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Samastipur News:छात्रों की वास्तविक काबिलियत की होगी जांच

Updated at : 29 Oct 2025 6:27 PM (IST)
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Samastipur News:छात्रों की वास्तविक काबिलियत की होगी जांच

सीबीएसई नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत पढ़ाई और परीक्षा प्रणाली में बड़ा बदलाव कर रहा है. अब छात्रों का मूल्यांकन रटने के बजाय समझ, सोच और ज्ञान के उपयोग की क्षमता के आधार पर होगा.

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Samastipur News:समस्तीपुर: सीबीएसई नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत पढ़ाई और परीक्षा प्रणाली में बड़ा बदलाव कर रहा है. अब छात्रों का मूल्यांकन रटने के बजाय समझ, सोच और ज्ञान के उपयोग की क्षमता के आधार पर होगा. नया ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और सफल परीक्षा सिस्टम शिक्षा की क्वालिटी सुधारने और शिक्षण तरीकों को बेहतर बनाने में मदद करेगा. नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत बोर्ड ऐसा सिस्टम बना रहा है, जिससे छात्रों की समझ, सोच और वास्तविक जीवन में ज्ञान के उपयोग की क्षमता का सही मूल्यांकन किया जा सके. यह बदलाव छात्रों को रटने से हटाकर समझ पर आधारित शिक्षा की ओर ले जायेगा. टेक्नों मिशन स्कूल के प्राचार्य एके लाल ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में कहा गया है कि परीक्षा का मकसद केवल याददाश्त की जांच नहीं, बल्कि बच्चों की योग्यता और समझ का मूल्यांकन होना चाहिए. इसी दिशा में सीबीएसई पहले ही कक्षा 6 से 10 तक के लिए कौशल-आधारित मूल्यांकन ढांचा लागू कर चुका है, जिसमें मैथ्स, साइंस और अंग्रेजी जैसे सब्जेक्ट्स पर विशेष ध्यान दिया जाता है. अब सीबीएसई कक्षा 3, 5 और 8 के लिए सफल नाम की नई परीक्षा शुरू करने जा रहा है. इसका उद्देश्य बच्चों की बुनियादी समझ, लॉजिकल सोच और ज्ञान के उपयोग की क्षमता को आंकना है. यह परीक्षा पूरी तरह ऑनलाइन होगी, जिससे नतीजे जल्दी और सटीक मिलेंगे.

सीखने को बढ़ावा देना मोटिव

नई एजुकेशन पॉलिसी को ध्यान में रखते हुए इसके तहत कक्षा 6 से 12वीं तक पढ़ने वाले हर छात्र को अपनी पढ़ाई पूरी करने व सिलेबस को अच्छे से सीखने को बढ़ावा देना मोटिव है. इसके तहत कम से कम 1200 घंटे पूरे करने पर छात्रों को 40 क्रेडिट अंक मिलेंगे. इसके तहत सभी विषयों को कवर किया जाएगा. क्रेडिट की जानकारी मार्कशीट में लिखी जाएगी. विकसित देशों की शिक्षा व्यवस्था में क्रेडिट सिस्टम का इस्तेमाल किया जाता है. इससे छात्रों को कई तरह के फायदे होते हैं जैसे यह पता चल पाता है कि पढ़ाई करने या सीखने के दौरान छात्र के पास कितना वर्कलोड था और वर्कलोड का उसके डेवलपमेंट पर क्या असर पड़ा.

नेशनल क्रेडिट फ्रेमवर्क की शुरुआत

शिक्षा मंत्रालय ने स्कूल के लेवल पर नेशनल क्रेडिट फ्रेमवर्क की शुरुआत करने की योजना बनाई है. क्लास 5 से इसकी शुरुआत होगी जहां एक छात्र को क्रेडिट लेवल-1 तक पहुंचने के लिए प्रति वर्ष 800 से 1,000 घंटे पूरे करने होते हैं और लेवल-2 तक पहुंचने के लिए कक्षा 8 में उतने ही समय के लिए पढ़ाई करनी होती है. प्रत्येक वर्ष के लिए क्रेडिट स्तर 0.5 तक बढ़ जाएगा. कक्षा 10 में छात्र लेवल तीन पर और कक्षा 12 में लेवल चार पर होगा.बिताए गए घंटों में मूल्यांकन के लिए खेल, योग और संगीत जैसी एक्सट्रा एक्टीविटीज भी शामिल है. छात्रों को अर्जित क्रेडिट के आधार पर ग्रेड प्वाइंट मिलेंगे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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ABHAY KUMAR

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ABHAY KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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