दिनचर्या में घटित घटनाओं को जोड़कर दी जायेगी विज्ञान व गणित की शिक्षा
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 23 Aug 2024 11:44 PM
प्रशिक्षुओं का हौसला अफजाई करते हुए कहा की समस्या यह नहीं है कि हल कौन करेगा, समस्या यह है कि पहल कौन करेगा
समस्तीपुर : जिला स्तर पर प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन के लिए जिला कार्यक्रम पदाधिकारी प्राथमिक शिक्षा एवं सर्व शिक्षा अभियान मानवेंद्र कुमार राय के निर्देशानुसार सीटीई समस्तीपुर में जिले के सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, प्रत्येक प्रखंड से प्रखंड के एक बीआरपी एवं बीपीएम के लिए एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया. कार्यशाला का शुभारंभ जिला कार्यक्रम पदाधिकारी प्राथमिक शिक्षा एवं सर्व शिक्षा अभियान मानवेंद्र कुमार राय एवं सीटीई के प्राचार्य पवन कुमार सिंह एवं जिला स्तरीय प्रशिक्षक ऋतु राज जायसवाल, मनीषचन्द्र प्रसाद ने किया. डीपीओ एसएसए मानवेन्द्र कुमार राय ने कहा चुनौतियों को दरकिनार करते हुए आगे बढ़ते हुए अपने प्रखंडाधीन विद्यालयों में कक्षा 6, 7 एवं 8 के बच्चों से उनके शिक्षकों द्वारा प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग कार्यक्रम का क्रियान्वयन सफलतापूर्वक करने की चुनौती आप सभी को स्वीकार करनी होगी. उन्होंने प्रशिक्षुओं का हौसला अफजाई करते हुए कहा की समस्या यह नहीं है कि हल कौन करेगा, समस्या यह है कि पहल कौन करेगा. उन्होंने बताया की संसाधन होते नहीं है,बल्कि बनाये जाते हैं. प्राचार्य पवन कुमार सिंह ने बताया कि वर्ग छह से आठ तक के बच्चों को गणित एवं विज्ञान में रुचि लेने को लेकर प्रोजेक्ट के माध्यम से शिक्षा देने की व्यवस्था की गयी हैं. इसको लेकर जिले में शिक्षकों का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है, ताकि वह विद्यार्थियों को प्रोजेक्ट के माध्यम से समझा सके. विद्यार्थियों को विज्ञान और गणित की शिक्षा उनके दिनचर्या में हो रही घटनाओं को जोड़कर बताया जायेगा. इस प्रोजेक्ट को तैयार करने के लिए शिक्षकों का प्रशिक्षित किया जा रहा है. उन्हें बताया जा रहा है कि विद्यालयों में प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग के माध्यम से छात्रों के मानस पटल पर विज्ञान और गणित के अनुप्रयोग को कैसे स्थायी रूप से अंकित किया जा सकता है. इसके तहत विद्यार्थियों को प्रोजेक्ट बनाने को भी दिया जायेगा. इसका मकसद बच्चों में बौद्धिक व तार्किक क्षमता का विकास करना है. साथ ही उन्हें देश और समाज की समस्याओं से भी रूबरू कराना है. जिला प्रशिक्षक ऋतु राज जायसवाल एवं मनीषचन्द्र प्रसाद ने प्रशिक्षण देते हुए कहा कि करके सीखने के कौशल को विकसित करें एवं 21वीं सदी में कौशल के 4-सी ( क्रिटीकल थिंकिंग, कोलेबोरेशन, कम्युनिकेशन एवं क्रिएटिविटी) की महत्वपूर्ण आयाम को साझा किया. प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग शिक्षण पाठ योजना एवं संसाधन सामग्रियां बनाई गई हैं. प्रोजेक्ट-बेस्ड लर्निंग शिक्षण पद्धति से विद्यार्थी अपने वास्तविक जीवन से जुड़ी चुनौतियों को पाठ में दिए गए अवधारणाओं और उपलब्ध सामग्रियों का उपयोग कर उन्हें सुलझाने का प्रयास करते हैं जिससे उनमें वैज्ञानिक दृष्टिकोण का विकास होगा. वर्ग कक्ष में गणित एवं विज्ञान शिक्षा को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से कक्षा 6 से 8 की पाठ्य पुस्तकों के पाठ आधारित प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग कार्यक्रम की शुरुआत 16 जुलाई 2024 को की गई है, जिसमें गणित विषय में कुल 18 प्रोजेक्ट एवं विज्ञान विषय में कुल 24 प्रोजेक्ट से संबंधित एक शिक्षक संदर्शिका को तैयार किया गया है. जिसे गणित एवं विज्ञान विषय पढ़ाने वाले सभी शिक्षकों के द्वारा प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग आधारित कक्षाओं का क्रियान्वन किया जाना है.
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