Samastipur News:प्रखंड में नहीं हैं विभागीय अधिकारी, व्यवस्था बेपटरी

प्रखंड मुख्यालय में अधिकारियों की कमी है. कई विभाग के अधिकारी ही नहीं है. कुछ विभाग प्रभार में चल रहे हैं. जिससे की पूरी व्यवस्था में बेपटरी होती नजर आ रही है
Samastipur News: मोरवा : प्रखंड मुख्यालय में अधिकारियों की कमी है. कई विभाग के अधिकारी ही नहीं है. कुछ विभाग प्रभार में चल रहे हैं. जिससे की पूरी व्यवस्था में बेपटरी होती नजर आ रही है. सहकारिता, शिक्षा और कृषि विभाग में व्यापक घालमेल देखा जा रहा है. अधिकारियों के न होने की वजह से न तो कार्यालय का उचित देखभाल हो पाता है और न ही पंचायत में किसी तरह का कोई निरीक्षण. इससे अधीनस्थ कर्मियों की मनमानी बढ़ती जा रही है. आम लोगों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है. सहकारिता विभाग के पदाधिकारी महीनों से नहीं हैं. इसके कारण धान की खरीदारी बुरी तरह प्रभावित हो रही है. पैक्स अध्यक्षों के द्वारा खुलकर मनमानी किये जाने का मामला सामने आ रहा है. वास्तविक किसान के दरवाजे पर धान की ढेर शोभा बढ़ा रहा है. पैक्स अध्यक्ष अपनी लाभ और लक्ष्य प्राप्त करने के लिए वैसे किसानों से धान खरीदी दिखा रहे हैं जिसके पास जमीन ही नहीं है. कृषि पदाधिकारी के कार्यालय में न रहने के कारण वजह से बीज वितरण की पूरी व्यवस्था में बेपटरी हो चुकी है. न तो लोगों को जानकारी हो पाती है कि कब किस बीज का वितरण होना है और किस किसानों को इसका लाभ मिलेगा. इसी तरह लघु और सीमांत किसान बीज वितरण की व्यवस्था से वंचित हो रहे हैं. जानकारी मिलने के बाद लोगों के द्वारा आवाज तो बुलंद किये जाते हैं लेकिन अधिकारी के न रहने की वजह से पूरी मामला दबकर रह जाता है. शिक्षा विभाग में अधिकारी की नहीं होने की वजह से विद्यालय में व्यवस्था मानक के अनुरूप नहीं देखी जा रही है. कर्मियों का कहना है कि विद्यालयों का निरीक्षण विगत 8 महीने से नहीं हो पा रहा है. जिसके कारण पूरी व्यवस्था चरमराती नजर आ रही है. बीपीआरओ का पद 4 महीने से रिक्त हैं. इसी तरह अल्पसंख्यक समाज कल्याण, जन्म मृत्यु निबंधन, श्रम आदि विभाग के अधिकारी बरसों से यहां नहीं दिखाई दे रहे. जिसके कारण इन व्यवस्था का लाभ लोगों को नहीं मिल रहा है. इसी तरह बाल विकास परियोजना पदाधिकारी भी लगातार प्रभार में चल रहे हैं. जिसके कारण व्यवस्था पर इसका असर देखा जा रहा है. इस बाबत प्रमुख सान्या नेहा का कहना है कि प्रखंड मुख्यालय में इतनी संख्या में अधिकारियों की कमी से व्यवस्था प्रभावित हो रही है. विभाग को अविलंब इस पर ध्यान देने की जरूरत है.
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