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Samastipur News:मोरवा में अब तक नहीं शुरू हुई धान की खरीदारी

Updated at : 25 Nov 2025 5:58 PM (IST)
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Samastipur News:मोरवा में अब तक नहीं शुरू हुई धान की खरीदारी

प्रखंड क्षेत्र में एक बार फिर धान की खरीदारी में पैक्स के द्वारा व्यापक घालमेल दिखाई दे रहा है.

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Samastipur News:मोरवा : प्रखंड क्षेत्र में एक बार फिर धान की खरीदारी में पैक्स के द्वारा व्यापक घालमेल दिखाई दे रहा है. एक ओर जहां किसान औने-पौने कीमत पर धान बेचने को मजबूर हो रहे हैं वहीं पैक्स की मनमानी खुलकर सामने आ रही है. विभागीय निर्देशों की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही है. धान की खरीदारी के प्रति अब तक पैक्सों के द्वारा कोई पहल नहीं की गयी है. बताया जाता है कि 1 नवंबर से ही धान की खरीदारी के निर्देश दिये गये थे. इसके लिये करीब समर्थन मूल्य 23 सौ प्रति क्विंटल निर्धारण किया गया था. लेकिन किसान इससे वंचित होते नजर आ रहे हैं. न तो धान की खरीदारी संभव हो पा रही है और न ही किसानों को समर्थन मूल्य का लाभ मिल रहा है. नतीजा यह है कि धान काटने के बाद धान का बोरा बड़े किसानों के दरवाजे पर शोभा की वस्तु बना है. वहीं छोटे किसान इसे औने-पौने दाम पर बेचकर रबी की बुवाई कर रहे हैं. दूसरी तरफ पैक्स अध्यक्ष लगातार वैसे किसानों से संपर्क में है जो जमीन में खेती के बजाय कागज पर ही खेती करते आये हैं. हर साल उससे बड़ी मात्रा में धान की खरीदारी दिखाकर कर विभाग को लाखों रुपए का चूना लगाया जाता है. इस बाबत दर्जनों किसानों के द्वारा बताया गया कि धान की खरीदारी शुरू नहीं होने के कारण बाहर से व्यापारी 15 और 16 रुपए किलो धान खरीद रहे हैं जबकि सरकार के द्वारा समर्थन मूल्य इसका 23 रुपए निर्धारित किया गया है. बड़े किसान धान को तैयार कर धान की खरीदारी करने का इंतजार कर रहे हैं लेकिन फिलहाल ऐसा होता नजर नहीं आ रहा है. कई पैक्स अध्यक्षो के द्वारा बताया गया कि अभी खरीदारी के लिए विभाग से कोई निर्देश प्राप्त नहीं हुआ है. वहीं कई किसानों ने बताया कि धान की खरीदारी हो रही है लेकिन उनके गोदाम में एक बोरा भी दिखाई नहीं दे रहा है. बताया जाता है कि आज प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी के नहीं होने की वजह से पैक्स अध्यक्षों की मनमानी खुलकर सामने आ रही है और विभागीय आदेशों की धज्जियां उड़ाई जा रही है. इस बाबत प्रमुख सान्या नेहा के द्वारा बताया गया कि मामला बेहद गंभीर है. प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी को इस पर संज्ञान लेने की जरूरत है लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है. वरीय अधिकारियों को इस बाबत लिखा जायेगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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KRISHAN MOHAN PATHAK

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