फर्जी निकासी मामले में पीओ, जेई लेखापाल और पीआरएस बर्खास्त

Updated at : 08 Aug 2018 3:17 AM (IST)
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फर्जी निकासी मामले में पीओ, जेई लेखापाल और पीआरएस बर्खास्त

बिना काम शुरू किये 5.976 लाख रुपये की कर ली गयी निकासी छपरा (सदर) : तरैया प्रखंड में पदस्थापित मनरेगा के पीओ, जेई, लेखापाल तथा पीआरएस को बिना काम कराये पांच लाख रुपये निकासी कर गबन कर लेने के आरोप में डीएम सुब्रत कुमार सेन ने बर्खास्त कर दिया है. मामला तरैया प्रखंड की डुमरी […]

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बिना काम शुरू किये 5.976 लाख रुपये की कर ली गयी निकासी

छपरा (सदर) : तरैया प्रखंड में पदस्थापित मनरेगा के पीओ, जेई, लेखापाल तथा पीआरएस को बिना काम कराये पांच लाख रुपये निकासी कर गबन कर लेने के आरोप में डीएम सुब्रत कुमार सेन ने बर्खास्त कर दिया है. मामला तरैया प्रखंड की डुमरी पंचायत के शिव मंदिर के निकट पोखर की उड़ाही से जुड़ा है. मामला प्रकाश में आने के बाद डीएम श्री सेन ने गत माह में तरैया थाने में इन कर्मियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया था. जांच रिपोर्ट के अवलोकन के बाद डीडीसी रौशन कुशवाहा की अनुशंसा पर चारों कर्मियों को बर्खास्त कर दिया गया है. बर्खास्त कर्मियों में मनरेगा के कार्यक्रम पदाधिकारी सुधीर चौधरी, पीआरएस सरोज कुमार पांडेय, कनीय अभियंता जितेंद्र कुमार शर्मा तथा लेखापाल सुजीत कुमार शामिल हैं.
डीएम ने ने बताया कि जहां-जहां भी अनियमितता की शिकायतें मिली हैं, वहां पदाधिकारियों की टीम से जांच करायी जा रही है. जांच के बाद किसी भी स्थिति में गड़बड़ी करनेवालों को नहीं बख्शा जायेगा. मनरेगा के इन चारों कर्मियों के विरुद्ध बर्खास्तगी की कार्रवाई के बाद मनरेगा के जुड़े पदाधिकारियों एवं कर्मियों में भी चर्चाएं हैं. बताते चलें कि तरैया प्रखंड की डुमरी पंचायत में 8.34 लाख रुपये के फर्जीवाड़े का मामला प्रकाश में आने पर पंचायत की योजनाओं की जांच 20 जुलाई को डीआरडीए के निदेशक व डीडीसी ने स्वयं की.
मामला मनरेगा योजना में गबन का, डीडीसी की अनुशंसा पर डीएम ने की कार्रवाई
बीडीओ ने दर्ज करायी थी फर्जीवाड़े की प्राथमिकी
जांच के बाद डीडीसी ने तरैया के बीडीओ को उक्त पंचायत के मुखिया व पंचायत रोजगार सेवक पर 24 घंटे के अंदर प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश निर्गत किया था. डीडीसी के आदेश के आलोक में बीडीओ राकेश कुमार ने तरैया थाने में एक प्राथमिकी दर्ज करायी, जिसमें कहा गया है कि डीआरडीए के निदेशक द्वारा तरैया प्रखंड की ग्राम पंचायत डुमरी में वित्तीय वर्ष 2018-19 में मनरेगा योजना अंतर्गत डुमरी शिव मंदिर के पास पोखर के जीर्णोद्धार की योजना की जांच की गयी. योजना की प्राक्कलित राशि 8.34 लाख रुपये है तथा इस योजना पर जांच की तिथि तक 5.976 लाख रुपये की निकासी की गयी है. योजना के स्थल निरीक्षण में पोखर की खुदाई का कोई साक्ष्य नहीं पाया गया. इसके बाद स्पष्ट हो गया कि मुखिया कमल देवी, पीआरएस सरोज कुमार पांडेय, कनीय अभियंता जीतेंद्र शर्मा व कार्यक्रम पदाधिकारी तरैया सुधीर कुमार चौधरी की मिलीभगत से फर्जीवाड़ा कर सरकारी राशि की निकासी की गयी है.
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