पहल. दोमंजिला भवन में ऐतिहासिक विरासतों को संजोने के साथ सांस्कृतिक आयोजनों में मिलेगी मदद

Published at :28 Mar 2016 5:37 AM (IST)
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पहल. दोमंजिला भवन में ऐतिहासिक विरासतों को संजोने के साथ सांस्कृतिक आयोजनों में मिलेगी मदद

धरोहरों के दीदार को सुसज्जित म्यूजियम चालू वर्ष में सारणवासियों को नये संग्रहालय का तोहफा मिलने की उम्मीद है. सरकार ने इस मद में एक करोड़ नौ लाख रुपये भेज दिये हैं. जिससे विगत तीन वर्षों से अवरुद्ध छपरा संग्रहालय का निर्माण कार्य जोरों पर है. विभागीय पदाधिकारी को मानें तो अब संग्रहालय के निर्माण […]

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धरोहरों के दीदार को सुसज्जित म्यूजियम

चालू वर्ष में सारणवासियों को नये संग्रहालय का तोहफा मिलने की उम्मीद है. सरकार ने इस मद में एक करोड़ नौ लाख रुपये भेज दिये हैं. जिससे विगत तीन वर्षों से अवरुद्ध छपरा संग्रहालय का निर्माण कार्य जोरों पर है. विभागीय पदाधिकारी को मानें तो अब संग्रहालय के निर्माण में राशि की कमी नहीं है. ऐसी स्थिति में शीघ्र ही इस कार्य को पूरा कराने का प्रयास किया जा रहा है.
छपरा (सदर) : छपरा शहर के जिला स्कूल मैदान परिसर में 12 वें वित्त आयोग के अंतर्गत विरासत संरक्षक प्रक्षेत्र के तहत तीन करोड़ 59 लाख की लागत से बनने वाले छपरा संग्रहालय के निर्माण कार्य का शिलान्यास बिहार सरकार की तत्कालीन श्रम मंत्री व वर्तमान सांसद जनार्दन सिंह सीग्रीवाल ने नौ जून, 2011 को किया था. इसके तहत सरकार के द्वारा प्रथम किस्त में ढाई करोड़ रुपये की राशि मिली थी. इससे वर्ष 11, 12 तथा वर्ष 13 के प्रारंभ में निर्माण कार्य काफी तेजी से हुआ. परंतु, बाद में सरकार ने शेष राशि नहीं दी. फलत: निर्माण कार्य ठप था.
तीन वर्षों तक बकाया राशि के लिए चलता रहा पत्राचार : भवन निर्माण प्रमंडल छपरा के कार्यपालाक अभियंता की मानें तो विगत तीन वर्षों से छपरा संग्रहालय के अधूरे कार्य को पूरा करने के लिए शेष राशि के लिए कम-से-कम दर्जन भर बार पत्राचार किया गया. अंतत: सरकार ने दिसंबर, 2015 में इस मद में राशि स्वीकृति की.
वहीं जनवरी माह के अंतिम सप्ताह में आवंटन भवन निर्माण विभाग को प्राप्त हुआ. तब भवन निर्माण विभाग के प्रधान सचिव के पत्र के आलोक में मिली राशि को खर्च करने व अधूरे कार्य को पूरा करने का काम शुरू हुआ. हालांकि चालू वित्तीय वर्ष में इस मद में मिली राशि के 31 मार्च तक खर्च नहीं हो पाने की आशंका के मद्देनजर कार्यपालक अभियंता द्वारा इस मद में प्राप्त 46 लाख 66 हजार रुपये की राशि विभाग को सरेंडर कर दी है.
वहीं शेष राशि से अधूरे निर्माण कार्यों यथा शौचालय, सड़क, दो मंजिला संग्रहालय की सीढ़ियों, दीवार, खिड़की, परिसर में सड़क निर्माण आदि कार्य जोरों पर चल रहे है. राशि लौटाये जाने के संबंध में पूछे जाने पर कार्यपालक अभियंता रामाधार राम का कहना है कि विभाग का निर्देश था कि चालू वित्तीय वर्ष 15-16 में 31 मार्च तक जितनी राशि खर्च होने की आशंका है, उतनी राशि को रख कर शेष राशि 46 लाख 66 हजार रुपये विभाग को लौटाये गये हैं जो राशि नये वित्तीय वर्ष में मिल जायेगी, जिससे अब कार्य बाधित होने की आशंका नहीं है.
उत्खनन में मिली प्राचीन वस्तुओं को मिला नया ठिकाना
क्या कहते हैं अधिकारी
चालू वर्ष में छपरा संग्रहालय के निर्माण का कार्य पूरा हो जायेगा. विगत तीन वर्षों के बाद सरकार से इस मद में मिली शेष राशि एक करोड़ नौ लाख 66 हजार रुपये से अधूरे कार्य को पूरा कराया जा रहा है. संग्रहालय के निर्माण के बाद ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक धरोहरों को सुरक्षित रखने में जहां सहुलियत होगी, वहीं सांस्कृतिक गतिविधियां भी बढ़ेंगी.
रामाधार राम, कार्यपालक अभियंता, भवन निर्माण, विभाग, छपरा
छपरा संग्रहालय में बन रहा विशाल रंगमंच
12वें वित्त आयोग के तहत बनने वाले इस दो मंजिले भवन में दो अलग-अलग एक -दूसरे से जुड़े भवन बने हैं, जिसमें एक भवन में सारण के विभिन्न ऐतिहासिक क्षेत्रों यथा चिरांद, एकमा, मढ़ौरा आदि विभिन्न स्थानों से मिले प्राचीन धरोहरों की संजोयी जायेंगी. वहीं इस भवन से जुड़े एक दूसरे भवन का भी निर्माण हो रहा है, जिसेमें विशाल रंगमंच बनाया जा रहा है. इस रंगमंच वाले हॉल में 500 कुरसियों की व्यवस्था होगी. संग्रहालय का निर्माण पूरा होने के बाद धरोहरों को संजोने के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन में भी सुविधा होगी.
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