पहले सीएस ने बरती लापरवाही, फिर किया तीन शिक्षकों को विरमित
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 02 Feb 2025 10:44 PM
जिला मुख्यालय स्थित उच्च माध्यमिक विद्यालय मोहनपुर परीक्षा केंद्र पर नियमों की धज्जियां उड़ाने का मामला सामने आने के बाद आनन-फानन सीएस ने शिक्षकों को मूल विद्यालय में योगदान के लिए विरमित किया.
समस्तीपुर : जिला मुख्यालय स्थित उच्च माध्यमिक विद्यालय मोहनपुर परीक्षा केंद्र पर नियमों की धज्जियां उड़ाने का मामला सामने आने के बाद आनन-फानन सीएस ने शिक्षकों को मूल विद्यालय में योगदान के लिए विरमित किया. बताते चले कि उच्च माध्यमिक विद्यालय मोहनपुर परीक्षा केंद्र पर प्लस टू श्री सुंदर उच्च विद्यालय मुक्तापुर के छात्रों का इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा का केंद्र बनाया गया है. इस परीक्षा केंद्र पर प्रधानाध्यापक सह केंद्राधीक्षक अमर कुमार ने कार्यालय सहायक के रूप में प्लस टू श्री सुंदर उच्च विद्यालय मुक्तापुर के शिक्षक रंजीत कुमार,चुनचुन कुमार एवम संतोष महतो को इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा के सफल संचालन के लिए कार्यालय सहायक के पद पर प्रतिनियुक्ति किया. सीएस को इस बात की जानकारी पूर्व से थी कि उनके केंद्र पर प्लस टू श्री सुंदर उच्च विद्यालय मुक्तापुर के परीक्षार्थियों का केंद्र है. इसके बावजूद सीएस ने उसी विद्यालय के तीन शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति की, जो कई सवाल खड़े कर रहे है. हालांकि जिला शिक्षा विभाग इसपर कार्रवाई करने के बजाए इसे भूल मानते हुए समय से पूर्व सुधार कर लेने की बात कह पल्ला झाड़ने मे लगे है. बताते चलें कि बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा इंटर परीक्षा के लिए जारी गाइडलाइन के अनुसार परीक्षा केंद्र संलग्न वीक्षक, सहयोगी के वार्ड/पाल्या का परीक्षा देने की स्थिति में उन्हें उस केंद्र पर प्रतिनियुक्त नहीं किया जाना है. परीक्षा से एक दिन पूर्व सभी संलग्न वीक्षक व सहयोगी से इस आशय का घोषणा भी लिए जाने का प्रावधान है.
– मामला उच्च माध्यमिक विद्यालय मोहनपुर परीक्षा केंद्र का
इसके बावजूद उच्च माध्यमिक विद्यालय मोहनपुर परीक्षा केंद्र पर केन्द्राधीक्षक ने सुंदर उवि मुक्तापुर के तीन-तीन शिक्षक को रखकर बोर्ड के नियमों की धज्जी उड़ाई. जानकारों का कहना है कि केन्द्राधीक्षक को बोर्ड द्वारा काफी पूर्व में ही उत्तरपुस्तिका,ओएमआर,रॉल शीट, उपस्थिति पत्रक आदि उपलब्ध करा दिया जाता है, जिस पर आवंटित विद्यालय का पूरा डाटा रहता है. इसके बावजूद उसी विद्यालय के शिक्षकों का सहयोगी के लिए नाम का प्रस्ताव भेजना गलत है. सूत्रों की माने तो उक्त तीनों शिक्षकों को एक दिन पूर्व के डेट में रिलीव किया गया. केंद्र पर लगे सीसीटीवी की जांच कराई जाए तो सीएस की पोल खुल जायेगी और जिला शिक्षा विभाग का दावा गलत साबित हो जायेगा. विदित हो कि पूर्व में उक्त परीक्षा केंद्र के सीएस प्लस टू श्री सुंदर उच्च विद्यालय मुक्तापुर में शिक्षक के पद पर तैनात भी थे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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