मेकैनिक की लिफ्टर से गिरने से मौत

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 18 Mar 2019 6:58 AM

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तरैया : प्रखंड के पोखरेड़ा निवासी नगीना मांझी के 24 वर्षीय पुत्र लालबाबू मांझी की हाजीपुर-पटना गंगा ब्रिज के निर्माण कार्य के दौरान लिफ्टर से गिरने से शनिवार की देर रात्रि मौत हो गयी. पोखरेड़ा गांव में रविवार को जैसे ही मृत मेकैनिक लालबाबू मांझी का शव पहुंचा गांव में कोहराम मच गया. होनहार व […]

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तरैया : प्रखंड के पोखरेड़ा निवासी नगीना मांझी के 24 वर्षीय पुत्र लालबाबू मांझी की हाजीपुर-पटना गंगा ब्रिज के निर्माण कार्य के दौरान लिफ्टर से गिरने से शनिवार की देर रात्रि मौत हो गयी. पोखरेड़ा गांव में रविवार को जैसे ही मृत मेकैनिक लालबाबू मांझी का शव पहुंचा गांव में कोहराम मच गया.
होनहार व मिलनसार युवक का शव देखने को रविवार की दोपहर बाद लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी. सब की जुबान पर बस एक ही आवाज थी कि आखिर कैसे लालबाबू की मौत हो गयी.
सूचना पाकर जदयू के वरिष्ठ नेता शैलेंद्र प्रताप सिंह पहुंचे तथा मृतक के परिजनों को सांत्वना दी. जदयू नेता श्री सिंह ने मृतक की पत्नी से तरैया थाने में एक आवेदन देने की बात कही.
इस संबंध में मृतक की पत्नी सोनी देवी द्वारा तरैया थाने में दिये गये आवेदन में कहा गया है कि उनके गांव के ही ठेकेदार धर्मेंद्र सिंह व चंद्रकेत सिंह के माध्यम से गंगा ब्रिज पुल पटना में एएफकोनस कंपनी में रिगर के पद पर कार्य के लिए ले गये थे. सात मार्च, 2019 से कार्य कर रहे थे.
16 मार्च की रात कंपनी के कार्यस्थल हाजीपुर में कार्य के दौरान लिफ्टर से गिरने की सूचना वहां कार्यरत कर्मचारियों द्वारा दी गयी. कंपनी के कर्मचारियों द्वारा उन्हें हाजीपुर सदर अस्पताल में ले जाया गया जहां अस्पताल में उनकी मौत हो गयी.
हाजीपुर टाउन थाना पुलिस ने सभी प्रक्रिया पूरी कर शव का पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया. तरैया थाना पुलिस से मृतक की पत्नी ने सरकार व कंपनी से अनुदान राशि के साथ-साथ उचित कार्रवाई की मांग की है. मृत लालबाबू मांझी को कंपनी द्वारा निर्गत आईकार्ड के अनुसार एएफकोनस सिबमोस्ट जॉइंट वेंचर अंकित इंगल जॉब न. 1324, डेजिगनेशन रिगर, उम्र 24, कार्ड की वैधता 07.03.19 से 30.03.19 अंकित है.
इस पर अॉथराइज्ड सिग्नेचर संजीव कुमार का हस्ताक्षरयुक्त कार्ड परिजनों द्वारा दिखाया गया. लालबाबू को डेढ़ वर्ष का एक पुत्र प्रियांशु है जिसके ऊपर से पिता का साया सदा के लिए उठ गया. डेढ़ वर्षीय बालक अभी कुछ भी समझने से अनजान है. वहीं पत्नी सोनी देवी के चीत्कार से सांत्वना देने वालों का दिल दहल जा रहा था.
सोनी बार – बार पति के शव के पास बेसुध होकर गिर रही थी. वहीं लालबाबू की माता कबूतरी देवी, पिता नगीना मांझी पुत्र के वियोग में चीत्कार मार – मार कर शव के पास रो रहे थे. लालबाबू दो भाइयों में छोटा था जबकि बड़े भाई घर पर ही रहते हैं. लालबाबू अपने माता-पिता के बुढ़ापे की लाठी था. वह परिवार का एकमात्र कमाऊ सदस्य था.
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