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Samastipur News:वैज्ञानिक चले गांवों की ओर कार्यक्रम के तहत किसानों को मिला प्रशिक्षण

Updated at : 18 May 2025 7:28 PM (IST)
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Samastipur News:वैज्ञानिक चले गांवों की ओर कार्यक्रम के तहत किसानों को मिला प्रशिक्षण

कोरबद्धा टभका परिसर में खरीफ 2025 के लिए वैज्ञानिक चले गांव की ओर कार्यक्रम के तहत किसान गोष्ठी एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न हुआ.

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Samastipur News:विभूतिपुर : प्रखंड के खास टभका उत्तर पंचायत के उत्क्रमित मध्य विद्यालय कोरबद्धा टभका परिसर में खरीफ 2025 के लिए वैज्ञानिक चले गांव की ओर कार्यक्रम के तहत किसान गोष्ठी एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न हुआ. अध्यक्षता समाजसेवी अमरजीत ठाकुर ने की. मुख्य अतिथि भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान क्षेत्रीय केंद्र पूसा के अध्यक्ष डॉ. केके सिंह थे. उन्होंने अपने संबोधन में किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों के महत्व पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि पारंपरिक खेती के तरीकों की तुलना में वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाकर किसान अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकते हैं. डॉ. नायक ने विशेष रूप से तंबाकू, नींबू, पपीता, तिल, सरसों और फूलों की खेती का उल्लेख किया. उन्होंने बताया कि इन फसलों में वैज्ञानिक विधियों जैसे कि उन्नत बीज, उचित उर्वरक प्रबंधन, समय पर सिंचाई, कीट नियंत्रण और रोग प्रबंधन को लागू करके बेहतर गुणवत्ता और अधिक उपज प्राप्त की जा सकती है. उन्होंने मृदा परीक्षण के आधार पर पोषक तत्वों के उपयोग, ड्रिप सिंचाई जैसी जल-कुशल तकनीकों और एकीकृत कीट प्रबंधन रणनीतियों के महत्व पर प्रकाश डाला. डॉ. नायक ने किसानों को नवीनतम कृषि अनुसंधान और तकनीकों से अवगत रहने के लिए प्रेरित किया, ताकि वे बदलते मौसम और बाजार की मांगों के अनुसार अपनी खेती को अनुकूलित कर सकें. उन्होंने किसानों से कृषि विज्ञान केंद्रों और विशेषज्ञों से जुड़ कर आधुनिक तकनीकों का लाभ उठाने का आह्वान किया। कृषि अनुसंधान केन्द्र पूसा के वैज्ञानिक डॉ सतीश नायक और मीरा पांडेय उपस्थित किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि मिट्टी की उर्वरता को बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया. डॉ. नायक ने किसानों को सलाह दी। कहा कि वे एक वर्ष में सोयाबीन, अरहर, मूंग, उड़द, लोविया और अन्य दलहनी फसलों को शामिल करते हुए फसल चक्र को अवश्य अपनायें. उन्होंने कहा कि दलहनी फसलें न केवल मिट्टी को पोषक तत्व प्रदान करती हैं, बल्कि मिट्टी की संरचना को भी बेहतर बनाती हैं, जिससे आने वाली फसलों की पैदावार में वृद्धि होती है. अंत में विशिष्ट अतिथि अवकाश प्राप्त शिक्षक रामदेव राय के द्वारा धन्यवाद ज्ञापन किया गया. अमरजीत ठाकुर ने कार्यक्रम के सफल आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त किया. मौके पर धर्मदेव, रामयतन महतो, रामचरित्र, अशोक सहनी, रंजीत राय सहित दर्जनों किसान मौजूद थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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KRISHAN MOHAN PATHAK

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By KRISHAN MOHAN PATHAK

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