार के ताज को बचाने व जीत दर्ज करने की दोहरी जिम्मेवारी होगी. कहीं -कहीं तो पत्नियों को अपने पतियों के राजनीतिक ताज को बचाने की हरसंभव कोशिश करनी होगी तो कहीं आधी आबादी को अपने परिजनों व रिश्तेदारों द्वारा दी गयी कुरसी की कुरबानी को ध्यान में रखते हुए सम्मान के साथ ताज को फिर से घरों में लाने का डबल चैलेंज होगा.
खुद की जगह पत्नी या अन्य महिला रिश्तेदारों पर जतायेंगे भरोसा : प्रखंड की कई पंचायतों में इस बार कई निवर्तमान पंचायत प्रतिनिधि खुद न लड़ कर चुनावी अखाड़े में अपनी पत्नी या फिर परिवार की अन्य महिला सदस्यों को उतार रहे हैं. कहीं पुरुष प्रतिनिधि बड़ा पद पाने के लिए अपनी कुरसी की कुरबानी देकर अपने घरों की महिलाओं पर दावं खेला है, तो कहीं पुरुष प्रतिनिधियों ने आरक्षण की मार के चलते विवशता पूर्वक ऐसा कदम उठाया है. जो भी हो आधी आबादी को चुनाव जीत कर अपने परिजनों की उम्मीद पर खरा उतरने की हरसंभव कोशिश करनी होगी.
धर्मसंकट की स्थिति उत्पन्न होगी : आगामी चुनाव में प्रत्याशियों की राजनीतिक किस्मत का फैसला होने के साथ- साथ रिश्तों की भी अग्निपरीक्षा होगी और वैसे घरों में धर्मसंकट की स्थिति उत्पन्न होगी, जहां एक ही घर से कई लोग चुनावी अखाड़े में कूद रहे हैं. रामपुर आमी में एक निवर्तमान पंचायत प्रतिनिधि के घर से उनकी पत्नी व भाभी दोनों विभिन्न पदों के लिए चुनावी मैदान में है.उक्त प्रतिनिधि अपनी पत्नी को जिला पार्षद पद के लिए चुनाव लड़ाने का फैसला किया है,
वहीं उनकी भाभी बीडीसी पद के लिए किस्मत आजमाएंगी. अब उक्त प्रतिनिधि के सामने धर्म संकट की स्थिति होगी कि वो किसका ज्यादा साथ देंगे? यहीं के एक निवर्तमान बीडीसी व पूर्व प्रखंड प्रमुख भी इस बार खुद चुनावी मैदान में न कूद कर अपनी पत्नी को जिला पार्षद का चुनाव लड़ायेंगे. वहीं एक अन्य पूर्व प्रखंड प्रमुख भी बीडीसी पद के लिए अपने घर की महिला को उतारने का मन बना चुके हैं. वहीं शीतलपुर के निवर्तमान बीडीसी सदस्य अपनी जगह अपनी पत्नी को खड़ा कर अपने कार्य की मजदूरी मांगेंगे, क्योंकि पंचायत का बीडीसी पद महिला के लिए आरक्षित हो गया है. इसी पंचायत की पैक्स अध्यक्ष बीडीसी पद के लिए किस्मत आजमायेंगी.
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