पूर्णिया में छलके मंत्री लेसी सिंह के आंसू, बोलीं- मुश्किल में कृष्ण की तरह ढाल बने रहे CM नीतीश
लेसी सिंह
Samriddhi Yatra: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ‘समृद्धि यात्रा’ के दौरान पूर्णिया की ऐतिहासिक धरती पर एक बेहद भावुक दृश्य देखने को मिला. मंच पर जनता को संबोधित करते हुए बिहार सरकार की कद्दावर मंत्री लेसी सिंह अचानक फफक-फफक कर रो पड़ीं. उन्होंने भरे गले से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को अपने परिवार का रक्षक और कृष्ण बताया.
Samriddhi Yatra: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा के दौरान पूर्णिया में एक भावुक दृश्य देखने को मिला. जनसभा को संबोधित करते हुए बिहार सरकार की मंत्री लेसी सिंह भावुक हो गईं और भाषण देते-देते मंच पर ही रो पड़ीं.
उन्होंने कहा कि उनके जीवन के कठिन समय में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक अभिभावक की तरह उनके साथ खड़े रहे और कृष्ण की तरह हर संकट से बाहर निकालने में मदद की.
जब मुश्किलों ने घेरा, तब ढाल बने नीतीश कुमार
खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री लेसी सिंह ने अपनी व्यक्तिगत और राजनीतिक यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि उनके जीवन में एक वक्त ऐसा आया था जब चारों तरफ अंधेरा था. उन्होंने रूंधे गले से कहा, “मुझ जैसी साधारण महिला को राजनीति के शीर्ष तक पहुंचाने वाले नीतीश कुमार जी ही हैं. जब मेरे परिवार पर विपत्ति का पहाड़ टूटा, तो मुख्यमंत्री जी मेरे और मेरे परिवार के लिए ‘कृष्ण’ की तरह ढाल बनकर खड़े रहे.” लेसी सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री ने न केवल उनका राजनीतिक अस्तित्व बचाया, बल्कि एक अभिभावक की तरह उन्हें हर संकट से बाहर निकाला.
आधी आबादी के सारथी
आंसू पोंछते हुए मंत्री ने बिहार की महिलाओं से सीधा संवाद किया. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने बिहार की ‘आधी आबादी’ को सिर्फ पंख ही नहीं दिए, बल्कि उन्हें उड़ना भी सिखाया है. लेसी सिंह ने भावुक स्वर में कहा कि आज बिहार की बेटियां और महिलाएं जो सम्मान पा रही हैं, वह नीतीश कुमार के विजन का ही नतीजा है.
500 करोड़ की सौगात
जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने माइक संभाला, तो उन्होंने पूर्णिया के विकास का पिटारा खोल दिया. ‘समृद्धि यात्रा’ के तीसरे चरण में सीएम ने मत्स्य एवं पशुपालन विभाग की करीब ₹500 करोड़ की लागत वाली 200 योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया.
अपने संबोधन में नीतीश कुमार ने बिना नाम लिए पूर्ववर्ती राजद सरकार पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि 2005 से पहले बिहार में क्या हाल था,यह किसी से छिपा नहीं है. तब लोग शाम को घर से निकलने में डरते थे, सड़कें गायब थीं और अराजकता का बोलबाला था. सीएम ने कहा कि हमने बिहार को गर्त से निकालकर शिखर तक पहुंचाया है और अब कानून का राज ही बिहार की असली पहचान है.
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