एक दर्जन पुलिसकर्मी हुए घायल

Published at :11 Jul 2015 10:03 AM (IST)
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एक दर्जन पुलिसकर्मी हुए घायल

बारिश के कारण पुलिस केंद्र स्थित बैरक संख्या आठ का भवन गिरा आधा दर्जन पुलिसकर्मियों को किया गया पटना रेफर पुलिस केंद्र में मची अफरातफरी पहले से जीर्ण-शीर्ण हालत में था बैरक का भवन छपरा (सारण) : पुलिस केंद्र स्थित बैरक संख्या आठ का भवन गुरुवार की रात करीब एक बजे बारिश के कारण ध्वस्त […]

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बारिश के कारण पुलिस केंद्र स्थित बैरक संख्या आठ का भवन गिरा
आधा दर्जन पुलिसकर्मियों को किया गया पटना रेफर
पुलिस केंद्र में मची अफरातफरी
पहले से जीर्ण-शीर्ण हालत में था बैरक का भवन
छपरा (सारण) : पुलिस केंद्र स्थित बैरक संख्या आठ का भवन गुरुवार की रात करीब एक बजे बारिश के कारण ध्वस्त हो गया. इसमें करीब एक दर्जन पुलिसकर्मीघायल हो गये. जबकि करीब एक दर्जन पुलिसकर्मियों को चोटें आयी हैं. गंभीर रूप से घायल आधा दर्जन पुलिस कर्मियों को पीएमसीएच पटना रेफर कर दिया गया है. इस घटना के बाद पुलिस केंद्र में अफरा-तफरी मच गयी.घायल पुलिसकर्मियों को रात में ही सदर अस्पताल लाकर भरती कराया गया है.
बताया जाता है कि रात करीब एक बजे बैरक का भवन ध्वस्त हुआ, उस समय सभी पुलिसकर्मी गहरी नींद में सो रहे थे. जिस बैरक का भवन ध्वस्त हुआ है, उसकी हालत जीर्ण-शीर्ण बनी हुई थी. इससे एसपी ने पहले ही सरकार को अवगत करा दिया था. तत्कालीन एसपी सुधीर कुमार सिंह ने भी पुलिस भवन निर्माण निगम को पत्र लिख कर सभी बैरकों की मरम्मत कराने का अनुरोध किया था.
रात में ही अस्पताल पहुंचे एसपी : बैरक गिरने से पुलिसकर्मियों के घायल होने की सूचना पाकर रात में ही एसपी सत्यवीर सिंह सदर अस्पताल पहुंचे और उनके उपचार का समुचित प्रबंध करवाया. एसपी श्री सिंह ने सिविल सजर्न विनय कुमार यादव तथा उपाधीक्षक डॉ शंभुनाथ सिंह से बात की. रात में ही सिविल सजर्न तथा उपाधीक्षक भी अस्पताल पहुंचे.
आपातकालीन कक्ष में कई अन्य चिकित्सकों को तुरंत बुलाया गया. सुबह में डीआइजी अजीत कुमार राय तथा एसडीपीओ आरके कर्ण, मुख्यालय डीएसपी बीएन दास अस्पताल पहुंचे. सुबह में डीआइजी श्री राय के पहुंचने के बाद गंभीर रूप से जख्मी आधा दर्जन पुलिसकर्मियों को पीएमसीएच रेफर कर दिया गया.
कई बार हो चुकी हैं घटनाएं : पुलिस केंद्र के भवन की हालत जीर्ण-शीर्ण रहने के कारण कई बार ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं. अधिकतर बैरक खपरैल हैं.
अगर भवन छत वाली होती, तो बड़ी हादसा हो सकती थी और जो भवन ध्वस्त हुआ है, उसका काफी कम भाग ध्वस्त हुआ था. अगर पूरा भवन ध्वस्त होता, तो घायल की संख्या बढ़ जाती. जो भवन ध्वस्त हुआ है, उसकी मरम्मत करीब एक वर्ष पहले करायी गयी थी.
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