AEDO परीक्षा में सेंधमारी की कोशिश, पकड़े गए ‘हाई-टेक’ नकलची, कान के अंदर छिपा रखा था डिवाइस

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नकल करते हुए पकड़े गए अभ्यर्थी की तस्वीर

Bihar News: बीपीएससी की ओर से एईडीओ की परीक्षा ली जा रही है. शुक्रवार को समस्तीपुर में परीक्षा के दौरान ‘हाई-टेक’ नकलची पकड़े गए. इस दौरान दो अभ्यर्थियों को इलेक्ट्रॉनिक गैजेट के साथ पकड़ा गया. फिलहाल, दोनों अभ्यर्थियों को गिरफ्तार कर उनसे पूछताछ की जा रही है.

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Bihar News: समस्तीपुर जिले में बीपीएससी एईडीओ की परीक्षा के दौरान दो अलग-अलग एग्जाम सेंटर से दो अभ्यर्थियों को इलेक्ट्रॉनिक गैजेट के साथ पकड़ा गया. श्री कृष्ण हाई स्कूल जितवारपुर परीक्षा सेंटर से अरविंद कुमार और आरएसबी इंटर हाई स्कूल से सत्यजीत कुमार को पकड़ा गया है.

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कान के अंदर छिपाया था ब्लूटूथ डिवाइस

​पहला मामला जिले के नगर थाना इलाके के आरएसबी इंटर हाई स्कूल का है. यहां सेकंड शिफ्ट की परीक्षा के दौरान सत्यजीत कुमार नाम का अभ्यर्थी जब पेपर दे रहा था तो उसकी हरकतों पर शंका हुई. जब गहराई से जांच की गई, तो अधिकारी दंग रह गए. अभ्यर्थी ने ब्लूटूथ डिवाइस अपने कान के काफी अंदर छिपा रखा था, जिसे सामान्य चेकिंग के दौरान पकड़ पाना मुश्किल था.

केंद्राधीक्षक सह प्राचार्य डॉ. ललित कुमार घोष ने इसकी लिखित सूचना नगर थाना प्रभारी को देते हुए आरोपी को पुलिस के हवाले कर दिया है. सत्यजीत कुमार बेगूसराय जिले का रहने वाला है.

उत्तर प्रदेश का अभ्यर्थी भी शामिल

दूसरा मामला मुफस्सिल थाना इलाके के श्री कृष्ण हाई स्कूल जितवारपुर का है. यहां एग्जाम सेंटर पर फर्स्ट शिफ्ट में अभ्यर्थी को इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के साथ चोरी करते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया है. यहां भी पेपर देने के दौरान ही अभ्यर्थी पर शक हुआ. इसके बाद जब चेकिंग हुई तो इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बरामद किया गया.

अभ्यर्थी की पहचान अरविंद कुमार राय के रूप में हुई है, जो उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले के सुरौनी (कुरौना) का निवासी बताया जा रहा है.

​कड़ी कानूनी कार्रवाई की तैयारी

​दोनों ही मामलों में केंद्राधीक्षकों ने स्थानीय थाने में प्राथमिकी दर्ज करने के लिए आवेदन दिया है. पुलिस मामले की जांच पड़ताल में जुटी है. जिला प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि कदाचार मुक्त परीक्षा संपन्न कराना उनकी प्राथमिकता है और नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा. फिलहाल पुलिस आरोपी अभ्यर्थी से पूछताछ कर रही है ताकि इस गिरोह के अन्य संभावित संपर्कों का पता लगाया जा सके.

एग्जाम सेंटर पर सख्ती के बावजूद सेंधमारी की कोशिश

सभी 31 एग्जाम सेंटर्स पर जैमर लगाए गए थे. इसके बावजूद परीक्षा में हाई-टेक सेंधमारी करने की कोशिश ने परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए है. परीक्षार्थियों ने कान के पर्दे के एकदम करीब छोटे ‘नैनो ब्लूटूथ’ डिवाइस का इस्तेमाल किया. ब्लूटूथ इतना छोटा था कि बाहर से देखने पर बिल्कुल दिखाई नहीं दे रहा था. गहन तलाशी या संदिग्ध गतिविधियों के कारण मामला उजागर हुआ.

नकल करने के लिए परीक्षार्थियों ने पारंपरिक तरीकों को छोड़कर डिजिटल चोरी का सहारा लिया. नैनो ब्लूटूथ जो कि चावल के दाने के बराबर होता है. इस ब्लूटूथ डिवाइस को कान की गहराई में डाला गया था. जबकि एक पतले तार वाले ट्रांसमीटर या सिम-कार्ड स्लॉट वाले डिवाइस को शर्ट के कॉलर या बनियान में सिल दिया गया था.

जानकार बताते हैं कि एग्जाम के बाहर बैठा कोई व्यक्ति मोबाइल के जरिए आंसर बता रहा था, जिसे परीक्षार्थी आसानी से सुन पा रहा था. कई बार मेटल डिटेक्टर भी इन छोटे प्लास्टिक गैजेट को पकड़ने में विफल रहते हैं. पकड़े गए परीक्षार्थियों के खिलाफ कदाचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है और उन्हें निष्कासित कर दिया गया है.

डॉक्टर्स का मानना है कि कान की गहराई में इस तरह के डिवाइस डालना बेहद ही खतरनाक है. अगर यह कान के पर्दे से चिपक जाए, तो सुनने की शक्ति हमेशा के लिए जा सकती है और इसे निकालने के लिए सर्जरी तक की नौबत आ सकती है. इस मामले के बाद अब बीपीएससी जैमर और बायोमेट्रिक जांच को और सख्त करने पर विचार कर रहा है.

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