बंदियों के लिए होगी कैंटीन, नाम व पता होगा ऑनलाइन

छपरा (सदर) : सरकार के कारा सुधार के प्रयासों से छपरा जेल में बंद लगभग 1242 बंदियों को कई नयी सुविधाएं मिलने की जहां उम्मीद जगी है. वहीं कारा के प्रशासनिक व्यवस्था में भी सुधार की उम्मीद है. परंतु, सुरक्षा के मद्देनजर सरकार से दी गयी अत्याधुनिक सुविधाओं की लचर व्यवस्था व पदाधिकारियों व कर्मियों […]
छपरा (सदर) : सरकार के कारा सुधार के प्रयासों से छपरा जेल में बंद लगभग 1242 बंदियों को कई नयी सुविधाएं मिलने की जहां उम्मीद जगी है. वहीं कारा के प्रशासनिक व्यवस्था में भी सुधार की उम्मीद है. परंतु, सुरक्षा के मद्देनजर सरकार से दी गयी अत्याधुनिक सुविधाओं की लचर व्यवस्था व पदाधिकारियों व कर्मियों की कमी अभी भी सबसे बड़ी समस्या बनी हुई है. सरकार के निर्देश के आलोक में कारा में रह रहे सभी बंदियों का नाम, पता, मुकदमे का नंबर आदि ऑनलाइन किया जा रहा है.
वहीं काराधीक्षक की माने तो नये मुलाकाती कक्ष के निर्माण का काम अंतिम दौर में है, जिसमें एक बार छह खिड़की से बंदियों के परिजन अलग-अलग बात कर सकते हैं. वहीं बंदियों के परिजनों के प्रतिक्षा के लिए अलग विजिटर्स कक्ष तैयार किया गया है जिसमें विजिटर्स मैनेजमेंट सिस्टम के तहत मुलाकातियों का भी पूरा ब्योरा एकत्र किया जायेगा. इससे किसी भी समय आवश्यकता पड़ने पर परेशानी नहीं हो. जेल के विजिटर्स कक्ष में भी सीसीटीवी कैमरा लगाया जायेगा.
वहीं जेल के अस्पताल में मरीजों के इलाज, इलाज कराने वाले चिकित्सक तथा उनको उपलब्ध करायी जाने वाली दवा का ब्योरा भी कंप्यूटर में अपलोड किया जायेगा जिससे किसी भी प्रकार की जानकारी आसानी से मिल सके. इसके अलावा सरकार के निर्देश के आलोक में दो टेलीफोन बूथ मंडल कारा में बंदियों की सुविधा के मद्देनजर शुरू किया गया. लाख प्रयासों के बावजूद अबतक किसी भी बंदी ने अपने परिवार का फोन नंबर या मोबाइल नंबर नहीं दिया. सरकार ने निर्देश दिया है कि बंदी के परिवार के सदस्य के नाम प्रीपेड या पोस्टपेड मोबाइल हो उसी नंबर से बंदी अपने परिजनों से बात पूरे दिन भी कभी भी कर सकता है. 6 सीसीटीवी एक पखवारे से खराब : सरकार के द्वारा जेल की सुरक्षा के मद्देनजर वेल्ट्रॉन के माध्यम से जेल परिसर में 16 सीसीटीवी कैमरा पूर्व से लगाया गया है. परंतु, विगत छह माह में धीरे-धीरे सभी सीसीटीवी कैमरे ने काम करना बंद कर दिया. इस दौरान कारा प्रशासन द्वारा वेल्ट्रॉन कंपनी को बार-बार पत्राचार किया गया. परंतु, स्थिति की जस की तस बनी हुई है. ऐसी स्थिति में जेल की सुरक्षा को लेकर स्थानीय पदाधिकारी परेशान हैं. जेल में जेलर का पोस्ट रिक्त है. सहायक जेलर के तीन में से दो पद रिक्त हैं. हालांकि बुधवार को सरकार ने कुछ कक्षपालों की नियुक्ति की है. ऐसी स्थिति में छपरा जेल में भी कुछ नये कक्षपालों की पदस्थापना की उम्मीद है.
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