कई जगहों पर टूटा बांध, गांवों में घुसा पानी

Published at :21 Dec 2015 7:43 PM (IST)
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कई जगहों पर टूटा बांध, गांवों में घुसा पानी

कई जगहों पर टूटा बांध, गांवों में घुसा पानी सैकड़ों एकड़ की फसल हुई नष्टतरैया में टूटे बांध की हुई मरम्मत, रुका बहावनोट. फोटो नंबर 21 सीएचपी 7 व 8 है. कैप्सन होगा- जलालपुर में बांध टूटने से हो रहा तेज बहाव व नगरा में डूबे खेत में खड़ा किसान प्रभातखबर टोली, छपरा जिले के […]

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कई जगहों पर टूटा बांध, गांवों में घुसा पानी सैकड़ों एकड़ की फसल हुई नष्टतरैया में टूटे बांध की हुई मरम्मत, रुका बहावनोट. फोटो नंबर 21 सीएचपी 7 व 8 है. कैप्सन होगा- जलालपुर में बांध टूटने से हो रहा तेज बहाव व नगरा में डूबे खेत में खड़ा किसान प्रभातखबर टोली, छपरा जिले के कई स्थानों पर गंडक कैनाल नहर के बांध के टूटने से तबाही मच गयी. अचानक छोड़े गये पानी को कैनाल का कमजोर बांध सह नहीं पाया. इसकी वजह से जहां कई घरों में पानी प्रवेश कर गया है, वहीं कई गांवों के सैकड़ों एकड़ में लगी फसल डूब कर बरबाद हो गयी. जलालपुर संवाददाता के अनुसार, प्रखंड के बंगरा गांव के समीप महाराजगंज से निकलनेवाले पूर्वी गंडक कैनाल के बांध के टूटने से दो दर्जन घरों में नहर का पानी प्रवेश कर गया, जिससे कि वहां अफरा-तफरी का माहौल कायम हो गया. पानी का बहाव इतना तेज गति से था कि किसानों के सैकड़ों एकड़ की खेती बरबाद हो गयी. बीती रात नहर के बांध टूटने से नहर का पानी ग्रामीण कृष्णा सिंह, विनय प्रसाद, राजकिशोर राय, रामराज प्रसाद, मीर हसन अंसारी, वयामत हुसैन, मुकेश कुमार कुशवाहा, ओमप्रकाश, दशरथ ठाकुर आदि के घरों में पानी प्रवेश कर गया. इससे नहर के आसपास में बोये गये आलू, रबी फसल दलहन आदि लगाये गये सैकड़ों एकड़ की फसल को बरबाद कर दिया. ग्रामीणों में रोषग्रामीणों में प्रशासन के प्रति गहरा आक्रोश है. इस संबंध में ग्रामीणों का कहना था कि गंडक दियारा द्वारा तटबंधों का निरीक्षण नहीं किया गया, जिससे कि ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई. अगर समय-समय पर बांधों का निरीक्षण किया जाता, तो शायद ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं होती. वहीं, ग्रामीणों का कहना था कि साइफन से पानी का रिसाव काफी लंबे समय से हो रहा था, मगर इसकी सुधी लेने के लिए विभागीय पदाधिकारी नहीं आये. वहीं, इसकी सूचना पर मौके पर पहुंचे आला अधिकारी की टीम पानी पर काबू पाने का प्रयास में जुटी हुई है. मगर, समाचार प्रेषण तक पानी के बहाव को नहीं रोका जा सका. टीम में डीसीएलआर संजीव कुमार, बीडीओ राजेश भूषण, सीओ इंद्रंश राय आदि शामिल हैं. नगरा संवाददाता के अनुसार, प्रखंड क्षेत्र के रसूलपुर कटेसर गांव स्थित नहर के बांध टूटने से पांच सौ बीघा की फसल बरबाद हो गयी. जानकारी के अनुसार, नेपाल के भैसालोटन से पानी छोड़ा गया है, जो पानी का ज्यादा बहाव होने के कारण बांध तोड़ कर किसानों के खेतों में फैल गया. किसान अवध सिंह, जनक सिंह, बाबूलाल साह, जितेंद्र सिंह, राजनारायण सिंह, नंदलाल राम सहित करीब तीन सौ किसानों की फसल पानी में डूब कर बरबाद हो गयी.इससे किसानों में आक्रोश व्याप्त है. बताते चलें कि गंडक विभाग की लापरवाही के कारण हर वर्ष क्षेत्र के किसी-न-किसी जगह पर बांध टूट जाता है, जिसमें किसानों की लगे फसल बरबाद हो जाती है. खबर सुनते ही नगर अंचलाधिकारी अरविंद कुमार, कृषि सलाहकार अरविंद कुमार सिंह ने टूटे हुए बांध का जायजा लिया और शीघ्र ही टूटे बांध की मरम्मत करने की बात कही. तरैया संवाददाता के अनुसार, प्रखंड के पंचभिंडा बेलहारी गांव स्थित गंडक नहर के टूटे बांध की मरम्मत का कार्य सोमवार को विभाग द्वारा किया गया. गंडक विभाग के जेइ ने नहर बांध टूटने की सूचना पाकर रविवार की रात घटनास्थल पर पहुंच स्थिति का जायजा लिया तथा चूहे के बिल से रिसाव हो रहे पानी को रोकने का प्रयास सोमवार को दर्जनों मजदूरों के द्वारा कराया गया. वहीं, ग्रामीणों ने बांध टूटने की शिकायत मढ़ौरा एसडीओ से की थी, जिस पर एसडीओ ने तत्काल नहर के बांध की मरम्मत करने के लिए बीडीओ तथा विभागीय जेइ को भेजा. मरम्मत के बाद पानी का बहाव रुक गया है.

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