भेल्दी थानाध्यक्ष की मौत हादसा या साजिशन हत्या
Updated at : 03 Jul 2018 4:04 AM (IST)
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पुलिसकर्मी बोले – उग्र ग्रामीणों ने समय पर नहीं होने दिया उपचार, लगा दिया था जाम भेल्दी (अमनौर) : भेल्दी में शनिवार की रात हुई सड़क दुर्घटना में थानाध्यक्ष अमित कुमार की मौत के बारे में अब नयी बातें सामने आ रही हैं. लोगों में चर्चा है कि थानाध्यक्ष की मौत को कही साजिशन हत्या […]
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पुलिसकर्मी बोले – उग्र ग्रामीणों ने समय पर नहीं होने दिया उपचार, लगा दिया था जाम
भेल्दी (अमनौर) : भेल्दी में शनिवार की रात हुई सड़क दुर्घटना में थानाध्यक्ष अमित कुमार की मौत के बारे में अब नयी बातें सामने आ रही हैं. लोगों में चर्चा है कि थानाध्यक्ष की मौत को कही साजिशन हत्या का तो रूप नहीं दिया गया है. भेल्दी पुलिस ने थानाध्यक्ष की मौत के मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली है जिसमें 25 लोगों को नामजद अभियुक्त तथा 100 अज्ञात लोगों को भी अभियुक्त बनाया गया है. प्राथमिकी में उल्लेख है कि अगर भीड़ थानाध्यक्ष को घायल अवस्था में पुलिस पर पथराव कर इलाज के लिए ले जाने से नहीं रोकती तो शायद सही वक्त पर उनका इलाज हो जाता और उनकी जान बच सकती थी.
प्राथमिकी में सड़क जाम करने व पुलिस पर पथराव करने का आरोप है. पुलिसकर्मियों के अनुसार, थानाध्यक्ष की मौत मामले में हत्या की साजिश की बात को नकारा नहीं जा सकता. सूत्रों के अनुसार, जिस तरह से घटना घटी, उसके तुरंत बाद ही घायलावस्था में पुलिसकर्मियों द्वारा थानाध्यक्ष को इलाज के लिए ले जाया जा रहा था. उस समय जाम कर रहे लोगों ने जब देखा कि पुलिस गाड़ी में अमित कुमार को लेकर जाया जा रहा है तो उसके तुरंत बाद सैकड़ों लोगों के एक समूह ने पुलिस पर पथराव करते हुए खदेड़ दिया. इस दौरान काफी वक्त निकल गया था. थानाध्यक्ष जख्मी होकर कराह रहे थे.
पुलिस कर्मी वापस पहुंच जब इलाज के लिए अमित कुमार को ले जा रहे थे, तबतक काफी देर हो चुकी थी. इस बात की चर्चा है कि सड़क जाम कर रहे लोग इतना अमानवीय कैसे हो सकते हैं, जो पुलिसकर्मी किसी भी घटना पर बिना अपनी जान के परवाह किये लोगो की रक्षा करते हैं और जब वही पुलिस कर्मी घायल हुआ तो लोग पुलिस पर पथराव कर घायल थानाध्यक्ष को इलाज से जाने के लिए रोक दिया. क्या यह हत्या की साजिश थी. ऐसा ग्रामीणों के साथ-साथ पुलिस कर्मियों का भी मानना है.
शराब या बालू माफिया ने रची साजिश!
भेल्दी थाने में अपने नौ महीने के कार्यकाल में अमित कुमार कभी भी शराब कारोबारी व बालू माफिया से समझौता नहीं किये. यहां तक कि कभी-कभी अन्य थाना क्षेत्र के एरिया में घुस बालू की गाड़ी को पकड़ते थे. क्या इसी वजह से मौके का फायदा उठा माफियाओं ने घायल को रोक हत्या करने की साजिश रची. आम लोगों में इस बात की भी चर्चा है कि आखिर जब सड़क जाम था तो बसचालक इतना तेजी में बस लेकर कैसे घुसा. जब चालक पुलिस की वर्दी को देख अक्सर अपनी वाहन धीमी कर देते हैं
तो उस वक्त कैसे तेज हुई बस की स्पीड. बस की स्पीड इतनी तेज थी कि ट्रैक्टर के परखच्चे उड़ गये. भीड़ को देख बस की स्पीड अक्सर कम होती है तो इस वक्त स्पीड तेज कैसे हुई? वजह चाहे जो भी हो अब पुलिस को ही खुलासा करना है कि आखिर उनके साथी की मौत कैसे हुई.
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